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Mahendragarh-Narnaul News: शराब पीने की पुष्टि पर हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, तरफदारी करने पर थाना प्रभारी भी बदले
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नारनौल। शहर थाना नारनौल में तैनात एग्जीक्यूटिव हेड कॉन्स्टेबल (ईएचसी) संजय को शराब पीने की पुष्टि होने के बाद बुधवार को निलंबित कर दिया गया। वहीं, मामले में पुलिसकर्मी की तरफदारी करने के आरोपों के बीच थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह का तबादला कर दिया गया है। अब अनिल कमांडो नारनौल सिटी थाना के नए प्रभारी होंगे।
मंगलवार शाम करीब आठ बजे बड़ा बाग मोहल्ले के कुछ लोग शहर थाना पहुंचे थे। उन्होंने ईएचसी संजय पर नशे की हालत में मोहल्ले में आने और चिट्टा बेचने के आरोप लगाए। लोगों ने करीब 40 मिनट तक थाने में अपनी शिकायत रखी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इसके बाद थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया था कि पुलिसकर्मी मोहल्ले में दूध लेने जाते हैं। दूध विक्रेता की भैंस बिक जाने के कारण कुछ दिन से दूध बंद था। मंगलवार शाम पुलिसकर्मी दूध के बारे में पूछने वहां गए थे। इसके बाद दौरान कुछ लोग थाने आए थे। लोगों को समझाकर वापस भेज दिया था। उन्होंने पुलिसकर्मी पर लगाए गए सभी आरोप निराधार बताए थे।
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शिकायत मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देश पर पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उसके शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। वहीं, अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की जांच के लिए उसके सैंपल भी लिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नशा बेचने के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित
डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि पुलिसकर्मी पर नशीले पदार्थों की बिक्री के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। अभी तक नशा बेचने के आरोपों के संबंध में कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मचारी हो या कोई अन्य व्यक्ति, ड्रग्स की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में यदि संजय दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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मंगलवार शाम करीब आठ बजे बड़ा बाग मोहल्ले के कुछ लोग शहर थाना पहुंचे थे। उन्होंने ईएचसी संजय पर नशे की हालत में मोहल्ले में आने और चिट्टा बेचने के आरोप लगाए। लोगों ने करीब 40 मिनट तक थाने में अपनी शिकायत रखी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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इसके बाद थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया था कि पुलिसकर्मी मोहल्ले में दूध लेने जाते हैं। दूध विक्रेता की भैंस बिक जाने के कारण कुछ दिन से दूध बंद था। मंगलवार शाम पुलिसकर्मी दूध के बारे में पूछने वहां गए थे। इसके बाद दौरान कुछ लोग थाने आए थे। लोगों को समझाकर वापस भेज दिया था। उन्होंने पुलिसकर्मी पर लगाए गए सभी आरोप निराधार बताए थे।
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शिकायत मिलने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देश पर पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में उसके शराब पीने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। वहीं, अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की जांच के लिए उसके सैंपल भी लिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नशा बेचने के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित
डीएसपी भारत भूषण ने कहा कि पुलिसकर्मी पर नशीले पदार्थों की बिक्री के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। अभी तक नशा बेचने के आरोपों के संबंध में कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कर्मचारी हो या कोई अन्य व्यक्ति, ड्रग्स की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच में यदि संजय दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।