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नकली टैक्स व माइनिग अधिकारी बनकर कर रहे थे अवैध वसूली, गिरफ्तार
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:52 AM IST
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अवैध वसूली करते हुए तीन गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महावीर चौकी पुलिस ने मंगलवार को नकली टैक्स व माइनिंग अधिकारी बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अजय कुमार गांव दुबलाना तथा मनीष व नीरज ठाठवाडी निवासी शामिल है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
महाबीर चौकी के इंचार्ज एएसआई गुणपाल, एएसआई हरीप्रकाश, कांस्टेबल मनोज व सतबीर के साथ मंगलवार दोपहर नांगतिहाडी मोड़ पर तैनात थे। इस दौरान एक चालक धन सिंह निवासी मौजाबाद जिला गुरुग्राम ने पुलिस बताया वह गाड़ी में मोडुका क्रेशर राजस्थान से बजरी भर कर पटौदी के लिए जा रहा है।
जब वह नारनौल बाईपास पर पहुंचा तो दो मोटरसाइकिल सवारों उसका ट्रक रुकवाकर कहा कि वे माइनिंग वाले है और उनका अधिकारी गाड़ी में बैठा है। दोनों युवकों ने ऐसा कहते हुए ट्रक में भरी बजरी की रायल्टी की पर्ची दिखाने के लिए बोला और रायल्टी की पर्ची दिखाने पर युवकों ने वाहन में वजन ज्यादा होने की बात कहकर गाड़ी को इंपाउंड करने करने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि यदि पीछा छुड़ाना है तो एक हजार रुपये निकालो। इस पर ट्रक ड्राइवर ने अपने पास तीन सौ रुपये ही होने की बात कही, जिस पर उन्होंने तीन सौ रुपये ले लिए वे रघुनाथपुरा की तरफ टी-प्वाइंट की तरफ चले गए। ट्रक ड्राइवर की बात सुनते ही पुलिस टीम हरकत में आ गई और चौकी इंचार्ज एएसआई गुणपाल तुरंत अपनी टीम के साथ रघुनाथपुरा टी-प्वाइंट पर पहुंचे।
जहां एक ट्रक को रुकवाकर ड्राइवर से एक युवक ट्रक के कागजात कार के बोनट पर रखकर चैक कर रहा था और दो युवक पास में खड़े थे। ये दोनों युवक ड्राइवर से गाड़ी छुड़वाने के लिए रुपये मांग रहे थे। पुलिस टीम की गाड़ी नजदीक आती देख मनीष व अन्य दोनों युवक भागने लगे तो पुलिस ने उन्हें वहीं दबोच लिया।
इसके बाद पुलिस ने रुकवाए हुए ट्रक ड्राइवर सोपाल पुत्र राजेंद्र गांव कलसिया वासी उतर प्रदेश से पूछताछ की। तो चालक ने बताया उसकी गाड़ी में प्लाई बोर्ड भरे है। इन लोगों ने उसकी गाड़ी के आगे अपनी कार लगाकर रुकवा ली और कहा कि वे टैक्स विभाग के अधिकारी है। माल की बिलटी दिखाओ।
ड्राइवर ने बताया कि माल की बिलटी दिखाने के बाद ये युवक गाड़ी इंपाउंड ना करने की एवज में एक हजार रुपये कर मांग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी को आता देख तीनों भागने का प्रयास करने लगे। चौकी प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों से जब पुलिस चौकी लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि अजय एचडीएफसी बैंक नारनौल में फाइनेंसर का काम करता है।
