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Mahendragarh-Narnaul News: समय रहते नहीं चेते तो रेत बन जाएगी दक्षिण हरियाणा की दोहन

Thu, 08 Oct 2026 02:38 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:38 AM IST
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If timely action is not taken, the Dohan River in southern Haryana will turn into sand.
फोटो संख्या:58- दोहान नदी में  बहता पानी--संवाद
महेंद्रगढ़। दक्षिण हरियाणा की दोहन नदी का कमजोर होता बहाव पूरे क्षेत्र के जल-तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है। यह नदी यहां के जीवन और खेती की रीढ़ है। बरसात में नदियां, प्राकृतिक नाले और जलाशय वर्षा का पानी रोककर भूजल बढ़ाते हैं लेकिन अब यह चक्र बिगड़ रहा है।
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गांव बलाना के आरपीएस डिग्री कॉलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. हेमंत कुमार के नेतृत्व में यूजी और पीजी के विद्यार्थियों ने 2024 से 2026 तक यह अध्ययन किया। करीब 20 गांवों में बच्चों ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में जाकर हालात देखे लोगों से बात की और रिपोर्ट तैयार की।
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15 किमी सूखा, आगे क्यों नहीं आता पानी
अध्ययन के मुताबिक, डेरोली जांट से हमीदपुर तक करीब 15 किलोमीटर नदी सूखी पड़ी है। हमीदपुर में राजस्थान सरकार की ओर से बांध बनाए गए हैं। बारिश का पानी वहीं स्टोर हो जाता है, इसलिए नदी आगे नहीं बढ़ पाती और वहीं खत्म हो जाती है। महेंद्रगढ़ में नदी की लंबाई करीब 50 किमी है। वर्ष 2013 के एक अध्ययन के अनुसार जलग्रहण क्षेत्र 732.31 वर्ग किमी है। इस क्षेत्र की 85 फीसदी जमीन रेतीली मैदानी है और 81 फीसदी हिस्से में खेती होती है।
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कपास, जंगल और खनन का दबाव
इस साल कपास जिले में करीब 30 फीसदी क्षेत्र में हो रही है। कपास को बाजरा-ज्वार से ज्यादा पानी चाहिए, इससे सिंचाई और भूजल पर दबाव बढ़ा। वहीं, वर्ष 2005 से 2025 के बीच वन क्षेत्र में 25 फीसदी कमी आई। वर्ष 2020 से 2023 के बीच अवैध रेत खनन के 473 मामले दर्ज हुए। खेती का विस्तार, नालों में रुकावट और वनस्पति में बदलाव भी नदी सूखने की वजह हैं।

नहरी पानी से राहत, पर हल अधूरा
वर्ष 2016 में हरियाणा सरकार ने रिचार्ज वाटर योजना के तहत नहरी पानी से नदी को जीवित करने का प्रयास किया। सिंचाई विभाग ने डेरोली अहीर से 300 क्यूसेक और भगड़ाना से 100 क्यूसेक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। इसका असर यह रहा कि नदी के पास के 12 गांवों का जलस्तर पहले से बढ़ा है। फिर भी डॉ. हेमंत का कहना है कि केवल नहर का पानी स्थायी हल नहीं है। पुराने जोहड़-तालाब जिंदा करने, चेकडैम और रिचार्ज संरचनाएं बनाने, नाले बचाने, पेड़ लगाने और खनन पर सख्ती से ही नदी बच पाएगी।

फोटो संख्या:58- दोहान नदी में  बहता पानी--संवाद

फोटो संख्या:58- दोहान नदी में  बहता पानी--संवाद

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