{"_id":"56e9b3734f1c1b5e718b49ba","slug":"narnaul-project-pending-new-bjp-government-budget","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानों को गति मिले, नए प्रोजेक्ट हों मंजूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानों को गति मिले, नए प्रोजेक्ट हों मंजूर
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:56 AM IST
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सड़क
- फोटो : file photo
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प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद सरकार का यह दूसरा बजट है। हालांकि केंद्र के बजट से लोग थोड़े निराश जरूर हैं, मगर प्रदेश सरकार से उनको काफी आशाएं हैं। जिले में चारों विधायक सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी के हैं। रामबिलास शर्मा के रूप में एक मंत्री भी जिले से हैं। ऐसे में इस बजट में जिले को बहुत कुछ मिलने की भी संभावना बताई जा रही है। वहीं अनेक प्रोजेक्ट अभी भी जिले में पेंडिंग पड़े हैं, जिनपर काम होना बाकी है। लोगों को उम्मीद है कि इन कामों को भी इस बजट में पूरा करने का प्रावधान किया जाएगा, इसके अलावा नई योजनाएं भी मिलेंगी। यहां के लोगों की मुख्य मांगों में नहरी पानी और विकास प्रमुख है। जिले में ऐसे अनेक कार्य हैं, जो पिछली सरकार से ही पेंडिंग हैं।
हांसी से एनएच-आठ को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे
कांग्रेस सरकार ने खरक बोंद से लेकर नारनौल होकर राजस्थान के कोटपुतली के पास तक 151 किलोमीटर लंबा फोर लेन बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत यह रोड हिसार-दिल्ली नेशनल हाईवे को दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से जोड़ता। घोषणा के बाद इस रोड के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई, मगर रोड के निर्माण में देरी के कारण सरकार ने टेंडर लेने वाली कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया। इसके बाद यह कार्य अधर में लटका हुआ है। अब मौजूदा सरकार ने इस रोड को नेशनल हाईवे का दर्जा दिलाकर इसके पुराने स्वरूप में थोड़ा परिवर्तन किया है। अब इसे हांसी तक बनाने की बात की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में इसका जिक्र हो और इसके निर्माण में तेजी लाई जाए।
बाईपास का शेष हिस्सा बनाना
नारनौल में बाईपास का निर्माण हो चुका है, मगर फोरलेन के बाईपास को मात्र दो लेन का बनाया गया है। इस बाईपास पर हादसे भी हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि इस बचे हिस्से को पूरा किया जाए। स्थानीय विधायक गत वर्ष नारनौल में आयोजित सीएम की रैली में नारनौल में दूसरा बाईपास बनाने की मांग कर चुके हैं। इसके बारे में कई बार विचार भी किया जा चुका है। शहर के लिए महेंद्रगढ़ रोड को नीरपुर गांव से रेवाड़ी रोड को नांगल चौधरी रोड से जोड़ने वाले बाईपास की मांग भी उठने लगी है।
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नई अनाज मंडी के लिए सामान्य प्लेटफार्म का निर्माण
यहां पर पिछली सरकार ने नई अनाज मंडी तो बना दी, मगर वहां पर प्लेटफार्म का निर्माण नहीं हो पाया है। अब व्यापारी चाहते हैं कि वहां पर प्लेटफार्म का निर्माण हो और मंडी को भी सुचारु रूप से चलाया जाए। प्लेटफार्म न होने के कारण अभी तक मंडी वीरान पड़ी है।
नारनौल में नर्सिंग कालेज खोलना
पिछली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह द्वारा की गई मांग पर यहां नर्सिंग कालेज खोलने की घोषणा की थी, जिसका निर्माण अभी अधूरा है। इसको जल्द पूरा किया जाना चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में इस तरफ भी कोई ध्यान दिया जाए।
