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Mahendragarh-Narnaul News: नवरात्र के प्रथम दिन मंदिरों में गूंजे माता रानी के जयकारे
Wed, 10 Apr 2024 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 10 Apr 2024 02:16 AM IST
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नारनौल। चैत्र नवरात्रों के प्रथम दिन मंगलवार को क्षेत्र में माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और लोगों ने बड़ी आस्था एवं भक्ति के साथ माता रानी की आराधना की।
नवरात्र के प्रथम दिन शहर के प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर में दर्शनों के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ लगी रही, जो शाम तक जारी रही। मंदिरों में नवरात्रों को लेकर माता रानी का भव्य शृंगार किया गया जो लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शहर के प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर के प्रति लोगों की भारी आस्था जुड़ी है। इसी कारण नवरात्रों में दूर-दराज से भी लोग माता के दर्शनों के लिए आते हैं। नवरात्रों के प्रथम दिन लोग सुबह जल्दी उठे व स्नान आदि कर अपने घरों में नवरात्र बैठाकर कलश स्थापना की। लोगों ने प्रथम दिन मां शैलपुत्री का पूरे विधिविधान से पूजन किया। नवरात्रों में लोग माता को प्रसन्न करने के लिए जहां नौ दिनों तक नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं, वहीं अनेक लोग उपवास रखकर केवल फलाहार ही करते हैं। माता के मंदिरों में नवरात्रों पर महिलाओं द्वारा कीर्तन आदि भी किए जाते हैं। नवरात्रों के अंतिम दिन रामनवमी को प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर पुजारी सत्यनारायण पांडे ने बताया कि नौ दिनों तक माता का मनोहारी शृंगार किया जाएगा व सुबह- शाम भव्य आरती होगी।
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नवरात्र के प्रथम दिन शहर के प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर में दर्शनों के लिए सुबह से भक्तों की भीड़ लगी रही, जो शाम तक जारी रही। मंदिरों में नवरात्रों को लेकर माता रानी का भव्य शृंगार किया गया जो लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। शहर के प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर व मां नैना फतेह देवी मंदिर के प्रति लोगों की भारी आस्था जुड़ी है। इसी कारण नवरात्रों में दूर-दराज से भी लोग माता के दर्शनों के लिए आते हैं। नवरात्रों के प्रथम दिन लोग सुबह जल्दी उठे व स्नान आदि कर अपने घरों में नवरात्र बैठाकर कलश स्थापना की। लोगों ने प्रथम दिन मां शैलपुत्री का पूरे विधिविधान से पूजन किया। नवरात्रों में लोग माता को प्रसन्न करने के लिए जहां नौ दिनों तक नौ स्वरूपों का पूजन करते हैं, वहीं अनेक लोग उपवास रखकर केवल फलाहार ही करते हैं। माता के मंदिरों में नवरात्रों पर महिलाओं द्वारा कीर्तन आदि भी किए जाते हैं। नवरात्रों के अंतिम दिन रामनवमी को प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर में मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर पुजारी सत्यनारायण पांडे ने बताया कि नौ दिनों तक माता का मनोहारी शृंगार किया जाएगा व सुबह- शाम भव्य आरती होगी।
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