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जिला जेल में खूब घनघना रहे मोबाइल फोन
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प्रदीप शर्मा
नारनौल। जिला जेल में मोबाइल फोन घन घना रहे हैं। आए दिन मोबाइल बरामद किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में जेल से पकड़े गए 23 फोन इसकी गवाही दे रहे हैं। इस वर्ष भी अब तक दो मोबाइल जेल से बरामद किए जा चुके हैं। इससे जेल प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से स्मैक, अफीम तथा सुल्फा जैसे नशीले पदार्थ भी जेल से मिल चुके हैं। पिछले वर्ष 12 मामले प्रीजन एक्ट के दर्ज किए गए थे, लेकिन मोबाइल भेजने वाला एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाया है।
बता दें कि जिला जेल में मोबाइल की घंटी घनघनाती रहती है। यह फोन साधारण बंदियों एवं कैदियों के पास नहीं बल्कि मोस्ट वांटेड के पास घनघनाती हैं। अंदर बैठे कैदी एवं बंदी साथियों से बात कर लेते हैं। पिछले वर्ष गैंगस्टर पपला का साथी संदीप, कृष्ण, मुकेश, पुष्कर, भीमसिंह और मोनू मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे। मोस्टवांटेड वीरेंद्र गोठड़ी, देवा, प्रदीप उर्फ जुराट भी जेल में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थ जैसे स्मैक, अफीम, गांजा, सुल्फा आदि भी पकड़े जा चुुके हैं। इन सबको देखकर जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहा है। सवाल यह कि कैदियों एवं बंदियों के पास मोबाइल और नशीले पदार्थ कैसे पहुंचते हैं? प्रशासन की मिली भगत के यह संभव नहीं हो सकता। संवाद
जेल वार्डन के पास मिल चुका है नशीला पदार्थ
कैदियों एवं बंदियों के पास जेल कर्मचारियों द्वारा नशीला पदार्थ पहुंचाने का एक मामला पहले प्रकाश में आ चुका है। 27 जुलाई 2021 को जेल वार्डन महेंद्र सिंह की लाइन इंचार्ज के समक्ष चेकिंग की गई थी। इस दौरान जेल वार्डन की बेल्ट के नीचे से, जूते के अंदर, पैंट के अंदर से सात ग्राम सुल्फानुमा नशीला पदार्थ बरामद किया गया था। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस प्रशासन की ओर से उसको निलंबित कर दिया गया था, उसे कई दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा।
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2022 में ये केस आ चुके हैं सामने:
केस नं. 1 - 4 जनवरी को जिला जेल में मंगलवार को तलाशी के दौरान कैंटीन के अंदर एक मोबाइल बरामद किया। पुलिस ने आरोपी बंदी भूप सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
केस नं.2 - 4 फरवरी को गश्त के दौरान उप सहायक अधीक्षक (जेल) राम मेहर ने एक मोबाइल तथा एक गेंद के अंदर स्मैकनुमा और सुल्फानुुमा नशीला पदार्थ बरामद किया।
जैमर नहीं होने से नहीं लग पा रही रोक
जेलों की सुरक्षा को लेकर उठते रहे सवालों के बीच कई बार जैमर लगाने के आदेश दिए जाते रहे हैं, लेकिन नसीबपुर जेल में अभी तक जैमर नहीं लगा है। यही कारण है कि कैदी सुरक्षा को धता बताकर मोबाइल अंदर तक ले जाते हैं और अपनी गैंग या परिचितों से आसानी से बात कर लेते हैं। जेल में जब कोई बड़ी वारदात होती है जेल प्रशासन को जैमर की ध्यान आती है। यह हालात तब है जब यहां संगीन वारदात में शामिल रहे कैदी भी बंद हैं।
एक दिन में मिले थे दस मोबाइल
11 मार्च 2021 को जिला कारागार नसीबपुर में पुलिस विभाग की ओर से सर्च अभियान चलाया गया था। सर्च अभियान के दौरान ब्लॉक नं 1 में सात मोबाइल तथा ब्लॉक नंबर 3 में तीन मोबाइल बरामद किए थे। इसके अलावा कैदियों से टीम ने कुछ मात्रा में अफीम भी बरामद की है। वहीं अगले दिन 12 मार्च को ब्लॉक नंबर 2 में एक मोबाइल बरामद किया गया था।
वर्जन
जेल प्रशासन ने अंदर काफी सख्ती की हुई है। शुक्रवार को एक पॉलीथिन दीवारों के बीच में मिली थी। इसके अंदर एक बॉल और मोबाइल मिला था। बॉल के अंदर नशीला पदार्थ था। शायद यह बॉल किसी ने बाहर से ही फेंकी थी। महाबीर चौकी में मामला दर्ज करवाया जा चुका है। जैमर के लिए हमने सरकार को लिखा हुआ है। सख्ती के दौरान पिछले वर्ष एक जेल वार्डर के पास नशीला पदार्थ बरामद किया गया था। उसके खिलाफ मामला दर्ज है।
- सर्वर सिंह, डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट