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कालेज का निर्माण
नारनौल के साथ लगते गांव पटिकरा में यह आयुर्वेदिक कालेज खोला जाना है। इसका निर्माण कार्य भी चल रहा है, जो लगभग पूरा भी हो गया है। मगर यह कालेज अभी शुरू नहीं हुआ है। अब सरकार को चाहिए कि जल्द ही इसके निर्माण की तरफ ध्यान दिया जाए।
उद्योग धंधे विकसित कराना
यह इलाका बिल्कुल ड्राई है। यहां पर न तो रोजगार के कोई साधन हैं और न ही खेती करने के लिए पानी। किसान भगवान भरोसे हैं तो पढ़े लिखे बेरोजगार युवा उद्योग धंधों के भरोसे। यहां पर कोई बड़ा उद्योग नहीं होने के कारण युवाओं को बाहर जाकर नौकरी करना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ में कोई भी बड़ा उद्योग नहीं है। यह जिला करीब ढाई साल से एनसीआर में शामिल है, मगर यहां कोई बड़ी इकाई लगाने की योजना नहीं बनी है। अगर यहां पर बड़ी इकाई लगाने की योजना बन जाए तो हजारों बेरोजगारों को रोजगार आसानी से मिल सकता है। फिलहाल यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, गुड़गांव, रेवाड़ी, धारुहेड़ा, भिवाड़ी और निमराना जाना पड़ रहा है। उनका समय और धन दोनों खराब हो रहे हैं। यहां पर पालीटेक्निक कॉलेज होने के कारण हर वर्ष हजारों की संख्या में तकनीकी दक्ष युवा निकलते हैं। यदि यहां औद्योगिक इकाई लग जाए तो युवाओं की समस्या का समाधान हो जाएगा।
निजामपुर में लॉजिस्टिक हब खोलना
सरकार ने निजामपुर क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब को मंजूरी दे दी है। इसके लिए जमीन लेने का कार्य भी चल रहा है। अब यहां के लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि लोगों को रोजगार मिल सके।
बाछौद हवाई पट्टी को कारगो एयरपोर्ट बनाना
नारनौल से दस किलोमीटर दूर स्थित गांव बाछोद में हवाई पट्टी बनी है। इस हवाई पट्टी का उपयोग फिलहाल नेता अपने विमान यहां पर उतारने के लिए कर रहे हैं। वैसे तो यहां पर नवंबर 2010 में एयरो स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना भी की गई थी, मगर उसके बाद यहां केवल दो बार ही कार्यक्रम हुए। अब सेंटर की कोई गतिविधियां नहीं हो रही हैं। दिल्ली से नजदीक होने और सर्दियों के मौसम में कोहरा कम होने के कारण मौजूदा प्रदेश सरकार ने इस पट्टी को कारगो एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने का प्रयास भी किया। वहीं कई बार पहले भी इसको कारगो हवाई पट्टी बनाने की मांग उठा चुकी है, ताकि दिल्ली में वायु मार्ग के दबाव को कम किया जा सके। अगर सांसद इसको कारगो हवाई अड्डे का दर्जा दिला देते हैं तो यहां के हजारों बेरोजगार को काफी फायदा होगा।
पीने के पानी की कमी को दूर करना
नारनौल नांगल चौधरी क्षेत्र में पीने के पानी की भारी कमी है। भूजल स्तर 1500 फुट नीचे चला गया है। पेयजल के लाले पड़े हैं। ऐसे में पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा नाबार्ड से 64 गांवों के लिए करोड़ों की पेयजल योजना स्वीकृत कराई थी, अब इस योजना पर काम चल रहा है। बजट में इस ओर ज्यादा ध्यान देने की भी जरूरत है। इसके लिए नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह सदन में मुद्दा उठा चुके हैं।
सड़कों की हालत ठीक कराना
यहां के मुख्य मार्गों की हालत बहुत ही खस्ता है। इस कारण यातायात व्यवस्था भी चरमराई है। नारनौल-महेंद्रगढ़ और नारनौल-रेवाड़ी जैसे मुख्य मार्गों की हालत बहुत ही खराब है। टूटे रोड कांग्रेस सरकार की यहां से हार का मुख्य कारण बने। ऐसे में नई सरकार से लोगों को इन रोडों को ठीक कराने की आस जगी है। लोगों की मांग है कि बजट में ध्यान दिया जाए तो लोगों की बड़ी परेशानी का समाधान हो जाए।