फाइनेंस की गई गाड़ी की किश्त नहीं आने पर उनको पकडने का काम भी करता है। मंगलवार को उसने मनीष व नीरज को भी बुला लिया, ये दोनों भी इसकी इस काम में मदद करते है। आज ये तीनों नकली अधिकारी बनकर रुपये कमाने के चक्कर में गाड़ियों को रुकवाकर अवैध वसूली कर रहे थे। एक गाड़ी वाले से अवैध वसूली कर चुके थे और दूसरे से कर रहे थे तो मौके पर ही धरे गए। चौकी प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किए तीनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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महाबीर चौकी के इंचार्ज एएसआई गुणपाल, एएसआई हरीप्रकाश, कांस्टेबल मनोज व सतबीर के साथ मंगलवार दोपहर नांगतिहाडी मोड़ पर तैनात थे। इस दौरान एक चालक धन सिंह निवासी मौजाबाद जिला गुरुग्राम ने पुलिस बताया वह गाड़ी में मोडुका क्रेशर राजस्थान से बजरी भर कर पटौदी के लिए जा रहा है।
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जब वह नारनौल बाईपास पर पहुंचा तो दो मोटरसाइकिल सवारों उसका ट्रक रुकवाकर कहा कि वे माइनिंग वाले है और उनका अधिकारी गाड़ी में बैठा है। दोनों युवकों ने ऐसा कहते हुए ट्रक में भरी बजरी की रायल्टी की पर्ची दिखाने के लिए बोला और रायल्टी की पर्ची दिखाने पर युवकों ने वाहन में वजन ज्यादा होने की बात कहकर गाड़ी को इंपाउंड करने करने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि यदि पीछा छुड़ाना है तो एक हजार रुपये निकालो। इस पर ट्रक ड्राइवर ने अपने पास तीन सौ रुपये ही होने की बात कही, जिस पर उन्होंने तीन सौ रुपये ले लिए वे रघुनाथपुरा की तरफ टी-प्वाइंट की तरफ चले गए। ट्रक ड्राइवर की बात सुनते ही पुलिस टीम हरकत में आ गई और चौकी इंचार्ज एएसआई गुणपाल तुरंत अपनी टीम के साथ रघुनाथपुरा टी-प्वाइंट पर पहुंचे।
जहां एक ट्रक को रुकवाकर ड्राइवर से एक युवक ट्रक के कागजात कार के बोनट पर रखकर चैक कर रहा था और दो युवक पास में खड़े थे। ये दोनों युवक ड्राइवर से गाड़ी छुड़वाने के लिए रुपये मांग रहे थे। पुलिस टीम की गाड़ी नजदीक आती देख मनीष व अन्य दोनों युवक भागने लगे तो पुलिस ने उन्हें वहीं दबोच लिया।
इसके बाद पुलिस ने रुकवाए हुए ट्रक ड्राइवर सोपाल पुत्र राजेंद्र गांव कलसिया वासी उतर प्रदेश से पूछताछ की। तो चालक ने बताया उसकी गाड़ी में प्लाई बोर्ड भरे है। इन लोगों ने उसकी गाड़ी के आगे अपनी कार लगाकर रुकवा ली और कहा कि वे टैक्स विभाग के अधिकारी है। माल की बिलटी दिखाओ।
ड्राइवर ने बताया कि माल की बिलटी दिखाने के बाद ये युवक गाड़ी इंपाउंड ना करने की एवज में एक हजार रुपये कर मांग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी को आता देख तीनों भागने का प्रयास करने लगे। चौकी प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों से जब पुलिस चौकी लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि अजय एचडीएफसी बैंक नारनौल में फाइनेंसर का काम करता है।
फाइनेंस की गई गाड़ी की किश्त नहीं आने पर उनको पकडने का काम भी करता है। मंगलवार को उसने मनीष व नीरज को भी बुला लिया, ये दोनों भी इसकी इस काम में मदद करते है। आज ये तीनों नकली अधिकारी बनकर रुपये कमाने के चक्कर में गाड़ियों को रुकवाकर अवैध वसूली कर रहे थे। एक गाड़ी वाले से अवैध वसूली कर चुके थे और दूसरे से कर रहे थे तो मौके पर ही धरे गए। चौकी प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किए तीनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।