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नारनौल। जिला जेल में मोबाइल फोन घन घना रहे हैं। आए दिन मोबाइल बरामद किए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में जेल से पकड़े गए 23 फोन इसकी गवाही दे रहे हैं। इस वर्ष भी अब तक दो मोबाइल जेल से बरामद किए जा चुके हैं। इससे जेल प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से स्मैक, अफीम तथा सुल्फा जैसे नशीले पदार्थ भी जेल से मिल चुके हैं। पिछले वर्ष 12 मामले प्रीजन एक्ट के दर्ज किए गए थे, लेकिन मोबाइल भेजने वाला एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पाया है।
बता दें कि जिला जेल में मोबाइल की घंटी घनघनाती रहती है। यह फोन साधारण बंदियों एवं कैदियों के पास नहीं बल्कि मोस्ट वांटेड के पास घनघनाती हैं। अंदर बैठे कैदी एवं बंदी साथियों से बात कर लेते हैं। पिछले वर्ष गैंगस्टर पपला का साथी संदीप, कृष्ण, मुकेश, पुष्कर, भीमसिंह और मोनू मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े गए थे। मोस्टवांटेड वीरेंद्र गोठड़ी, देवा, प्रदीप उर्फ जुराट भी जेल में मोबाइल इस्तेमाल करते पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा नशीले पदार्थ जैसे स्मैक, अफीम, गांजा, सुल्फा आदि भी पकड़े जा चुुके हैं। इन सबको देखकर जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहा है। सवाल यह कि कैदियों एवं बंदियों के पास मोबाइल और नशीले पदार्थ कैसे पहुंचते हैं? प्रशासन की मिली भगत के यह संभव नहीं हो सकता। संवाद
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जेल वार्डन के पास मिल चुका है नशीला पदार्थ
कैदियों एवं बंदियों के पास जेल कर्मचारियों द्वारा नशीला पदार्थ पहुंचाने का एक मामला पहले प्रकाश में आ चुका है। 27 जुलाई 2021 को जेल वार्डन महेंद्र सिंह की लाइन इंचार्ज के समक्ष चेकिंग की गई थी। इस दौरान जेल वार्डन की बेल्ट के नीचे से, जूते के अंदर, पैंट के अंदर से सात ग्राम सुल्फानुमा नशीला पदार्थ बरामद किया गया था। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस प्रशासन की ओर से उसको निलंबित कर दिया गया था, उसे कई दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा।
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2022 में ये केस आ चुके हैं सामने:
केस नं. 1 - 4 जनवरी को जिला जेल में मंगलवार को तलाशी के दौरान कैंटीन के अंदर एक मोबाइल बरामद किया। पुलिस ने आरोपी बंदी भूप सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
केस नं.2 - 4 फरवरी को गश्त के दौरान उप सहायक अधीक्षक (जेल) राम मेहर ने एक मोबाइल तथा एक गेंद के अंदर स्मैकनुमा और सुल्फानुुमा नशीला पदार्थ बरामद किया।
जैमर नहीं होने से नहीं लग पा रही रोक
जेलों की सुरक्षा को लेकर उठते रहे सवालों के बीच कई बार जैमर लगाने के आदेश दिए जाते रहे हैं, लेकिन नसीबपुर जेल में अभी तक जैमर नहीं लगा है। यही कारण है कि कैदी सुरक्षा को धता बताकर मोबाइल अंदर तक ले जाते हैं और अपनी गैंग या परिचितों से आसानी से बात कर लेते हैं। जेल में जब कोई बड़ी वारदात होती है जेल प्रशासन को जैमर की ध्यान आती है। यह हालात तब है जब यहां संगीन वारदात में शामिल रहे कैदी भी बंद हैं।
एक दिन में मिले थे दस मोबाइल
11 मार्च 2021 को जिला कारागार नसीबपुर में पुलिस विभाग की ओर से सर्च अभियान चलाया गया था। सर्च अभियान के दौरान ब्लॉक नं 1 में सात मोबाइल तथा ब्लॉक नंबर 3 में तीन मोबाइल बरामद किए थे। इसके अलावा कैदियों से टीम ने कुछ मात्रा में अफीम भी बरामद की है। वहीं अगले दिन 12 मार्च को ब्लॉक नंबर 2 में एक मोबाइल बरामद किया गया था।
वर्जन
जेल प्रशासन ने अंदर काफी सख्ती की हुई है। शुक्रवार को एक पॉलीथिन दीवारों के बीच में मिली थी। इसके अंदर एक बॉल और मोबाइल मिला था। बॉल के अंदर नशीला पदार्थ था। शायद यह बॉल किसी ने बाहर से ही फेंकी थी। महाबीर चौकी में मामला दर्ज करवाया जा चुका है। जैमर के लिए हमने सरकार को लिखा हुआ है। सख्ती के दौरान पिछले वर्ष एक जेल वार्डर के पास नशीला पदार्थ बरामद किया गया था। उसके खिलाफ मामला दर्ज है।
- सर्वर सिंह, डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट