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खाते में भेज रहा हूं 20 हजार कहकर निकाल लिए 76225 रुपये
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ठग द्वारा खाते से निकाली गई राशि का स्क्रीन शॉट।
- फोटो : Narnol
आए दिन क्षेत्र में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठग परिचित बताकर खाते में पैसे डालने की बात कह लोगों को चपत लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को गांव नांगल सिरोही निवासी श्रीभगवान यादव के साथ हुआ। ठग ने श्रीभगवान को बातों में फंसाकर चार बार में खाते से 76 हजार 225 रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित श्रीभगवान ने पुलिस को शिकायत देकर राशि बरामद करने की गुहार लगाते हुए ठग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित श्रीभगवान ने बताया कि उसका बड़ा भाई राज्य परिवहन में बतौर चालक तैनात है। मंगलवार को उसका फोन आया कि एक प्रवीन नाम का व्यक्ति उसके गूगल पे खाते में 20 हजार रुपये डालेगा। इसके बाद उसने गूगल पे नंबर दे दिए। कॉल आने के बाद ठग ने एक रुपया भेजने की बात कही, लेकिन वह एक रुपये भी नहीं आया। शातिर ठग ने उसके बाद यूपीआई डालने को कहा जिसके बाद यूपीआई डालने के पहली बार में 20 हजार रुपये, दूसरी बार में 41 हजार 990, तीसरी बार में 11 हजार 990 व चौथी बार में 2 हजार 245 रुपये खाते से उड़ा दिए।
यूं चलता है ठगी का खेल
शातिर ठग पीड़ित के पास फोन करके उसको रिश्तेदार, मित्र या अन्य परिचित बताकर पीड़ित को विश्वास में ले लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को किसी भी प्रकार की परिस्थिति बताकर पैसे की मांग करते हैं। फिर ये जालसाज पीड़ित के पास से अकाउंट संबंधित जानकारी पूछकर अथवा पीड़ित के मोबाइल में कोई अन्य एप डाउनलोड कराकर या क्यूआर कोड, लिंक भेजकर पेमेंट एप के माध्यम से पीड़ित के अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं।
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साइबर ठगी की अधिकांश वारदात में ठग परिचित बताकर झांसे में लेते हैं। बचने के लिए किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल के झांसे में आकर अकाउंट से संबंधित जानकारी सांझा न करें और भेजे गए किसी भी प्रकार के क्यूआर कोड या लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी प्रकार का ओटीपी अज्ञात को न बताएं।
ईएसआई कृष्ण कुमार
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पीड़ित श्रीभगवान ने बताया कि उसका बड़ा भाई राज्य परिवहन में बतौर चालक तैनात है। मंगलवार को उसका फोन आया कि एक प्रवीन नाम का व्यक्ति उसके गूगल पे खाते में 20 हजार रुपये डालेगा। इसके बाद उसने गूगल पे नंबर दे दिए। कॉल आने के बाद ठग ने एक रुपया भेजने की बात कही, लेकिन वह एक रुपये भी नहीं आया। शातिर ठग ने उसके बाद यूपीआई डालने को कहा जिसके बाद यूपीआई डालने के पहली बार में 20 हजार रुपये, दूसरी बार में 41 हजार 990, तीसरी बार में 11 हजार 990 व चौथी बार में 2 हजार 245 रुपये खाते से उड़ा दिए।
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यूं चलता है ठगी का खेल
शातिर ठग पीड़ित के पास फोन करके उसको रिश्तेदार, मित्र या अन्य परिचित बताकर पीड़ित को विश्वास में ले लेते हैं। इसके बाद पीड़ित को किसी भी प्रकार की परिस्थिति बताकर पैसे की मांग करते हैं। फिर ये जालसाज पीड़ित के पास से अकाउंट संबंधित जानकारी पूछकर अथवा पीड़ित के मोबाइल में कोई अन्य एप डाउनलोड कराकर या क्यूआर कोड, लिंक भेजकर पेमेंट एप के माध्यम से पीड़ित के अकाउंट से पैसा निकाल लेते हैं।
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साइबर ठगी की अधिकांश वारदात में ठग परिचित बताकर झांसे में लेते हैं। बचने के लिए किसी भी अज्ञात व्यक्ति या अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल के झांसे में आकर अकाउंट से संबंधित जानकारी सांझा न करें और भेजे गए किसी भी प्रकार के क्यूआर कोड या लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी प्रकार का ओटीपी अज्ञात को न बताएं।
ईएसआई कृष्ण कुमार

पुलिस में की गई शिकायत का पत्र दिखाता श्रीभगवान। संवाद- फोटो : Narnol