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Mahendragarh-Narnaul News: महाशिवरात्रि आज, भगवान शिव का होगा भव्य शृंगार
Fri, 08 Mar 2024 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 08 Mar 2024 12:39 AM IST
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महेंद्रगढ़। महाशिवरात्रि पर्व के लिए शहरभर में उत्साह का माहौल है। शहर के दोहान नदी स्थित मोदाश्रम मंदिर में महाशिवरात्रि शिव बरात का साप्ताहिक महोत्सव के दौरान महिला संगीत का आयोजन किया गया।
वीरवार को भगवान शिव व मां पार्वती के विवाह से पूर्व महिला संगीत कार्यक्रम संपन्न हुआ। मातृशक्ति द्वारा भगवान शिव के विवाहोपलक्ष्य की पूर्व संध्या पर ढ़ोल की थाप की ध्वनि पर शिव व पार्वती के मंगल गीत गाए। मंगल गीतों से पूरा मंदिर शिवमय हो गया। भजनों के साथ-साथ महिलाओं ने नृत्य भी किया। कार्यक्रम में 400 से अधिक महिलाएं उपस्थित रहीं। मोदाश्रम मंदिर समिति अध्यक्ष दयाशंकर तिवाड़ी व सुधीर दीवान ने बताया कि मोदाश्रम शिव सेवादल कार्यकर्ता समर चौधरी की टीम द्वारा भगवान शिव के विवाह की सभी रस्में निभाई जा रही है। मोदाश्रम मंदिर में स्थित शिवलिंग को अलग-अलग दिन विभिन्न तरीकों से सजाया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ अलग-अलग रूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे। उन्होंने बताया कि भगवान चंद्रमोली का शृंगार किया गया। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को शिव-पार्वती विवाह व महाआरती की जाएगी। शुक्रवार को शिव नवरात्रि के महाशिवरात्रि पर दूल्हा रूप में दर्शन देने के साथ भगवान चंद्रमोली का सप्तधान रूप में श्रृंगार कर फल व फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा।
महाशिवरात्रि का मेला आज
महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। मोदाश्रम मंदिर में मेले का आयोजन किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया की शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर त्रयोदशी वृद्धा चतुर्दशी तिथि का संयोग है। इसमें त्रयोदशी तिथि या प्रदोष व्रत का आरंभ करना बहुत शुभ रहता है।
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चार पहर की पूजा विधान और उसका समय
महाशिवरात्रि के दिन निशिता काल और चार पहर की पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि इन चार पहर में पूजा करने से मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पहले पहर में दूध से, दूसरे में दही से, तीसरे में शुद्ध देसी घी व चौथे पहर में शहद से अभिषेक किया जाता है। चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 8 मार्च को रात 9:57 बजे होगा और 9 मार्च को शाम 6:17 बजे तक रहेगी।
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वीरवार को भगवान शिव व मां पार्वती के विवाह से पूर्व महिला संगीत कार्यक्रम संपन्न हुआ। मातृशक्ति द्वारा भगवान शिव के विवाहोपलक्ष्य की पूर्व संध्या पर ढ़ोल की थाप की ध्वनि पर शिव व पार्वती के मंगल गीत गाए। मंगल गीतों से पूरा मंदिर शिवमय हो गया। भजनों के साथ-साथ महिलाओं ने नृत्य भी किया। कार्यक्रम में 400 से अधिक महिलाएं उपस्थित रहीं। मोदाश्रम मंदिर समिति अध्यक्ष दयाशंकर तिवाड़ी व सुधीर दीवान ने बताया कि मोदाश्रम शिव सेवादल कार्यकर्ता समर चौधरी की टीम द्वारा भगवान शिव के विवाह की सभी रस्में निभाई जा रही है। मोदाश्रम मंदिर में स्थित शिवलिंग को अलग-अलग दिन विभिन्न तरीकों से सजाया जा रहा है। भगवान भोलेनाथ अलग-अलग रूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे। उन्होंने बताया कि भगवान चंद्रमोली का शृंगार किया गया। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को शिव-पार्वती विवाह व महाआरती की जाएगी। शुक्रवार को शिव नवरात्रि के महाशिवरात्रि पर दूल्हा रूप में दर्शन देने के साथ भगवान चंद्रमोली का सप्तधान रूप में श्रृंगार कर फल व फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा।
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महाशिवरात्रि का मेला आज
महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। मोदाश्रम मंदिर में मेले का आयोजन किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित राहुल भारद्वाज गढ़ी ने बताया की शुक्रवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि पर त्रयोदशी वृद्धा चतुर्दशी तिथि का संयोग है। इसमें त्रयोदशी तिथि या प्रदोष व्रत का आरंभ करना बहुत शुभ रहता है।
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चार पहर की पूजा विधान और उसका समय
महाशिवरात्रि के दिन निशिता काल और चार पहर की पूजा करने का विधान है। माना जाता है कि इन चार पहर में पूजा करने से मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। पहले पहर में दूध से, दूसरे में दही से, तीसरे में शुद्ध देसी घी व चौथे पहर में शहद से अभिषेक किया जाता है। चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 8 मार्च को रात 9:57 बजे होगा और 9 मार्च को शाम 6:17 बजे तक रहेगी।