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Mahendragarh-Narnaul News: शहर में बंदरों के उत्पात राहत की जगी उम्मीद
Tue, 11 Nov 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:29 PM IST
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फोटो संख्या:-67 मोहल्ला नीमड़ी नीचे बैठा बंदरों का झुंड---संवाद
महेंद्रगढ़। अब जल्द ही शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। नगर पालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए 5.25 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव पास किया गया है। जिम्मेदारों का दावा है कि एक माह के समय में सभी प्रक्रिया पूरी कर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कराया जाएगा।
बता दें कि शहर में घरों के बाहर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सुरक्षित नहीं हैं। शहर के अधिकांश मोहल्लों में तो इनके आतंक के कारण महिलाओं ने छतों पर ही जाना छोड़ दिया है। इनके हमले से प्रतिदिन औसतन पांच लोग घायल होकर नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
महेंद्रगढ़ शहर में बंदरों के आतंक से दुकानदार से लेकर व्यापारी भी सुरक्षित नहीं हैं। प्रतिदिन शहर के मुख्य बाजारों से लेकर सरकारी कार्यालयों में इनके झुंड जमकर उत्पात मचाते हैं। बंदर रसोई घर में घुसकर फ्रीज से सामान निकाल लेते है। पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या भी 10 गुणा बढ़ गई है।
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वहीं नगरपालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही थी लेकिन शहरवासियों की ओर से यह मांग बार-बार उठाई गई तो नपा के जिम्मेदार भी हरकत में आए हैं। बंदरों के आतंक के कारण शहर के कई मोहल्लों में लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। नगरपालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए एक बार भी अभियान नहीं चलाया। बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर घायल कर देते है। सबसे ज्यादा भय तो महिलाओं और बच्चों में है, जो घर से बाहर निकलने में भी संकोच करने लगे हैं। वहीं, दुकानदार भी बंदरों से खासे परेशान हैं। बंदर उनकी दुकान के बाहर रखा सामान उठा ले जाते हैं।
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- - इन जगहों पर रहता है बंदरों का जमावड़ा
शहर के मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला जवाहरनगर, नागरिक अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लैक्स, आईटीआई, नगरपालिका कार्यालय, करेलिया बाजार, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मोहल्ला तिवाड़ियान, मोहल्ला महायचान, मोहल्ला खटीकान, मोहल्ला शेरागुवाड़ी, शनि मंदिर, मसानी चौक, गोशाला रोड सहित शहर में अन्य स्थानों पर बंदरों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही सरकारी विभागों के कार्यालयों में भी दिनभर इनकी तोड़फोड़ से अधिकारियों से लेकर आमजन परेशान है।
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- वर्जन:
सदन की बैठक में शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए 5.25 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव पास किया गया है। अधिकारियों से बैठक कर टेंडर प्रक्रिया एक माह के समय में पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक माह के समय में सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कराया जाएगा।
-- - रमेश सैनी, चेयरमैन नगरपालिका महेंद्रगढ़।
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बता दें कि शहर में घरों के बाहर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सुरक्षित नहीं हैं। शहर के अधिकांश मोहल्लों में तो इनके आतंक के कारण महिलाओं ने छतों पर ही जाना छोड़ दिया है। इनके हमले से प्रतिदिन औसतन पांच लोग घायल होकर नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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महेंद्रगढ़ शहर में बंदरों के आतंक से दुकानदार से लेकर व्यापारी भी सुरक्षित नहीं हैं। प्रतिदिन शहर के मुख्य बाजारों से लेकर सरकारी कार्यालयों में इनके झुंड जमकर उत्पात मचाते हैं। बंदर रसोई घर में घुसकर फ्रीज से सामान निकाल लेते है। पिछले पांच वर्षों में इनकी संख्या भी 10 गुणा बढ़ गई है।
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वहीं नगरपालिका इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही थी लेकिन शहरवासियों की ओर से यह मांग बार-बार उठाई गई तो नपा के जिम्मेदार भी हरकत में आए हैं। बंदरों के आतंक के कारण शहर के कई मोहल्लों में लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। नगरपालिका की ओर से बंदरों को पकड़ने के लिए एक बार भी अभियान नहीं चलाया। बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर घायल कर देते है। सबसे ज्यादा भय तो महिलाओं और बच्चों में है, जो घर से बाहर निकलने में भी संकोच करने लगे हैं। वहीं, दुकानदार भी बंदरों से खासे परेशान हैं। बंदर उनकी दुकान के बाहर रखा सामान उठा ले जाते हैं।
- - इन जगहों पर रहता है बंदरों का जमावड़ा
शहर के मोहल्ला नीमड़ी नीचे, मोहल्ला जवाहरनगर, नागरिक अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लैक्स, आईटीआई, नगरपालिका कार्यालय, करेलिया बाजार, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, मोहल्ला तिवाड़ियान, मोहल्ला महायचान, मोहल्ला खटीकान, मोहल्ला शेरागुवाड़ी, शनि मंदिर, मसानी चौक, गोशाला रोड सहित शहर में अन्य स्थानों पर बंदरों का उत्पात बढ़ता ही जा रहा है। साथ ही सरकारी विभागों के कार्यालयों में भी दिनभर इनकी तोड़फोड़ से अधिकारियों से लेकर आमजन परेशान है।
- वर्जन:
सदन की बैठक में शहरवासियों को बंदरों के उत्पात से निजात दिलाने के लिए 5.25 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव पास किया गया है। अधिकारियों से बैठक कर टेंडर प्रक्रिया एक माह के समय में पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक माह के समय में सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कराया जाएगा।