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शोक में नीरपुर, एक साथ जली तीन दोस्तों की चिताएं

Sun, 19 May 2019 12:04 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 12:04 AM IST
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शोक में नीरपुर, एक साथ जली तीन दोस्तों की चिताएं

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महेंद्रगढ़। गांव ऊंची भांडोर के पास बोलेरो के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के बाद चार युवकों की मौत से गांव नीरपुर में गमगीन माहौल है। शनिवार को गांव के श्मशान घाट में तीन दोस्तों की चिता एक साथ जली। मयुक, नितिन और लवकौशल तीनों ही नीरपुर राजपुत अटेली के निवासी थे। घायल दीपक भी नीरपुर का है। चौथा मृतक नया गांव जिला अलवर का निवासी था। पांचों दोस्त थे। पांचों की उम्र भी करीब 20 से 23 वर्ष की थी। सुबह जैसे ही गांव में इस हादसे का समाचार मिला तो गांव में शोक छा गया। गांव की यह पहली बड़ी घटना है। इससे पहले कभी तीन युवकों की मौत एक साथ नहीं हुई थी। हादसे के बाद अंकित, मयुक और लवकौशल के घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीनों ही अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। गांव नीरपुर के सरपंच राहुल चौहान का कहना है कि गांव की यह दुखद घटना है। समाचार मिलने के बाद पूरे गांव में मातम पसारा हुआ है। दु:ख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। वहीं चौथे दोस्त अंकित का अंतिम संस्कार उनके गांव नया में किया गया है।

छह माह पहले हुई थी अंकित की शादी
नया गांव निवासी मृत अंकित की छह माह पहले अटेली के पास गांव सहदपुर में शादी हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। अभी वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसके पिता अभय सिंह किसान हैं। मृत मयुक राघव की मां पर दु:ख का पहाड़ टूट गया है। एक वर्ष पहले पति की मृत्यु का दर्द अभी नहीं भुला पाई थी कि शुक्रवार को भगवान ने उसके बेटे मयुक को भी अपने पास बुला लिया। अब घर का दीपक रोशन करने वाला कोई चिराग नहीं बचा है। घर में केवल मां ही है। मयुक अपने माता पिता का इकलौता बेटा है। उसके बहन भी नहीं है। दादा-दादी की पहले ही मौत हो चुकी थी।
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लव कौशल की चल रही थी सगाई की बात
लव कौशल भी अपने मां बाप का इकलौता चिराग था। उसके पिता देवेंद्र पिछली योजना में गांव के सरपंच थे। दो तीन महीने पहले वह नगर पालिका अटेली में डीसी रेट पर लगा था। इसके अलावा प्राइवेट पढ़ाई भी कर रहा था। लवकौशल की सगाई की बात चल रही थी। आज उसको देखने के लिए आने वाले थे।
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मजदूरी का कार्य करता था नितिन
नितिन मजदूरी का कार्य करता था। दो भाइयों में वह बड़ा था और अविवाहित था। 6-7 माह पहले नितिन के माता पिता का भी एक्सीडेंट हो गया था। उस हादसे में मां को अधिक चोटें आई थीं जो अभी तक ठीक नहीं हो पाई हैं। हादसे के बाद पिता स्वस्थ हो गया है। वहीं घायल दीपक बारहवीं कक्षा का विद्यार्थी है। अपने माता पिता की इकलौती संतान है। एक छोटी बहन है। उसका पिता गांव का चौकीदार है। दीपक को रोहतक रेफर किया गया जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
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