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महेंद्रगढ़: गुरुग्राम विजिलेंस टीम का घेराव कर आरोपी को भगाया, सेवानिवृत पटवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी टीम

Sat, 30 Sep 2023 12:34 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 30 Sep 2023 12:34 AM IST
सार

टीम भ्रष्टाचार मामले में सेवानिवृत पटवारी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। परिजनों ने टीम से दुर्व्यवहार किया, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का भी आरोप है।

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Mahendragarh: Family members surrounded Gurugram Vigilance team and chased away the accused
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव झूक में सेवानिवृत्त पटवारी को एक मामले में गिरफ्तार करने पहुंची गुरुग्राम विजिलेंस की टीम का परिजनों ने घेराव कर आरोपी को छुड़वाकर भगा दिया। वहीं परिजनों ने टीम के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र शब्दों का प्रयोग किया तथा सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत चार नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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पुलिस को दी शिकायत में गुरुग्राम विजिलेंस टीम के इंचार्ज निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ शुक्रवार की सुबह 7:50 बजे गांव झूक में भ्रष्टाचार के आरोपी धर्मबीर सिंह तत्कालीन हलका पटवारी के घर गए थे। आरोपी उस समय घर पर ही था।
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जब टीम उसको गिरफ्तार कर ले जानी लगी तो पटवारी का लड़का तरुण, भाई जोगेंद्र, भतीजा विक्की व उसके परिवार की महिलाएं व अन्य सदस्य ने उनको घर में घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी सेवानिवृत पटवारी ने साथ ले जाने पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर लेने की धमकी दी और उसके बेटे ने टीम सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी।
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जब उन्होंने आरोपी सेवानिवृत्त पटवारी को साथ चलने के लिए कहा तो उसके परिवार की महिलाओं व पुरुषों ने उन्हें घेर लिया और आरोपी को छुड़वाकर घर से बाहर भगा दिया। आरोपी अपने भाई के मकान में घुस गया। वह और सिपाही देवेंद्र उसके पीछे-पीछे गए तो वहां से एक महिला ने आरोपी को पीछे के रास्ते से बाहर निकाल दिया और सिपाही देवेंद्र को अंदर बंद कर दिया।

अंदर बंद सिपाही के आवाज लगाने पर उसने दरवाजा खोला तब उसी समय आरोपी का भतीजा विक्की आरोपी को स्कूटी पर बैठाकर खेतों के रास्ते से ले गया। इसकी सूचना निरीक्षक ईश्वर सिंह ने थाना प्रभारी श्योताज सिंह को दी। सूचना पाकर पहुंचे थाना प्रभारी को पूरे मामले से अवगत करवाया और एक लिखित में शिकायत दी।

पुलिस ने विजिलेंस टीम से आए निरीक्षक ईश्वर सिंह की शिकायत पर चार नामजद धर्मबीर, भाई जोगेंद्र, बेटा तरुण, भतीजा विक्की व उसके परिवार की महिलाएं व अन्य सदस्यों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बांधा पहुंचाने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने, बंधन बनाने, अभिरक्षा से भगाने तथा जान से मारने की धमकी आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। -श्योताज सिंह, सदर थाना प्रभारी, महेंद्रगढ़


यह था मामला
विदित हो कि 21 अगस्त 2017 को महेंद्रगढ़ के कार्यवाहक तहसीलदार रोहताश सिंह, प्रापर्टी डीलर रामकिशन और नंबरदार प्रमोद कुमार ने शाम छह बजे काम खत्म होने के बाद अनाधिकृत रूप सेल डीड को पंजीकृत किया और बदले में 300 रुपये प्रति गज के हिसाब से रिश्वत ली थी। सभी वसीकाओं की कुल जमीन 19 कनाल 8 मरला (23835 गज) थी है। मामला उजागर होने के बाद विजिलेंस की ओर से 19 जुलाई 2022 को केस दर्ज किया गया है। जांच में देवेंद्र सिंह स्टांप ऑडिटर की रिपोर्ट नं. 287-90/एस.ए./2017, 10 अक्तूबर 2017 के अनुसार वसीकाओं को रिलीज डीड के माध्यम से कलेक्टर रेट से कम कीमत पर पंजीकृत किया गया है, जिससे स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस कुल 22 लाख 51 हजार 743 रुपये राजस्व की हानि हुई है। इसमें स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की चोरी की हुई है। जांच में उक्त पटवारी धर्मबीर सिंह का नाम भी उजागर हुआ। तहसीलदार रोहताश पहले गिरफ्तार हो चुके है।

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