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Mahendragarh-Narnaul News: नेशनल हाईवे 11 हादसों को निमंत्रण दे रहे पुल, रेवाड़ी रोड बने पुल पर नहीं सुरक्षा दीवार
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रेवाड़ी रोड नेशनल हाईवे नं. 11 पर शहर से निकलते पुल हादसों का निमंत्रण दे रहे हैं। इन पुलों पर सुरक्षा दीवार और रैलिंग टूटी हुई हैं। धुंध पड़ने पर कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। अब तक इन पुलों पर 9 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें दस से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
कुछ दिन पहले भी एक पिकअप गंदा नाला पुल में जा गिरी थी जिससे चालक घायल हो गया था। बावजूद इसके इन पुलों को ठीक करवाने के लिए न तो नगर परिषद और न ही एनएचएआई जिम्मेदारी ले रही है।
बता दें कि नेशनल हाईवे 11 पर शहर से निकलते ही दो-तीन पुल बने हुए हैं। एक पुल गंदे नाले पर तथा दो पुल कृष्णावति के ऊपर बने हुए हैं। गंदे नाले पुल की सुरक्षा दीवारें छोटी हैं तथा एक साइड एल आकृति में नहीं है। इससे आगे कृष्णावृति नदी पर पुल बना हुआ है उस पर भी एल आकृति की अपेक्षा सीधी दीवार बनी हुई है जो जर्जर हालत में हैं। इसके शुरुआत तथा अंतिम छोर के कोन पर कोई सुरक्षा दीवार नहीं हैं। कोहरे या रात को कभी भी वाहन चालक साइड लेते, देते तथा ओवरटेक करते समय हादसे का शिकार हो सकते हैं। पुल नं. 3 सबसे बड़ा पुल है। इस पुल पर लोहे के पाइप लगाए हुए हैं उन पाइप पर सफेद, पीली तथा लाल ट्रैफिक लाइट टेप नहीं लगी हुई। रेवाड़ी की ओर जाते समय पुल के बाई तरफ लोहे के पाइप टूटे हुए हैं जिसमें पूरी गाड़ी निकल सकती है। इसके भी शुरुआत और अंतिम कोने पर न तो कोई दीवार है और न ही कोई ट्रैफिक सिंगल हैं।
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दो साल से नहीं हो रहा रोड का चौड़ीकरण
बता दें कि रेेवाड़ी रोड स्थित छलक नाले से पुल तक नेशनल हाईवे 11 का हिस्सा है। दो किलोमीटर का यह रोड मात्र चार मीटर चौड़ा है। इस दो किलोमीटर रोड को नगर परिषद की ओर से लगभग 5.62 करोड़ रुपये से बनाया जाना था। नगर परिषद की ओर से रोड के दोनों ओर खुदाई भी करवा दी थी और रोड़े भी डलवा दिए थे। बाद में दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाने को लेकर बजट 9.45 करोड़ रुपये का कर दिया था लेकिन उसके बाद काम रूक गया था जो अभी तक शुरू नहीं हुआ। यह रोड काफी व्यस्त रोड है। प्रतिदिन इस रोड से हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं इसलिए रोड का चौड़ीकरण बहुत जरूरी है।
तीन साल में हुई लगभग 9 दुर्घटनाएं
बता दें कि पिछले तीन साल के दौरान उक्त पुलों पर 9 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। तीन साल पहले एक डीजल का टैंकर गंदे नाले पुल से नीचे जा गिरा जिसे टैंकर में आग लग गई। दो से तीन दिन इस रास्त को बंद कर दिया गया था। कुछ दिन पहले ही इस नाले में एक पिकअप भी गिर चुकी हैं। अब तक इसमें टैंकर, पिकअप, दो कारें तथा एक ट्रक सहित पांच वाहन गिर चुके हैं जबकि कृष्णावति नदी के पुलों पर से चार वाहन जिसमें एक पानी की सप्लाई करने वाला ट्रैक्टर, एक पिकअप तथा दो ट्रक शामिल हैं।