इस बजट के लिए वे तीन मुख्य मांगे उठाएंगे। पहली मांग नारनौल क्षेत्र में मेडिकल कालेज खोलने की है। दूसरी यहां के सिविल अस्पताल को ट्रामा सेंटर बनाने और तीसरी मांग यहां पर बरसात के दिनों में नहरी पानी लाकर नदियों को रिचार्ज कराना है। उन्हें उम्मीद है कि इन तीनों मांगों पर सरकार गौर करेगी।
ओमप्रकाश यादव, विधायक, नारनौल
नांगल चौधरी जैसे क्षेत्र में पानी मुख्य मुद्दा है। इस बजट में वे इस मुद्दे को उठाएंगे। वहीं नांगल चौधरी क्षेत्र में नहरी पानी लाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि बजट में इस तरफ सीएम साहब ध्यान देंगे और क्षेत्र के लोगों की नहरी पानी की वर्षों पुरानी समस्या को दूर करेंगे।
अभय सिंह यादव, विधायक, नांगल चौधरी
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हांसी से एनएच-आठ को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे
कांग्रेस सरकार ने खरक बोंद से लेकर नारनौल होकर राजस्थान के कोटपुतली के पास तक 151 किलोमीटर लंबा फोर लेन बनाने की घोषणा की थी। इसके तहत यह रोड हिसार-दिल्ली नेशनल हाईवे को दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से जोड़ता। घोषणा के बाद इस रोड के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई, मगर रोड के निर्माण में देरी के कारण सरकार ने टेंडर लेने वाली कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया। इसके बाद यह कार्य अधर में लटका हुआ है। अब मौजूदा सरकार ने इस रोड को नेशनल हाईवे का दर्जा दिलाकर इसके पुराने स्वरूप में थोड़ा परिवर्तन किया है। अब इसे हांसी तक बनाने की बात की जा रही है। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में इसका जिक्र हो और इसके निर्माण में तेजी लाई जाए।
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बाईपास का शेष हिस्सा बनाना
नारनौल में बाईपास का निर्माण हो चुका है, मगर फोरलेन के बाईपास को मात्र दो लेन का बनाया गया है। इस बाईपास पर हादसे भी हो रहे हैं। लोगों की मांग है कि इस बचे हिस्से को पूरा किया जाए। स्थानीय विधायक गत वर्ष नारनौल में आयोजित सीएम की रैली में नारनौल में दूसरा बाईपास बनाने की मांग कर चुके हैं। इसके बारे में कई बार विचार भी किया जा चुका है। शहर के लिए महेंद्रगढ़ रोड को नीरपुर गांव से रेवाड़ी रोड को नांगल चौधरी रोड से जोड़ने वाले बाईपास की मांग भी उठने लगी है।
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नई अनाज मंडी के लिए सामान्य प्लेटफार्म का निर्माण
यहां पर पिछली सरकार ने नई अनाज मंडी तो बना दी, मगर वहां पर प्लेटफार्म का निर्माण नहीं हो पाया है। अब व्यापारी चाहते हैं कि वहां पर प्लेटफार्म का निर्माण हो और मंडी को भी सुचारु रूप से चलाया जाए। प्लेटफार्म न होने के कारण अभी तक मंडी वीरान पड़ी है।
नारनौल में नर्सिंग कालेज खोलना
पिछली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र सिंह द्वारा की गई मांग पर यहां नर्सिंग कालेज खोलने की घोषणा की थी, जिसका निर्माण अभी अधूरा है। इसको जल्द पूरा किया जाना चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में इस तरफ भी कोई ध्यान दिया जाए।
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कालेज का निर्माण
नारनौल के साथ लगते गांव पटिकरा में यह आयुर्वेदिक कालेज खोला जाना है। इसका निर्माण कार्य भी चल रहा है, जो लगभग पूरा भी हो गया है। मगर यह कालेज अभी शुरू नहीं हुआ है। अब सरकार को चाहिए कि जल्द ही इसके निर्माण की तरफ ध्यान दिया जाए।
उद्योग धंधे विकसित कराना
