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Mahendragarh-Narnaul News: पिता ने परिवार को एक सूत्र में पिरोया, हम पदचिह्नों पर चल रहे
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फोटो नंबर-10अटेली मंडी निवासी जगदीश शर्मा का संयुक्त परिवार। संवाद
मंडी अटेली। शहर में एक ऐसा परिवार है जो आज के समय में भी संयुक्त परिवार की परिपाटी को आगे बढ़ा रहा है। बाबा भवानी शंकर का यह परिवार तीन पीढ़ियों से संयुक्त परिवार में है। इसमें 18 सदस्य एक साथ रहते हैं। इस परिवार को संयुक्त परिवार रखने की प्रेरणा महाराज दीप दास से मिली थी।
परिवार के मुखिया जगदीश प्रसाद कौशिक और उनकी पत्नी मणि शर्मा है। जगदीश के चार बेटों व पोते पोतियों से भरा पूरा परिवार है। बड़ा पुत्र दर्शन और पुत्रवधू सुनीता अपने परिवार सहित अपने दो पुत्रों नवीन व कपिल के साथ रहते हुए संयुक्त परिवार की इस पावन परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
मुखिया जगदीश चंद्र ने बताया कि उनके पिता भवानी शंकर ने इस परिवार को एक सूत्र में पिरोया था और आज भी वह उनके पदचिह्नों पर चल रहे हैं। सभी सदस्य एक साथ रहते हैं और साथ बैठकर खाना खाते हैं। परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत बंधन है और वे एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। यह परिवार आज के समय में एक आदर्श उदाहरण है।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस परिवार को एक मिसाल के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार के कई लाभ हैं, जिनमें परिवार के सभी सदस्यों की भागीदारी होती है। संयुक्त परिवार की यह परिपाटी न केवल परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत संबंध बनाती है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक अच्छा उदाहरण भी है। आजकल अनेक परिवारों में पिता बेटा अलग-अलग रह रहे हैं। वहीं एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं, वहीं अटेली में एक परिवार समाज को प्रेरणा दायक संदेश दे रहा है।
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परिवार के मुखिया जगदीश प्रसाद कौशिक और उनकी पत्नी मणि शर्मा है। जगदीश के चार बेटों व पोते पोतियों से भरा पूरा परिवार है। बड़ा पुत्र दर्शन और पुत्रवधू सुनीता अपने परिवार सहित अपने दो पुत्रों नवीन व कपिल के साथ रहते हुए संयुक्त परिवार की इस पावन परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
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मुखिया जगदीश चंद्र ने बताया कि उनके पिता भवानी शंकर ने इस परिवार को एक सूत्र में पिरोया था और आज भी वह उनके पदचिह्नों पर चल रहे हैं। सभी सदस्य एक साथ रहते हैं और साथ बैठकर खाना खाते हैं। परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत बंधन है और वे एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। यह परिवार आज के समय में एक आदर्श उदाहरण है।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस परिवार को एक मिसाल के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार के कई लाभ हैं, जिनमें परिवार के सभी सदस्यों की भागीदारी होती है। संयुक्त परिवार की यह परिपाटी न केवल परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत संबंध बनाती है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक अच्छा उदाहरण भी है। आजकल अनेक परिवारों में पिता बेटा अलग-अलग रह रहे हैं। वहीं एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं, वहीं अटेली में एक परिवार समाज को प्रेरणा दायक संदेश दे रहा है।