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टंकियों में मिला लार्वा, चार को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो/नारनौल
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:29 AM IST
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मेघोत बींजा में लगातार डेंगू के संदिग्ध मरीज मिलने से गुस्साए ग्रामीणों के जाम लगाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची।
विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव में पहुंचकर समस्या का जायजा लिया और 75 घरों की टंकियों की जांच की। जांच में डेंगू का लार्वा मिलने पर चार को नोटिस के साथ अन्य को सफाई के निर्देश दिए हैं।
मेघोत बींजा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश गलियों में निकासी व्यवस्था नहीं। आम रास्तों में घरों से निकला गंदा पानी एकत्रित हो गया। प्रदूषित वातावरण में ग्रामीणों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया।
ग्रामीणों के मुताबिक संदिग्ध डेंगू मरीजों का इलाज नांगल चौधरी, नारनौल, कोटपूतली के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। लगातार प्लेटलेट्स गिरने से 20 मरीजों को जयपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालात चिंताजनक बनी हुई है।
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परेशान ग्रामीणों ने 12 नवंबर को बैठक आयोजित की, इसमें स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के विरोध रोष प्रदर्शन किया। चिकित्सक मनीष यादव के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची और घर-घर जाकर जांच की।
उस दौरान करीब 6 से 7 लोगों की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मिला। इसके बावजूद विभाग ने दवाई उपलब्ध नहीं करवाई बल्कि फॉगिंग करवा पीछा छुड़ा लिया।
रविवार को 6-7 पीड़ितों की डेंगू के संदिग्ध सामने आने पर गुस्साए ग्र्रामीणों ने नांगल चौधरी वाया धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग पर यातायात बाधित कर दिया।
बीगोपुर पीएचसी के चिकित्सक अनिल कुमार उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। जिला मलेरिया अधिकारी डा. अश्विनी रोहिल्ला मेघोत बींजा पहुंचे। उन्होंने मरीजों की स्थिति का जायजा लिया तथा घरेलू टंकियों से पानी का सैंपल लिए। कई टंकियों में डेंगू के लार्वा मिलने पर टंकियों की सफाई के निर्देश दिए हैं।
- निशुल्क मिले फॉगिंग की सुविधा
ग्रामीण बीरसिंह, अजीत, रामलाल, मनोज, विक्रम, महेश आदि ने बताया कि विभाग फॉगिंग का चार्ज लेता है। ग्रामीण दो बार चंदा एकत्रित कर दो बार फॉगिंग करवा चुके हैं। अब बार-बार चंदा जुटाना संभव नहीं। उन्होंने विभाग से निशुल्क फॉगिंग करवाने की गुहार लगाई है।
टंकियों पर नहीं मिले ढक्कन
डा. अश्विनी रोहिल्ला के मुताबिक ग्रामीणों की पेयजल व्यवस्था सार्वजनिक टंकियों पर निर्भर है। अधिकांश टंकियों पर पर ढक्कन नहीं मिले और गंदगी पड़ी हुई है। डेंगू मच्छर स्वच्छ पानी पर अंडे देता है। पानी से भरे घड़ों के माध्यम से डेंगू मच्छर घरों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति से पंचायत और जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया।
कोट्स
घरेलू टंकियों में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले हैं। टंकियों की सफाई करवाने के निर्देश दिए है। सफाई प्रक्रिया का विरोध करने पर चार ग्रामीणों को नोटिस जारी कर दिए। 75 घरों की पेयजल टंकियों को खाली करवा दिया गया। - डा. अश्विनी रोहिल्ला, डीएमओ
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विभाग की टीम ने मंगलवार को गांव में पहुंचकर समस्या का जायजा लिया और 75 घरों की टंकियों की जांच की। जांच में डेंगू का लार्वा मिलने पर चार को नोटिस के साथ अन्य को सफाई के निर्देश दिए हैं।
मेघोत बींजा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव की अधिकांश गलियों में निकासी व्यवस्था नहीं। आम रास्तों में घरों से निकला गंदा पानी एकत्रित हो गया। प्रदूषित वातावरण में ग्रामीणों को सांस लेना भी मुश्किल हो गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक संदिग्ध डेंगू मरीजों का इलाज नांगल चौधरी, नारनौल, कोटपूतली के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। लगातार प्लेटलेट्स गिरने से 20 मरीजों को जयपुर रेफर कर दिया गया। उनकी हालात चिंताजनक बनी हुई है।
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परेशान ग्रामीणों ने 12 नवंबर को बैठक आयोजित की, इसमें स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के विरोध रोष प्रदर्शन किया। चिकित्सक मनीष यादव के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची और घर-घर जाकर जांच की।
उस दौरान करीब 6 से 7 लोगों की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मिला। इसके बावजूद विभाग ने दवाई उपलब्ध नहीं करवाई बल्कि फॉगिंग करवा पीछा छुड़ा लिया।
रविवार को 6-7 पीड़ितों की डेंगू के संदिग्ध सामने आने पर गुस्साए ग्र्रामीणों ने नांगल चौधरी वाया धोलेड़ा-नारनौल सड़क मार्ग पर यातायात बाधित कर दिया।
बीगोपुर पीएचसी के चिकित्सक अनिल कुमार उपचार सुविधा उपलब्ध करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। जिला मलेरिया अधिकारी डा. अश्विनी रोहिल्ला मेघोत बींजा पहुंचे। उन्होंने मरीजों की स्थिति का जायजा लिया तथा घरेलू टंकियों से पानी का सैंपल लिए। कई टंकियों में डेंगू के लार्वा मिलने पर टंकियों की सफाई के निर्देश दिए हैं।
- निशुल्क मिले फॉगिंग की सुविधा
ग्रामीण बीरसिंह, अजीत, रामलाल, मनोज, विक्रम, महेश आदि ने बताया कि विभाग फॉगिंग का चार्ज लेता है। ग्रामीण दो बार चंदा एकत्रित कर दो बार फॉगिंग करवा चुके हैं। अब बार-बार चंदा जुटाना संभव नहीं। उन्होंने विभाग से निशुल्क फॉगिंग करवाने की गुहार लगाई है।
टंकियों पर नहीं मिले ढक्कन
डा. अश्विनी रोहिल्ला के मुताबिक ग्रामीणों की पेयजल व्यवस्था सार्वजनिक टंकियों पर निर्भर है। अधिकांश टंकियों पर पर ढक्कन नहीं मिले और गंदगी पड़ी हुई है। डेंगू मच्छर स्वच्छ पानी पर अंडे देता है। पानी से भरे घड़ों के माध्यम से डेंगू मच्छर घरों तक पहुंच रहे हैं। स्थिति से पंचायत और जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया।
कोट्स
घरेलू टंकियों में डेंगू मच्छर के लार्वा मिले हैं। टंकियों की सफाई करवाने के निर्देश दिए है। सफाई प्रक्रिया का विरोध करने पर चार ग्रामीणों को नोटिस जारी कर दिए। 75 घरों की पेयजल टंकियों को खाली करवा दिया गया। - डा. अश्विनी रोहिल्ला, डीएमओ