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नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक महीने पहले लगता है नंबर

Fri, 02 Aug 2019 12:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2019 12:12 AM IST
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hospital problam
फोटो नंबर 16- नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड़ केंद्र में जांच के लिए लगी महिलाओं की भीड़। - फोटो : Narnol
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए घंटों नहीं बल्कि महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में बाकायदा प्रतीक्षा सूची बनाई गई है, जिसे देखकर ही मरीजों के लिए उक्त सुविधा प्रदान की जाती है। जिसे जल्द रिपोर्ट चाहिए उसे निजी संस्थानों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। अस्पताल में करीब दस साल पुरानी और ब्लैक एंड व्हाइट मशीन है। इससे अच्छे रिजल्ट भी नहीं मिलते।
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बता दें कि जिले में जिला नागरिक अस्पताल अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है। ऐसे में महेंद्रगढ़, नांगल चौधरी, अटेली समेत अन्य जगहों के मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल आना पड़ता है। अस्पताल में एक ही मशीन होने से मरीजों का दबाव होता है। ऐसे में गर्भवती और गंभीर मरीजों को ही तत्काल सेवा का लाभ मिल पाता है। अन्य मरीजों को करीब एक से सवा महीने का वक्त लग जाता है। दूसरी ओर मशीन लगभग 10 साल पुरानी व ब्लैक एंड व्हाइट होने के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाता है। अब नई तकनीकी में रंगीन अल्ट्रासाउंड मशीने आ चुकी व इनके परिणाम भी बेहतर रहते हैं, यहीं कारण है कि यहां आने वाले मरीजों को समय रहते बेहतर अल्ट्रासाउंड जांच के लिए बाहरी केंद्रों पर आश्रित रहना पड़ रहा है।
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रोजाना 30 से 40 मरीजों की हो पाती है जांच
नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के करीब 30 से 40 मरीजों की जांच हो पाती है। पुरानी मशीन होने के कारण जांच सावधानी से करनी पड़ती है। ऐसे में अस्पताली में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं मुहैया करवाने के सरकारी दावे फेल नजर आते है। दूसरा गर्भवती महिलाओं की जांच के बाद कागजी कार्रवाई में भी समय लगता है। ऐसे में लोगों को 25 से 30 दिन का समय दिया जाता है।
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क्या कहते हैं मरीज
डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा है। अब जांच के लिए आए तो एक महीने की तारीख दे दी गई है। जिसके कारण उसे अब प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जांच करवानी पड़ेगी। कृष्णा, गांव नांगल दर्गू
29 जुलाई की तारीख दी गई थी, लेकिन जांच के लिए नंबर वीरवार के दिन आया है। जिससे उसे दो दिन अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर काटने पड़े है। जांच के लिए चार से पांच घंटे इंतजार में बैठा रहना पड़ता है। विनेश, गांव बेवल
डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए कहा है, लेकिन जांच के लिए आए तो उन्हें 27 अगस्त की तारीख दे दी गई है। जबकि मरीज को जांच की आवश्यकता है, मंत्री तक के फोन भी करवा दिए, लेकिन सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शारदा पत्नी विष्णु , कुलताजपुर
पत्नी को दिखाने आया था। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। उसे बताया गया कि एक सितंबर के बाद जांच हो पाएगी। ऐसे में बाहर से जांच करानी होगी। सरकारी सेवा लेना भी आसान नहीं है। -देशराज,पांचनौता

अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की नई मशीन आने वाली है। इससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। पूरे जिले के मरीजों व गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए जिला अस्पताल में ही यह सेवा उपलब्ध है। ऐसे में मरीजों का काफी दबाव रहता है।
डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी एमएस, जिला अस्पताल
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