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बिना मुंडेर के कुएं ने निगली दो जिंदगियां
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 02 May 2016 11:48 PM IST
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कुएं ने निगली दो जिदंगी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खंड के गांव गोकला में एक उजड़ और बिना मुंडेर के कुएं ने दो जिंदगियां निगल लगी। पुलिस को दिए बयान में लालचंद ने बताया कि वह कई दिनों से बीमार है इसलिए चिकित्सकों ने उसे अधिक से अधिक घूमने की सलाह दे रखी है। वह अकसर अकेला और बच्चों के साथ घूमने के लिए खेतों में जाता है। रविवार को भी वह बच्चों को कुएं के पास खेलता छोड़कर पास के खेतों में शौच के लिए चला गया। उसने बताया कि बच्चों ने कुआं देखने की जिद की थी, मगर उसने बार-बार मना किया था। अचानक पीछे से दोनों बच्चे कुएं में गिर गए। वह बच्चों की किलकारी सुनकर कुएं की ओर दौड़ा, लेकिन उसका कोई काबू नहीं चला। इस दौरान लालचंद ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी।
पूरा गांव दौड़ पड़ा कुएं की ओर
बच्चों के कुएं में गिरने की घटना गांव में आग की तरह फैल गई तथा पूरा गांव कुएं की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने बच्चों को कुएं से निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। बच्चों के शवों को निकालने में नाकामयाब रहे ग्रामीणों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
सूचना मिलने पर पहुंचा पूरा अमला
जिला प्रशासन की ओर से फायर ब्रिगेड और कुएं से पानी निकालने की मशीन मौके पर पहुंची। काफी मेहनत के बाद सुबह करीब 4 बजे आरती के शव निकाला गया। जबकि रिंकू के शव को रात्रि नौ बजे ही निकाल लिया गया था। बच्चों के कुएं में गिरने के समाचार के बाद जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त संजीव वर्मा, एडीसी आरएस वर्मा, पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर, डीएसपी मुख्यालय राजेश कुमार, ईश्वर सिंह तहसीलदार, बीडीपीओ दीपक यादव, निजामपुर चौकी इंचार्ज रामेश्वर दयाल, ग्राम सचिव रामजीलाल आदि ने मौके पर पहुंचे तथा घटना पर दुख प्रकट किया।
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डीसी से की पोस्टमार्टम न कराने की मांग
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे उपायुक्त से दोनों शवों को पोस्टमार्टम न करने की अपील की। इस पर उपायुक्त ने तहसीलदार ईश्वर सिंह की ड्यूटी लगाई। तहसीलदार ने बच्चों के पिता लालचंद के ब्यान के बाद शवों के पोस्टमार्टम नहीं करवाया। आरती व रिंकू के शवों को ग्रामीणों व परिजनों ने गमगीन माहौल में दफना दिया।
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पूरा गांव दौड़ पड़ा कुएं की ओर
बच्चों के कुएं में गिरने की घटना गांव में आग की तरह फैल गई तथा पूरा गांव कुएं की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने बच्चों को कुएं से निकालने का भरसक प्रयास किया, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। बच्चों के शवों को निकालने में नाकामयाब रहे ग्रामीणों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी।
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सूचना मिलने पर पहुंचा पूरा अमला
जिला प्रशासन की ओर से फायर ब्रिगेड और कुएं से पानी निकालने की मशीन मौके पर पहुंची। काफी मेहनत के बाद सुबह करीब 4 बजे आरती के शव निकाला गया। जबकि रिंकू के शव को रात्रि नौ बजे ही निकाल लिया गया था। बच्चों के कुएं में गिरने के समाचार के बाद जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त संजीव वर्मा, एडीसी आरएस वर्मा, पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर, डीएसपी मुख्यालय राजेश कुमार, ईश्वर सिंह तहसीलदार, बीडीपीओ दीपक यादव, निजामपुर चौकी इंचार्ज रामेश्वर दयाल, ग्राम सचिव रामजीलाल आदि ने मौके पर पहुंचे तथा घटना पर दुख प्रकट किया।
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डीसी से की पोस्टमार्टम न कराने की मांग
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे उपायुक्त से दोनों शवों को पोस्टमार्टम न करने की अपील की। इस पर उपायुक्त ने तहसीलदार ईश्वर सिंह की ड्यूटी लगाई। तहसीलदार ने बच्चों के पिता लालचंद के ब्यान के बाद शवों के पोस्टमार्टम नहीं करवाया। आरती व रिंकू के शवों को ग्रामीणों व परिजनों ने गमगीन माहौल में दफना दिया।