यह इलाका बिल्कुल ड्राई है। यहां पर न तो रोजगार के कोई साधन हैं और न ही खेती करने के लिए पानी। किसान भगवान भरोसे हैं तो पढ़े लिखे बेरोजगार युवा उद्योग धंधों के भरोसे। यहां पर कोई बड़ा उद्योग नहीं होने के कारण युवाओं को बाहर जाकर नौकरी करना पड़ रहा है। महेंद्रगढ़ में कोई भी बड़ा उद्योग नहीं है। यह जिला करीब ढाई साल से एनसीआर में शामिल है, मगर यहां कोई बड़ी इकाई लगाने की योजना नहीं बनी है। अगर यहां पर बड़ी इकाई लगाने की योजना बन जाए तो हजारों बेरोजगारों को रोजगार आसानी से मिल सकता है। फिलहाल यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, गुड़गांव, रेवाड़ी, धारुहेड़ा, भिवाड़ी और निमराना जाना पड़ रहा है। उनका समय और धन दोनों खराब हो रहे हैं। यहां पर पालीटेक्निक कॉलेज होने के कारण हर वर्ष हजारों की संख्या में तकनीकी दक्ष युवा निकलते हैं। यदि यहां औद्योगिक इकाई लग जाए तो युवाओं की समस्या का समाधान हो जाएगा।
निजामपुर में लॉजिस्टिक हब खोलना
सरकार ने निजामपुर क्षेत्र में लॉजिस्टिक हब को मंजूरी दे दी है। इसके लिए जमीन लेने का कार्य भी चल रहा है। अब यहां के लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द इस पर कार्य शुरू किया जाए, ताकि लोगों को रोजगार मिल सके।
बाछौद हवाई पट्टी को कारगो एयरपोर्ट बनाना
नारनौल से दस किलोमीटर दूर स्थित गांव बाछोद में हवाई पट्टी बनी है। इस हवाई पट्टी का उपयोग फिलहाल नेता अपने विमान यहां पर उतारने के लिए कर रहे हैं। वैसे तो यहां पर नवंबर 2010 में एयरो स्पोर्ट्स सेंटर की स्थापना भी की गई थी, मगर उसके बाद यहां केवल दो बार ही कार्यक्रम हुए। अब सेंटर की कोई गतिविधियां नहीं हो रही हैं। दिल्ली से नजदीक होने और सर्दियों के मौसम में कोहरा कम होने के कारण मौजूदा प्रदेश सरकार ने इस पट्टी को कारगो एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने का प्रयास भी किया। वहीं कई बार पहले भी इसको कारगो हवाई पट्टी बनाने की मांग उठा चुकी है, ताकि दिल्ली में वायु मार्ग के दबाव को कम किया जा सके। अगर सांसद इसको कारगो हवाई अड्डे का दर्जा दिला देते हैं तो यहां के हजारों बेरोजगार को काफी फायदा होगा।
पीने के पानी की कमी को दूर करना
नारनौल नांगल चौधरी क्षेत्र में पीने के पानी की भारी कमी है। भूजल स्तर 1500 फुट नीचे चला गया है। पेयजल के लाले पड़े हैं। ऐसे में पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने केंद्र सरकार द्वारा नाबार्ड से 64 गांवों के लिए करोड़ों की पेयजल योजना स्वीकृत कराई थी, अब इस योजना पर काम चल रहा है। बजट में इस ओर ज्यादा ध्यान देने की भी जरूरत है। इसके लिए नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह सदन में मुद्दा उठा चुके हैं।
सड़कों की हालत ठीक कराना
यहां के मुख्य मार्गों की हालत बहुत ही खस्ता है। इस कारण यातायात व्यवस्था भी चरमराई है। नारनौल-महेंद्रगढ़ और नारनौल-रेवाड़ी जैसे मुख्य मार्गों की हालत बहुत ही खराब है। टूटे रोड कांग्रेस सरकार की यहां से हार का मुख्य कारण बने। ऐसे में नई सरकार से लोगों को इन रोडों को ठीक कराने की आस जगी है। लोगों की मांग है कि बजट में ध्यान दिया जाए तो लोगों की बड़ी परेशानी का समाधान हो जाए।
इस बजट के लिए वे तीन मुख्य मांगे उठाएंगे। पहली मांग नारनौल क्षेत्र में मेडिकल कालेज खोलने की है। दूसरी यहां के सिविल अस्पताल को ट्रामा सेंटर बनाने और तीसरी मांग यहां पर बरसात के दिनों में नहरी पानी लाकर नदियों को रिचार्ज कराना है। उन्हें उम्मीद है कि इन तीनों मांगों पर सरकार गौर करेगी।
ओमप्रकाश यादव, विधायक, नारनौल
नांगल चौधरी जैसे क्षेत्र में पानी मुख्य मुद्दा है। इस बजट में वे इस मुद्दे को उठाएंगे। वहीं नांगल चौधरी क्षेत्र में नहरी पानी लाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि बजट में इस तरफ सीएम साहब ध्यान देंगे और क्षेत्र के लोगों की नहरी पानी की वर्षों पुरानी समस्या को दूर करेंगे।
अभय सिंह यादव, विधायक, नांगल चौधरी