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Mahendragarh-Narnaul News: अशोक वाटिका में माता सीता से हनुमान, लंका जलाई
Fri, 11 Oct 2024 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 11 Oct 2024 01:37 AM IST
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नारनौल। श्री धार्मिक रामलीला ट्रस्ट चांदुवाड़ा के रंगमंच पर अशोक वाटिका, अक्षय कुमार वध व लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।इसका शुभारंभ मुख्यअतिथि कमला देवी संघी, संदीप संघी, अंशुल संघी व लव संघी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मंचन के दौरान रामलीला में माता सीता को खोजते हुए राम भक्त हनुमान लंका में पहुंचकर रावण के भाई विभीषण से मुलाकात करते हैं। विभीषण से जानकारी लेकर हनुमान लंका की अशोक वाटिका में पहुंचकर माता सीता को प्रभु श्री राम की मुद्रिका निशानी के रूप में दिखाते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि प्रभु श्री राम अब जल्दी ही लंका पर चढ़ाई कर उन्हें सकुशल वापस ले जाएंगे। इसके बाद हनुमानजी अपनी अशोक वाटिका में लगे केले, सेव, अमरूद आदि फलों को खाते हैं और सारी अशोक वाटिका को उजाड़ा देते हैं। इसके बाद हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान जी नगरी में एक मकान से दूसरे मकान और एक द्वार से दूसरे द्वार पर उछल- उछल कर संपूर्ण लंका नगरी का दहन कर देते हैं।
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मंचन के दौरान रामलीला में माता सीता को खोजते हुए राम भक्त हनुमान लंका में पहुंचकर रावण के भाई विभीषण से मुलाकात करते हैं। विभीषण से जानकारी लेकर हनुमान लंका की अशोक वाटिका में पहुंचकर माता सीता को प्रभु श्री राम की मुद्रिका निशानी के रूप में दिखाते हैं और उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि प्रभु श्री राम अब जल्दी ही लंका पर चढ़ाई कर उन्हें सकुशल वापस ले जाएंगे। इसके बाद हनुमानजी अपनी अशोक वाटिका में लगे केले, सेव, अमरूद आदि फलों को खाते हैं और सारी अशोक वाटिका को उजाड़ा देते हैं। इसके बाद हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। हनुमान जी नगरी में एक मकान से दूसरे मकान और एक द्वार से दूसरे द्वार पर उछल- उछल कर संपूर्ण लंका नगरी का दहन कर देते हैं।
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