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Mahendragarh-Narnaul News: गांव महासर में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने की नारेबाजी
Tue, 04 Mar 2025 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 04 Mar 2025 11:27 PM IST
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फोटो नंबर- 13गांव महासर में छाए जल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
मंडी अटेली। गांव महासर में 15 दिनों से पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। गांव में जलापूर्ति करने वाली मोटर खराब हो गई है, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग इसे ठीक कराने में उदासीनता दिखा रहा है। लोगों ने समस्या को लेकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी भी की।
ग्रामीणों को मजबूरन खेतों में बने ट्यूबवेल से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। गांव में जल समस्या पहले से ही बनी हुई थी। छह महीने पहले एक नया बोरवेल किया गया था, लेकिन उसमें अब तक मोटर नहीं लगाई गई है। इससे पानी की समस्या और बढ़ गई है।
गांव की सरपंच मंजू देवी ने बताया कि मोटर खराब होते ही जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता और एसडीओ को इसकी सूचना दे दी गई थी। विभाग ने खराब मोटर को निकाल तो लिया, लेकिन उसे अभी तक लगाया नहीं गया है। विभाग की इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में मामला अब तक नहीं था। आश्वासन दिया कि आज ही मोटर लगवाकर जल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। मंदिर में आने वाले भक्तों को पानी की परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में बनी पानी की टंकी में एक बूंद पानी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने खाली पानी की टंकी दिखाते हुए बताया कि जल संकट की गांव में गंभीर समस्या बनी हुई है और विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जन स्वास्थ्य विभाग इस प्रकार की अनदेखी न करे और गांव में जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए।
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ग्रामीणों को मजबूरन खेतों में बने ट्यूबवेल से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। गांव में जल समस्या पहले से ही बनी हुई थी। छह महीने पहले एक नया बोरवेल किया गया था, लेकिन उसमें अब तक मोटर नहीं लगाई गई है। इससे पानी की समस्या और बढ़ गई है।
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गांव की सरपंच मंजू देवी ने बताया कि मोटर खराब होते ही जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता और एसडीओ को इसकी सूचना दे दी गई थी। विभाग ने खराब मोटर को निकाल तो लिया, लेकिन उसे अभी तक लगाया नहीं गया है। विभाग की इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि उनके संज्ञान में मामला अब तक नहीं था। आश्वासन दिया कि आज ही मोटर लगवाकर जल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। मंदिर में आने वाले भक्तों को पानी की परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव में बनी पानी की टंकी में एक बूंद पानी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने खाली पानी की टंकी दिखाते हुए बताया कि जल संकट की गांव में गंभीर समस्या बनी हुई है और विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जन स्वास्थ्य विभाग इस प्रकार की अनदेखी न करे और गांव में जलापूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए।