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अनाज मंडी में नकली आहर बेचने का गोरखा ध्धां जोरों पर

Wed, 24 Oct 2018 12:32 AM IST
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:32 AM IST
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अनाज मंडी में नकली आहर बेचने का गोरखा ध्धां जोरों पर
अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। नकली खल को लेकर हांसी की सज्जन गामड़ा फर्म की टीम मंगलवार को महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में व्यापारी की दुकान पर पहुंची। टीम आने की जानकारी मिलने पर व्यापारी ने अपनी दुकान से दो पिकअप गाड़ियों में माल भरकर गोदाम में भेज दिया। फर्म मैनेजर और मौके पर मौजूद पशुपालकों ने पूरे घटनाक्रम वीडियो बना ली। मामले जांच की मांग को लेकर फर्म मैनेजर अमित ने नकली और असली दोनों खलों के कट्टे एसडीएम आवास पर रखवा दिए।
गांव खरकड़ा बास वासी कृष्ण कुमार ने बताया कि वह रविवार को अनाज मंडी स्थित व्यापारी की दुकान से सज्जन गामड़ा खल का कट्टा लेकर गया था। जब पशुुओं को खिलाने के लिए खल का कट्टा खोला तो खल में बद्दू आ रही थी। खराब खल निकलने पर उसने कट्टे पर लिखे नंबर सज्जन गामड़ा फर्म के मालिक सज्जन गोयल को फोन पर सूचित किया। इसके बाद फर्म के सदस्य ने उसके घर पर आकर खल देखी तो खल नकली होने की बात कही। सज्जन गामड़ा के कहने पर पशुपालक कृष्ण मंगलवार को दोबारा खल लेने के लिए उसी व्यापारी के पास पहुंचा। उसने सज्जन गामड़ा की असली खल की मांग की। जिस पर व्यापारी ने 1200 रुपये में नकली खल का कट्टा दे दिया। पशुपालक ने सज्जन गोयल को फोन कर शिकायत दी। मौके पर पहुंचे सज्जन गामड़ा फर्म के कर्मचारी अमित व अन्य पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले के बारे में पशुपालक से पूछताछ की। इसके बाद व्यापारी से भी बातचीत की। व्यापारी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद पशुपालकों ने एसडीएम के नाम उनके आवास पर शिकायत दी। एसडीएम विनेश कुमार बाहर होने के कारण नहीं मिल पाए। उन्होंने जांच के लिए असली और नकली खल के कट्टे अपने आवास पर रखवा लिए हैं।
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पिछले सप्ताह पहले भी हुई थी छापेमारी
एक सप्ताह पहले भी मंडी में उक्त फर्म के कर्मचारियों ने छापेमारी की थी। जिसमें में राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद फर्म की ओर से नकली खल बेचने वाले के खिलाफ शिकायत नहीं दी गई। फर्म की टीम का कहना है कि उस दौरान नकली खल बेचने वाले ने भविष्य में नकली खल न बेचने की बात कही थी।
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नकली खल से पशु हो रहे बीमार
कुछ व्यापारी नामी फर्म के नाम पर पशुपालकों को नकली खल के बैग दे देते हैं। नकली खल को खाने से पशु बीमार हो रहे हैं। पशुओं का दूध पतला हो जाता है। दूध की मात्रा घट जाती है। लगातार नकली खल खाने से पशुओं के गर्भपात होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। व्यापारी नकली बैग में 1100-1200 रुपये में बेच रहे हैं। जबकि असली खल का कट्टा 1300 रुपये में आता है।


वर्जन
नकली खल की शिकायत मिलने पर टीम मंगलवार को महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में पहुंची थी। टीम ने जांच कराने के लिए नकली और असली दोनों खलों के कट्टे एसडीएम आवास पर रख दिए हैं। व्यापारी द्वारा दुकान से दो पिकअप गाड़ी माल निकालकर कहीं दूसरी जगह भेजने की वीडियो टीम के पास है। पूरे मामले की शिकायत एसडीएम को दे दी है। एसडीएम के बाहर होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।
- अमित कुमार, मैनेजर, सज्जन गामड़ा फर्म, हांसी।
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