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Mahendragarh-Narnaul News: एक चिकित्सक पर तीन विभाग की जिम्मेदारी, कैसे मिले मरीजों को समय पर उपचार

Fri, 11 Oct 2024 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Fri, 11 Oct 2024 01:43 AM IST
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One doctor has the responsibility of three departments, how do patients get timely treatment?
फोटो नंबर-05नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासांउड केंद्र में पूछताछ करते मरीज। संवाद
नारनौल। नारनौल के नागरिक अस्पताल में तीन जगह की जिम्मेदारी एक ही सीनियर चिकित्सक को सौंप रखी है। जिले में सिविल सर्जन, चिकित्सा अधीक्षक का आचार संहिता लगने से पहले तबादला कर दिया गया था।
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इसके बाद अल्ट्रासाउंड की जिम्मेदारी संभाल रहे सीनियर डॉ. धर्मेंद्र सांगवान को रिक्त पदों की भी जिम्मेवारी सौंप दी, लेकिन अब तक सिविल सर्जन व चिकित्सा अधीक्षक नागरिक अस्पताल को नियमित नहीं मिले हैं। ऐसे में डॉ. धर्मेंद्र सांगवान के सिविल सर्जन कार्यालय में जाने से चिकित्सा अधीक्षक की कुर्सी खाली हो जाती है। वहीं एमरजेंसी मरीज के आने से अल्ट्रासाउंड के लिए भी जाना पड़ता है। ऐसे में दोनों जगह का कार्य नहीं हो पाता है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा खाली पदों को भरा नहीं जा रहा है। ऐसा नहीं हैं कि उच्च अधिकारियों को नागरिक अस्पताल के दोनों महत्वपूर्ण उच्च पद रिक्त होने की जानकारी नहीं है, लेकिन फिर भी समाधान नहीं हो पाया है।
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सिविल सर्जन के पास होती जिलेभर के अस्पतालों की जिम्मेदारी

सिविल सर्जन के पास जिलेभर के अस्पतालों की जिम्मेदारी होती है। जिले में महेंद्रगढ़, कनीना, अटेली, नांगल चौधरी सहित करीब 30 सीएसची, पीएचसी आते हैं। ऐसे में अब समय पर अस्पतालों में औचक निरीक्षण भी नहीं हो पा रहे हैं।
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राजस्थान से भी उपचार कराने आते हैं नारनौल

नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1200 से अधिक ओपीडी रहती है। अस्पताल में जिलेभर सहित पड़ोसी राजस्थान के जिलों से भी मरीज उपचार के लिए आते हैं। अगर चिकित्सक ने मरीज की जांच कर अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए पर्ची पर लिख दिया तो अस्पताल में नहीं बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है। जहां अल्ट्रासाउंड अस्पताल में निशुल्क होते हैं, वहीं बाहर 800 से 1000 रुपये मरीजों को देने पड़ रहे हैं। डॉ. धर्मेंद्र सांगवान को अतिरिक्त कार्यभार मिलने से पहले अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 अल्ट्रासाउंड होते थे, लेकिन अब 4-5 मरीजों तक सिमट कर रह गया है।



पहले मरीजों को मिलती थी तारीख, अब वह भी बंद

नागरिक अस्पताल में पहले अल्ट्रासाउंड के ज्यादा मरीज आने पर दो-तीन दिन आगे की तारीख मिल जाती थी, लेकिन अब तो काउंटर पर बैठे कर्मचारी अल्ट्रासाउंड के लिए मना कर रहे हैं। उन्हें न तो कोई तारीख दी जा रही है और न ही अल्ट्रासाउंड हो रहा है। इसकी वजह से मरीज अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।


नागरिक अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक के जल्द आने की संभावना है। वहीं अन्य रिक्त पदों को भी जल्द भर दिया जाएगा।

डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, कार्यवाहक सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल नारनौल।
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