अभी यह रोड एनएचएआई के पास है। एनएचएआई ने हमें अभी हैंडओवर नहीं किया है। हैंडओवर होने के बाद हम पुलों की सुरक्षा दीवारें एवं रैलिंग ठीक करवा देंगे। -अश्वनी गहलावत, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
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कुछ दिन पहले भी एक पिकअप गंदा नाला पुल में जा गिरी थी जिससे चालक घायल हो गया था। बावजूद इसके इन पुलों को ठीक करवाने के लिए न तो नगर परिषद और न ही एनएचएआई जिम्मेदारी ले रही है।
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बता दें कि नेशनल हाईवे 11 पर शहर से निकलते ही दो-तीन पुल बने हुए हैं। एक पुल गंदे नाले पर तथा दो पुल कृष्णावति के ऊपर बने हुए हैं। गंदे नाले पुल की सुरक्षा दीवारें छोटी हैं तथा एक साइड एल आकृति में नहीं है। इससे आगे कृष्णावृति नदी पर पुल बना हुआ है उस पर भी एल आकृति की अपेक्षा सीधी दीवार बनी हुई है जो जर्जर हालत में हैं। इसके शुरुआत तथा अंतिम छोर के कोन पर कोई सुरक्षा दीवार नहीं हैं। कोहरे या रात को कभी भी वाहन चालक साइड लेते, देते तथा ओवरटेक करते समय हादसे का शिकार हो सकते हैं। पुल नं. 3 सबसे बड़ा पुल है। इस पुल पर लोहे के पाइप लगाए हुए हैं उन पाइप पर सफेद, पीली तथा लाल ट्रैफिक लाइट टेप नहीं लगी हुई। रेवाड़ी की ओर जाते समय पुल के बाई तरफ लोहे के पाइप टूटे हुए हैं जिसमें पूरी गाड़ी निकल सकती है। इसके भी शुरुआत और अंतिम कोने पर न तो कोई दीवार है और न ही कोई ट्रैफिक सिंगल हैं।
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दो साल से नहीं हो रहा रोड का चौड़ीकरण
बता दें कि रेेवाड़ी रोड स्थित छलक नाले से पुल तक नेशनल हाईवे 11 का हिस्सा है। दो किलोमीटर का यह रोड मात्र चार मीटर चौड़ा है। इस दो किलोमीटर रोड को नगर परिषद की ओर से लगभग 5.62 करोड़ रुपये से बनाया जाना था। नगर परिषद की ओर से रोड के दोनों ओर खुदाई भी करवा दी थी और रोड़े भी डलवा दिए थे। बाद में दोनों तरफ फुटपाथ बनाए जाने को लेकर बजट 9.45 करोड़ रुपये का कर दिया था लेकिन उसके बाद काम रूक गया था जो अभी तक शुरू नहीं हुआ। यह रोड काफी व्यस्त रोड है। प्रतिदिन इस रोड से हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं इसलिए रोड का चौड़ीकरण बहुत जरूरी है।
तीन साल में हुई लगभग 9 दुर्घटनाएं
बता दें कि पिछले तीन साल के दौरान उक्त पुलों पर 9 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। तीन साल पहले एक डीजल का टैंकर गंदे नाले पुल से नीचे जा गिरा जिसे टैंकर में आग लग गई। दो से तीन दिन इस रास्त को बंद कर दिया गया था। कुछ दिन पहले ही इस नाले में एक पिकअप भी गिर चुकी हैं। अब तक इसमें टैंकर, पिकअप, दो कारें तथा एक ट्रक सहित पांच वाहन गिर चुके हैं जबकि कृष्णावति नदी के पुलों पर से चार वाहन जिसमें एक पानी की सप्लाई करने वाला ट्रैक्टर, एक पिकअप तथा दो ट्रक शामिल हैं।
अभी यह रोड एनएचएआई के पास है। एनएचएआई ने हमें अभी हैंडओवर नहीं किया है। हैंडओवर होने के बाद हम पुलों की सुरक्षा दीवारें एवं रैलिंग ठीक करवा देंगे। -अश्वनी गहलावत, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।