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हकेंवि के विद्यार्थियों ने बनाई हवा से चलने वाली कार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Dec 2016 11:48 PM IST
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विद्याथऱ्यिं ने बनाई हवा से चलने वाली कार
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पेट्रोल- डीजल के बढ़ते दाम और उनसे चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निबटने के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंविवि), महेंद्रगढ़ ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिसमें कार का इंजन हवा के दबाव से चलता है। इतना ही नहीं विश्वविद्यालय के इनोवेशन (नवप्रवर्तन) क्लब ने मेक इन इंडिया व स्टार्ट अप इंडिया को ध्यान में रखते हुए ऐसी तीन तकनीकों का विकास किया है जिनकी मदद से न सिर्फ हवा से कार चलती है बल्कि गतिरोधकों की मदद से सड़कें रोशन हो सकती है और तेज रफ्तार कार से टक्कर होने पर भी आपकी कार को होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के इनोवेशन क्लब के इस प्रयास को अब प्रगति मैदान में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने मॉडलों के साथ 23 से 25 दिसंबर तक दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित हो रहे इलेक्ट्रिक व्हीकल एग्जीबिशन -2016 (ईवी एक्सपो -2016) में हिस्सा ले रहे हैं।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दी बधाई
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने क्लब को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कुलपति कुहाड़ ने कहा कि आज तकनीक के माध्यम से विभिन्न समस्याओं के समाधान खोजे जा रहे हैं और इस दिशा में हमारा इनोवेशन क्लब भी प्रयासरत हैं। प्रो. कुहाड़ ने कहा कि आज जरूरत ऐसी तकनीक का विकास करने की है जिससे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का प्रयोग आसान हो सके, इस काम में हमारे विद्यार्थियों की ओर से विकसित तीनों ही तकनीक बेहद उपयोगी है। प्रो. कुहाड़ ने कहा कि मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया को देखते हुए हमारे विद्यार्थियों का प्रयास सराहनीय है और भविष्य की सोच को प्रदर्शित करता है।
तकनीक भविष्य के लिए होगी उपयोगी
क्लब के संयोजक प्रो. नवल किशोर कहते है कि विद्यार्थियों की ओर से विकसित तकनीक भविष्य के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह सचमुच अनोखा लगता है कि हमारे विद्यार्थियों ने ऐसी कार तैयार की है जोकि हवा से चलती है। इनोवेशन क्लब में भविष्य के लिए उपयोगी इन तकनीकों का विकास करने वाले स्टूडेंट इनोवेटर सुनील कुमार व ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने तीन अलग-अलग मॉडल विकसित किए हैं जो भविष्य में ऊर्जा के ऐसे विकल्प है जोकि पूरी तरह से नवीकरणीय स्रोत है।
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40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी कार
सुनील कुमार ने बताया कि हमने ऐसी कार तैयार की है जिसमें ईंधन के स्थान पर हवा का इस्तेमाल किया जाता है। हवा की मदद से इंजन चलता है और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कार चला सकते हैं। इसी तरह हमने ऐसी कार भी तैयार की है जो न सिर्फ सौर ऊर्जा, वायु व शोर से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा से चलती है बल्कि इसमें ऐसे स्मार्ट सेंसर लगे हैं जोकि किसी तेज रफ्तार वाहन के कार से टकराने से पूर्व ही बंपर को आगे कर देते हैं और इससे सीधी टक्कर होने पर भी कार को होने वाला नुकसान कम हो जाता है।
वाहन गुजरने से बनेगी बिजली
स्टूडेंट इनोवेटर ऋषिपाल बताते है कि इसके अलावा हम ईवी एक्सपो-2016 में ऐसी तकनीक भी लेकर जा रहे है जिसकी मदद से सड़कों पर लगे स्पीड ब्रेकर के माध्यम से ही उन सड़कों का रोशन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस खोज में हमने स्पीड ब्रेकर को लेकर ऐसी तकनीक विकसित की है जिसकी मदद से कार या किसी अन्य वाहन के गुजरने से बिजली पैदा होगी और यह बिजली उन सड़कों पर ही लगी लाइटों को जलाने में मददगार साबित हो सकती है।
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कुलपति ने विद्यार्थियों को दी बधाई
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ ने क्लब को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। कुलपति कुहाड़ ने कहा कि आज तकनीक के माध्यम से विभिन्न समस्याओं के समाधान खोजे जा रहे हैं और इस दिशा में हमारा इनोवेशन क्लब भी प्रयासरत हैं। प्रो. कुहाड़ ने कहा कि आज जरूरत ऐसी तकनीक का विकास करने की है जिससे ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का प्रयोग आसान हो सके, इस काम में हमारे विद्यार्थियों की ओर से विकसित तीनों ही तकनीक बेहद उपयोगी है। प्रो. कुहाड़ ने कहा कि मेक इन इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया को देखते हुए हमारे विद्यार्थियों का प्रयास सराहनीय है और भविष्य की सोच को प्रदर्शित करता है।
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तकनीक भविष्य के लिए होगी उपयोगी
क्लब के संयोजक प्रो. नवल किशोर कहते है कि विद्यार्थियों की ओर से विकसित तकनीक भविष्य के लिए बेहद उपयोगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह सचमुच अनोखा लगता है कि हमारे विद्यार्थियों ने ऐसी कार तैयार की है जोकि हवा से चलती है। इनोवेशन क्लब में भविष्य के लिए उपयोगी इन तकनीकों का विकास करने वाले स्टूडेंट इनोवेटर सुनील कुमार व ऋषिपाल ने बताया कि उन्होंने तीन अलग-अलग मॉडल विकसित किए हैं जो भविष्य में ऊर्जा के ऐसे विकल्प है जोकि पूरी तरह से नवीकरणीय स्रोत है।
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40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी कार
सुनील कुमार ने बताया कि हमने ऐसी कार तैयार की है जिसमें ईंधन के स्थान पर हवा का इस्तेमाल किया जाता है। हवा की मदद से इंजन चलता है और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कार चला सकते हैं। इसी तरह हमने ऐसी कार भी तैयार की है जो न सिर्फ सौर ऊर्जा, वायु व शोर से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा से चलती है बल्कि इसमें ऐसे स्मार्ट सेंसर लगे हैं जोकि किसी तेज रफ्तार वाहन के कार से टकराने से पूर्व ही बंपर को आगे कर देते हैं और इससे सीधी टक्कर होने पर भी कार को होने वाला नुकसान कम हो जाता है।
वाहन गुजरने से बनेगी बिजली
स्टूडेंट इनोवेटर ऋषिपाल बताते है कि इसके अलावा हम ईवी एक्सपो-2016 में ऐसी तकनीक भी लेकर जा रहे है जिसकी मदद से सड़कों पर लगे स्पीड ब्रेकर के माध्यम से ही उन सड़कों का रोशन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस खोज में हमने स्पीड ब्रेकर को लेकर ऐसी तकनीक विकसित की है जिसकी मदद से कार या किसी अन्य वाहन के गुजरने से बिजली पैदा होगी और यह बिजली उन सड़कों पर ही लगी लाइटों को जलाने में मददगार साबित हो सकती है।