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गायों की मौत के मामले में गोशाला प्रबंधन कमेटी पर केस
नारनौल
Updated Thu, 29 May 2014 12:14 AM IST
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जिले के गांव खुडाना में स्थित बाबा जयरामदास गोशाला में 26 मई को भूख-प्यास आदि से सैकड़ों गायों की मौत हो गई थी। गो धन की इस भारी क्षति से प्रशासनिक अधिकारी भी हरकत में आ गए। जिला प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने गोशाला की कमेटी के लोगाें पर पशु क्ररता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी है।
जिला पुलिस जल्द की कमेटी के रिकार्ड को अपने कब्जे में लेकर नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विभाग अधिकारी ने अपनी शिकायत में गायों की मौत के लिए समय पर चारा पानी न मिलने तथा गोशाला परिसर में सफाई के अभाव को जिम्मेदार ठहराया है।
उनका कहना है कि गोशाला में चारे में फफूंदी लगी हुई है, पीने के पानी में गंदगी पाई गई है तथा टीन शेड आदि होने के बावजूद सफाई के अभाव में गायें वहां पर बैठना पसंद नहीं करतीं। इन सभी कारणों के चलते सैकड़ों गायों की मौत हुई है जो कि बहुत बड़ी दु:खद घटना है। ग्रामीणों को इस बात पर भी अफसोस जताया कि गायों को दफनाने के बजाए उन्हें खुले में फेंक दिया गया। वहर एक जून को 27 गांवों की महापंचायत में गोशाला के प्रधान पद के उम्मीदवार की घोषणा कि जाएगी। पंचायत में कमेटी बनाकर फैसला लिया जाएगा कि गोशाला की देखभाल का जिम्मा किसे सौंपा जाए।
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जिला पुलिस जल्द की कमेटी के रिकार्ड को अपने कब्जे में लेकर नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विभाग अधिकारी ने अपनी शिकायत में गायों की मौत के लिए समय पर चारा पानी न मिलने तथा गोशाला परिसर में सफाई के अभाव को जिम्मेदार ठहराया है।
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उनका कहना है कि गोशाला में चारे में फफूंदी लगी हुई है, पीने के पानी में गंदगी पाई गई है तथा टीन शेड आदि होने के बावजूद सफाई के अभाव में गायें वहां पर बैठना पसंद नहीं करतीं। इन सभी कारणों के चलते सैकड़ों गायों की मौत हुई है जो कि बहुत बड़ी दु:खद घटना है। ग्रामीणों को इस बात पर भी अफसोस जताया कि गायों को दफनाने के बजाए उन्हें खुले में फेंक दिया गया। वहर एक जून को 27 गांवों की महापंचायत में गोशाला के प्रधान पद के उम्मीदवार की घोषणा कि जाएगी। पंचायत में कमेटी बनाकर फैसला लिया जाएगा कि गोशाला की देखभाल का जिम्मा किसे सौंपा जाए।
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