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बंदरों ने दो माह में 12 बच्चों को काटा

Mon, 24 Jan 2022 10:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 10:45 PM IST
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Monkeys bitten 12 children in two months
आईटीआई महेंद्रगढ़ के मुख्य गेट पर बैठे बंदर। - फोटो : Narnol
शहर में बंदरों का उत्पात दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। बंदरों के उत्पात से शहरवासियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के अनेक मोहल्लों व कॉलोनियों में बंदरों ने आतंक मचाया हुआ है। पिछले दो माह में 12 लोगों को भी बंदरों ने घायल कर दिया है। लोग घरों की छत पर जाने से भी डरते है। सब्जी ले जाने वाले लोगों की थैली भी छीनकर भाग जाते हैं। कई बार तो बाहर सूखे कपड़ों और घर में रखे हुए मोबाइल को भी उठा ले जाते है। छोटे-छोटे बच्चे भी बाहर खेलते रहते है उनको भी बंदरों का भय रहता है कही बंदर काट न लें। शहर के कई स्थानों पर बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर काट चुका है। नागरिक अस्पताल में पिछले दो माह के दौरान करीब एक दर्जन ऐसे मामले आए हैं जो बंदरों के हमले में घायल हुए हैं। शहर वासियों ने प्रशासन से मांग की है शीघ्र से शीघ्र इन बंदरों को पकड़ा जाए।
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इन मोहल्लों के लोग हैं परेशान
शहर के मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला बास, मोहल्ला तिवाड़ियान, आईटीआई रोड, मोहल्ला जवाहर नगर, मोदाश्रम, नागरिक अस्पताल, सैनीपुरा, 11 हट्टा बाजार, चौक मोहल्ला, सदर थाना, सिटी थाना, छाजुपुरम कॉलोनी, दीवान कॉलोनी, नहर कॉलोनी सहित शहर में बंदरों ने उत्पात मचा रखा है।
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छतों पर जाने से भी लगता है डर
मोहल्ले में बंदरों का आतंक इतना अधिक है कि अब छत पर जाने से भी डर लगता है। जब बंदरों के झुंड को भगाने का प्रयास किया जाता है तो काटने को दौड़ते हैं। घरों के अंदर रखी चीजें भी सुरक्षित नहीं हैं।
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-सुनील शर्मा, मोहल्ला नीमड़ी नीचे।
रसोई से भी उठा ले जाते हैं सामान
मोहल्ला पड़ाव में इन दिनों बंदरों का अधिक आतंक है। दिनभर घरों में घुसकर तोड़फोड़ करते हैं। लोग खासे परेशान हैं। कई बार रसोई में रखी सब्जी से लेकर अन्य सामग्री को उठाकर लेकर जाते है। भगाने जाते है तो हमला कर देते हैं।
-महेश कुमार, मोहल्ला पड़ाव।
घरों के बाहर सुरक्षित नहीं बच्चे
बंदरों के आतंक के कारण घरों के बाहर खेल रहे बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। घरों के बाहर बंदरों को झुंड बच्चों पर भी हमला करने से नहीं चूकते। कई बार बच्चों को हमला कर घायल कर चुके हैं।

-सोनू वत्स, मोहल्ला नीमड़ी नीचे।
हाथों से छीन रहे थैलियां, नहीं है भय
लोग सुबह जब सब्जी लेने जाते हैं तो बंदरों के झुंड के झुंड हमला कर थैलियां तक छीन ले जाते हैं। इन्हें किसी का भय नहीं है। शहर में अनेक स्थानों पर लगातार इनकी संख्या भी बढ़ रही है।
-रमजान, मोहल्ला नीमड़ी नीचे।
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