नारनौल: रिश्वत के आरोपी फरार जेल अधीक्षक के लगाए जाएंगे इश्तहार, कोर्ट ने जारी किए आदेश
रिश्वत के फरार आरोपी के इश्तहार सार्वजनिक स्थान, आवास तथा कोर्ट में लगेंगे। जेल अधीक्षक पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है।
विस्तार
हरियाणा के नारनौल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अब्दुल माजिद की अदालत ने रिश्वत लेने के आरोपी जेल अधीक्षक अनिल कुमार के इश्तहार लगाने का आदेश जारी किया है। सोमवार को पुलिस कर्मचारियों द्वारा आरोपी के आवास, उसके क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों और कोर्ट में इश्तहार चस्पा किए जाएंगे। आरोपी जेल अधीक्षक पर एक लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। वह तीन महीने से फरार चल रहा है।
बता दें कि गैंगस्टर विक्रम उर्फ पपला का साथी संदीप सिंधिया निवासी गांव मौखूता नसीबपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। जेल वार्डन राजन उसे प्रताड़ित करता था। उसने एक लाख रुपये की मांग करते हुए नहीं देने पर चक्की में डालने की धमकी दी थी। संदीप ने यह बात अपने भाई हंसराज को बताई थी। हंसराज ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की थी।
पुलिस अधीक्षक ने जेल वार्डन को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए नूंह की विजिलेंस से संपर्क कर टीम गठित की। 9 दिसंबर 2021 को नूंह की विजिलेंस टीम ने नारनौल जेल वार्डन राजन को एक लख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। पकडे़ जाने पर आरोपी ने जेल वार्डन गजे सिंह का नाम बताया।
इसके बाद टीम ने दोनों से पूछताछ की तो उप जेल अधीक्षक कुलदीप हुड्डा और जेल अधीक्षक अनिल कुमार का नाम सामने आया। उक्त चारों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। तब से आरोपी अनिल कुमार फरार चल रहा था। कोर्ट दो बार उसको वारंट जारी कर चुकी है, लेकिन वह एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ है।
शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अब्दुल माजिद ने आरोपी जेल अधीक्षक अनिल कुमार के इश्तहार लगाने का आदेश जारी किया है। सोमवार को पुलिस कोर्ट, आरोपी के आवास तथा उसके क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर इश्तहार लगाएगी। 8 अप्रैल तक कोर्ट ने आरोपी को पेश होने का आदेश जारी किया है।
उप जेल अधीक्षक कर चुका है आत्महत्या
जेल अधीक्षक अनिल कुमार और उप जेल अधीक्षक कुलदीप दोनों ने पहले अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत लगाई थी। न्यायाधीश ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत लगाई, लेकिन वहां पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने 24 फरवरी को उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उप अधीक्षक कुलदीप ने 24 फरवरी की रात को गुरुग्राम के मॉकडोला गांव में अपने रिश्तेदार के यहां फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 11 मार्च को आरोपी पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार का इश्तहार लगाने का आदेश जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने 18 अप्रैल को आरोपी को पेश होने का आदेश दिया है। आरोपी के कोर्ट में पेश नहीं होने पर दोबारा से वारंट जारी किया गया था, पर वह पेश नहीं हुआ। -नवल किशोर शर्मा, विजिलेंस इंचार्ज, नारनौल।