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Narnaul: फर्जी लोन खाते खोलकर पीएनबी के लोन अधिकारी ने हड़पे डेढ़ करोड़ रुपये, ऑडिट में सामने आया गबन

Fri, 15 Jul 2022 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 15 Jul 2022 11:03 AM IST
सार

आरोपी लोन इंचार्ज ने 37 लोन खाते में स्वीकृत राशि 2 करोड़ 26 लाख 35 हजार रुपये अपने तथा अन्य व्यक्तियों के अकाउंटस में ट्रांसफर किए। इनमें 11 लोन खातों की स्वीकृत राशि 63 लाख 30 हजार रुपये आरोपी द्वारा रिकवर कर खाते बंद किए जा चुके हैं।

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Fraud by PNB loan officer in Narnaul by opening fake loan accounts
loan new - फोटो : istock

विस्तार

नारनौल की नई मंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के लोन इंचार्ज द्वारा अपने पद का नाजायज फायदा उठाते हुए धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की राशि हड़पने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत बैंक प्रबंधक गौरव शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को देकर तत्कालीन बैंक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। 

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बैंक प्रबंधक की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने उक्त बैंक अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपी शिकायत में बैंक शाखा प्रबंधक गौरव शर्मा ने बताया कि मधुरू हर्षवर्धन रेड्डी 10 जुलाई 2019 से 04 जून 2022 तक बतौर लोन इंचार्ज पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा नारनौल में कार्यरत रहा है। इस अवधि के दौरान उक्त अधिकारी ने अपने लेवल पर सिस्टम में 37 फर्जी लोन अकाउंटस खोले जिनके संबंध में लोन अकाउंट से संबंधित व्यक्तियों को न ही बुलाया गया और न ही लोन की फाइल तैयार की गई तथा न ही ग्राहक के कोई हस्ताक्षर व अंगूठे करवाए गए। इसके अलावा न ही कोई दस्तावेज ग्राहक के लिए गए यानी जिसका कोई रिकॉर्ड ऑफलाइन नहीं है। 

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फर्जी नाम से अकाउंट भी खोले

इस अधिकारी ने सिस्टम में ही जनरेट करके लोन पास कर दिए। वहीं कोई लोन राशि होल्डर को अदा नहीं की गई। वहीं फर्जी व्यक्तियों के नाम लोन अकाउंट खोलकर उनकी राशि स्वयं आरोपी ने अपने खाते में तथा अन्य व्यक्तियों के अकाउंटस में ट्रांसफर करके गबन किया है। बैंक में इंटरनल ऑडिट का कार्य 31 मई 2022 से शुरू किया गया था, परंतु इस दौरान आरोपी का ट्रांसफर भी होना था और रिलीव आर्डर होने के बाद आरोपी को 04 जून 2022 को रिलीव कर दिया गया। इसके बाद 9 जून 2022 को जब ऑडिटर ने सिस्टम में दर्शाए व लोन किए गए अकाउंटस की असल लोन फाइल की मांग की। 37 फर्जी ऑनलाइन अकाउंटस की ओरिजनल लोन फाइलों को कार्यालय में सर्च किया गया लेकिन कार्यालय में कोई रिकार्ड नहीं मिला। इस पर आरोपी से संपर्क किया गया लेकिन उसका नंबर नहीं लगा। उसने अपने सक्षम अधिकारियों को उक्त घोटाले के बारे में जांच के लिए लिखा। 

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जांच में आरोपी द्वारा धोखाधड़ी से बैंक की राशि हड़प करना पाया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। बैंक प्रबंधक के अनुसार लोन इंचार्ज ने 37 लोन खाते में स्वीकृत राशि 2 करोड़ 26 लाख 35 हजार रुपये अपने तथा अन्य व्यक्तियों के अकाउंटस में ट्रांसफर किए। इनमें 11 लोन खातों की स्वीकृत राशि 63 लाख 30 हजार रुपये आरोपी द्वारा रिकवर कर खाते बंद किए जा चुके हैं। अब बैंक की कुल बकाया राशि 1 करोड़ 53 लाख 24681 हजार रुपये बकाया है। शिकायतकर्ता बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि की रिकवरी व धोखाधड़ी करने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने बैंक प्रबंधक की शिकायत पर  तत्कालीन लोन इंचार्ज अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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