{"_id":"6ab17d65b5c7956b020d09c4","slug":"onion-arrivals-are-adequate-yet-there-is-a-gap-between-wholesale-and-retail-prices-narnol-news-c-203-1-sroh1011-130280-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: प्याज की आवक पर्याप्त, फिर भी थोक और रिटेल भाव में 20 रुपये का अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: प्याज की आवक पर्याप्त, फिर भी थोक और रिटेल भाव में 20 रुपये का अंतर
विज्ञापन
फोटो संख्या:51- सब्जी मंडी में दुकान में रखी प्याज--संवाद
महेंद्रगढ़। सब्जी मंडी में प्याज के भाव बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। इन दिनों रिटेल में प्याज 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है जबकि आढ़त पर थोक भाव करीब 50 रुपये प्रति किलो है। भाव में इस अंतर के कारण ग्राहकों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
आढ़ती कृष्ण सैनी और सीताराम सैनी के अनुसार मंडी में नासिक से रोज करीब 90 क्विंटल प्याज आ रही है। इसके बावजूद रोज की खपत करीब 40 से 50 क्विंटल है। उनका कहना है कि आवक पर्याप्त होने पर भी अलग-अलग स्तर पर कीमतों में अंतर दिख रहा है। मांग और आवक के हिसाब से भाव में उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है।
रिटेल में क्यों महंगी है प्याज
आढ़ती कृष्ण सैनी ने बताया कि रिटेल दुकानदार मंडी से प्याज खरीदने के बाद परिवहन, छंटाई और दुकान तक पहुंचाने का खर्च भी जोड़ते हैं। इसके अलावा गुणवत्ता के हिसाब से भी भाव तय होता है। अच्छी क्वालिटी और बड़े आकार की प्याज की मांग ज्यादा रहती है, इसलिए वह महंगी बिकती है।
विज्ञापन
घर का बजट हुआ प्रभावित
ग्राहक अनिता, हेमलता और सुमन ने बताया कि प्याज महंगी होने से घर का मासिक बजट बिगड़ रहा है। रोजमर्रा की ज्यादातर सब्जियों में प्याज का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसके दाम बढ़ने से परिवारों का खर्च भी बढ़ जाता है।
विज्ञापन
आढ़ती कृष्ण सैनी और सीताराम सैनी के अनुसार मंडी में नासिक से रोज करीब 90 क्विंटल प्याज आ रही है। इसके बावजूद रोज की खपत करीब 40 से 50 क्विंटल है। उनका कहना है कि आवक पर्याप्त होने पर भी अलग-अलग स्तर पर कीमतों में अंतर दिख रहा है। मांग और आवक के हिसाब से भाव में उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है।
विज्ञापन
रिटेल में क्यों महंगी है प्याज
आढ़ती कृष्ण सैनी ने बताया कि रिटेल दुकानदार मंडी से प्याज खरीदने के बाद परिवहन, छंटाई और दुकान तक पहुंचाने का खर्च भी जोड़ते हैं। इसके अलावा गुणवत्ता के हिसाब से भी भाव तय होता है। अच्छी क्वालिटी और बड़े आकार की प्याज की मांग ज्यादा रहती है, इसलिए वह महंगी बिकती है।
विज्ञापन
घर का बजट हुआ प्रभावित
ग्राहक अनिता, हेमलता और सुमन ने बताया कि प्याज महंगी होने से घर का मासिक बजट बिगड़ रहा है। रोजमर्रा की ज्यादातर सब्जियों में प्याज का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसके दाम बढ़ने से परिवारों का खर्च भी बढ़ जाता है।