{"_id":"5dcd96e18ebc3e54b5469784","slug":"cleanliness-survey-but-city-council-prepration-slow-narnol-news-rtk5275601131","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नप की तैयारियां धीमी, पिछले साल जैसा हो सकता है हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नप की तैयारियां धीमी, पिछले साल जैसा हो सकता है हाल
विज्ञापन
cleanliness survey but city council prepration slow
- फोटो : Narnol
अगले साल जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य शुरू होना है। लेकिन, नगर परिषद इसे लेकर अभी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। पूरे शहर में सफाई व्यवस्था का हाल खराब है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि नप ने अभी भी ध्यान नहीं दिया तो स्वच्छता में रैकिंग का हाल पिछले साल जैसा होगा।
बता दें कि जनवरी 2020 स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। इसके लिए अन्य जिलों में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही है। लेकिन, नगर परिषद नारनौल इसे लेकर गंभीर नहीं है। अभी तक स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नप ने कार्य योजना बनाकर लागू नहीं की है। दूसरी ओर शहर में स्वच्छता को लेकर भी नप गंभीर नहीं है। ऐसे में मोहल्लों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। मोहल्लों में रोजाना कूड़े के का उठान न होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर नियमित रुप से सफाई कर्मी भी नहीं पहुंचते। सार्वजनिक शौचालयों का हाल बुरा है। बता दें कि पिछले साल शहर की सफाई रैंकिंग में सुधार आने के बजाय गिरावट आई थी। नार्थ जोन के शहरों में 583 वां स्थान था। पिछले साल प्रदेश में 14वें स्थान पर था। वहीं नार्थ जोन में 94वां स्थान प्राप्त किया था। वहीं दूसरी ओर वीरवार को शहर में नप की से कई जगहों से कूड़े को उठाया गया। नप के सचिव ने शहर का दौराक सफाई के बारे में जानकारी ली।
ये तैयारियां करनी है-
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन-
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी होना चाहिए। नप ने इसे लेकर कदम नहीं उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए पैसे स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन, टेंडर अलॉट करने और देने में समय लगेगा। ऐसे में एक माह में इसे लागू करना नप के लिए आसान नहीं है। शहर के 25 वार्डों में सौ फीसदी कूडा कलेक्शन करना है।
विज्ञापन
कूड़े को अलग-अलग करना-
पूरे शहर में नप ने गीला-सूखा कूड़े को अलग-अलग करने का इंतजाम नहीं किया है। नप ने पूरे शहर में तीस बड़े डस्टबिन ही रखवाएं ै। ऐसे में अभी दोनों प्रकार के कूड़े एक ही जगह फेंके जा रहे हैं। जबकि, सरकार का प्रयास है कि घर से ही कूड़े को अलग-अलग कर दिया जाए। इसके लिए नप ने कोई पहल अभी तक नहीं की है।
सुंदरीकरण-
इसके तहत शहर में सुंदरीकरण करने की योजना है। इसके तहत प्रमुख जगहों पर वॉल पेटिंग करना है। जिससे लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरुक किया जा सके। अभी तक इस पर कार्य नहीं ह़आ है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के होर्डिंग्स
सर्वेक्षण के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए नप की ओर से वाल पेटिंग और होर्डिंग्स लगाए जाने हैं। लेकिन , इसे लेकर नप ने कोई पहल नहीं की है। इसे भी ऐन वक्त पर नप की ओर से ल गाया जाएगा। इसका उदेश्य लोगों को अभियान के बारे में जानकारी देना होता है। जिससे लोग इसमें भाग ले सके।
शहर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेेक्षण को लेकर कार्य योजना तैयारी की गई है। इस बारे में जल्द ही कार्य शुरू होंगे। डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन व छोटे डस्टबिन शहर में रखवाने की योजना है। लोगों को शहर की सफाई में सहयोग करना चाहिए।
-नवल किशोर ,सचिव नप नारनौल
साल 2019 में की रैकिंग-
नप/नपा रैंक स्कोर
नारनौल नप- 583-1586.22
नीना- 747- 1360.43
नांगल चौधरी -701- 1424.41
अटेली- 837-1284.39
महेंद्रगढ़ -880-1182.91
विज्ञापन
बता दें कि जनवरी 2020 स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। इसके लिए अन्य जिलों में बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही है। लेकिन, नगर परिषद नारनौल इसे लेकर गंभीर नहीं है। अभी तक स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नप ने कार्य योजना बनाकर लागू नहीं की है। दूसरी ओर शहर में स्वच्छता को लेकर भी नप गंभीर नहीं है। ऐसे में मोहल्लों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। मोहल्लों में रोजाना कूड़े के का उठान न होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर नियमित रुप से सफाई कर्मी भी नहीं पहुंचते। सार्वजनिक शौचालयों का हाल बुरा है। बता दें कि पिछले साल शहर की सफाई रैंकिंग में सुधार आने के बजाय गिरावट आई थी। नार्थ जोन के शहरों में 583 वां स्थान था। पिछले साल प्रदेश में 14वें स्थान पर था। वहीं नार्थ जोन में 94वां स्थान प्राप्त किया था। वहीं दूसरी ओर वीरवार को शहर में नप की से कई जगहों से कूड़े को उठाया गया। नप के सचिव ने शहर का दौराक सफाई के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन
ये तैयारियां करनी है-
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन-
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी होना चाहिए। नप ने इसे लेकर कदम नहीं उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए पैसे स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन, टेंडर अलॉट करने और देने में समय लगेगा। ऐसे में एक माह में इसे लागू करना नप के लिए आसान नहीं है। शहर के 25 वार्डों में सौ फीसदी कूडा कलेक्शन करना है।
विज्ञापन
कूड़े को अलग-अलग करना-
पूरे शहर में नप ने गीला-सूखा कूड़े को अलग-अलग करने का इंतजाम नहीं किया है। नप ने पूरे शहर में तीस बड़े डस्टबिन ही रखवाएं ै। ऐसे में अभी दोनों प्रकार के कूड़े एक ही जगह फेंके जा रहे हैं। जबकि, सरकार का प्रयास है कि घर से ही कूड़े को अलग-अलग कर दिया जाए। इसके लिए नप ने कोई पहल अभी तक नहीं की है।
सुंदरीकरण-
इसके तहत शहर में सुंदरीकरण करने की योजना है। इसके तहत प्रमुख जगहों पर वॉल पेटिंग करना है। जिससे लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरुक किया जा सके। अभी तक इस पर कार्य नहीं ह़आ है।
स्वच्छ सर्वेक्षण के होर्डिंग्स
सर्वेक्षण के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए नप की ओर से वाल पेटिंग और होर्डिंग्स लगाए जाने हैं। लेकिन , इसे लेकर नप ने कोई पहल नहीं की है। इसे भी ऐन वक्त पर नप की ओर से ल गाया जाएगा। इसका उदेश्य लोगों को अभियान के बारे में जानकारी देना होता है। जिससे लोग इसमें भाग ले सके।
शहर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेेक्षण को लेकर कार्य योजना तैयारी की गई है। इस बारे में जल्द ही कार्य शुरू होंगे। डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन व छोटे डस्टबिन शहर में रखवाने की योजना है। लोगों को शहर की सफाई में सहयोग करना चाहिए।
-नवल किशोर ,सचिव नप नारनौल
साल 2019 में की रैकिंग-
नप/नपा रैंक स्कोर
नारनौल नप- 583-1586.22
नीना- 747- 1360.43
नांगल चौधरी -701- 1424.41
अटेली- 837-1284.39
महेंद्रगढ़ -880-1182.91