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दोस्त की मदद से की बेटे के लिए बस की व्यवस्था
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खारकीव में फंसे अटेली नांगल के मेडिकल छात्र पीयूष ल्वीव रात आठ बजे ल्वीव पहुंच जाएगा। इसके बाद उन्हें ल्वीव से रोमानिया बॉर्डर जाना होगा जो कि लगभग छह से सात घंटे का रास्ता है। इसके लिए पीयूष के पिता सुरेंद्र ने बेटे के लिए वहां रह रहे उनके एक साथी की मदद से बस की व्यवस्था की है। उसी बस में लगभग 40 से 50 विद्यार्थी रोमानिया बॉर्डर पहुंचेंगे। इसके बाद वो एयर पोर्ट के लिए रवाना होंगे। एयर पोर्ट से दिल्ली या मुंबई पहुंचेंगे।
विदेश मंत्रालय से आई सूची के अनुसार जिले में लगभग 30 विद्यार्थी यूक्रेन में पढ़ रहे थे। इनमें से 15 विद्यार्थी आ चुके हैं और 15 विद्यार्थी अभी तक भारत नहीं पहुंचे है। प्रशासन का दावा कि शेष 15 विद्यार्थी यूक्रेन ने निकाल लिए गए हैं और वो नजदीक देशों के बॉर्डर पर हैं और दूतावास की ओर से उनके आने का शेड्यूल भी जारी किया हुआ है।
बता दें कि अटेली नांगल गांव का निवासी पीयूष खारकीव में मेडिकल का छात्र है। पिछले सात दिनों से वह खारकीव में फंसा हुआ था। इसके बाद सरकार की ओर से भारतीय विद्यार्थियों को वहां से निकालने के लिए मंगलवार को खारकीव से ल्वीव के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई थी। इस ट्रेन में लगभग 400 भारतीय विद्यार्थी सवार हैं। पिछले 24 घंटे से यह गाड़ी चल रही है परंतु अभी तक गाड़ी ल्वीव नहीं पहुंच पाई है। पीयूष के पिता सुरेंद्र ने बताया कि उनकी ट्रेन कीव का पार कर चुकी है। देरी के बारे में उन्होंने बताया कि आक्रमण को देखते हुए ट्रेन को दो-दो घंटें रूकना पड़ रहा है। रेलगाड़ी को आगे गोलीबारी का सिग्नल मिलने के बाद ही आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि रात आठ बजे उनकी गाड़ी ल्वीव पहुंच जाएगी।
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घर पहुंचने के बाद ही उनकी टेंशन कम होगी
सुरेंद्र ने बताया कि ल्वीव से रोमानिया बॉर्डर काफी दूर पड़ता है। ऐसी स्थिति में रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि ल्वीव में उसका दोस्त रह रहा है। उसके साथ फोन पर बातचीत कर बेटे के लिए बस की व्यवस्था के लिए निवेदन किया है। उसने बताया कि दोस्त की मदद से उनके लिए बस की व्यवस्था की हुई है। यह बस ल्वीव से रोमानिया बॉर्डर छोड़ेगी। पिता ने बताया कि अभी उनकी टेंशन कम नहीं हुई है। घर पहुंचने के बाद ही उनकी टेंशन कम होगी।
जिले में 15 विद्यार्थी आ चुके
जिला प्रशासन के पास लगभग विदेश मंत्रालय से यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले लगभग 30 विद्यार्थियों की लिस्ट आई है। नगराधीश मंगल सैन ने बताया कि अब तक जिले में 15 विद्यार्थी आ चुके हैं। 15 विद्यार्थी आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि दूतावास की मदद से उपरोक्त विद्यार्थियों को यूक्रेन से निकाल लिया गया है। कुछ रास्ते में हैं और कुछ पड़ोसी देशों में है। दूतावास की ओर से शेड्यूल भी जारी हो चुका है। एक या दो दिन में सभी वापस आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि आए विद्यार्थियों के पास तहसीलदार तथा एसडीएम मिलकर आए हैं और उनका कुशलक्षेम भी पूछा है। अभी तक नहीं आए उन विद्यार्थियों के परिजनों से भी मिला जा रहा है तथा विद्यार्थियों की अपडेट ली जा रही है।
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विदेश मंत्रालय से आई सूची के अनुसार जिले में लगभग 30 विद्यार्थी यूक्रेन में पढ़ रहे थे। इनमें से 15 विद्यार्थी आ चुके हैं और 15 विद्यार्थी अभी तक भारत नहीं पहुंचे है। प्रशासन का दावा कि शेष 15 विद्यार्थी यूक्रेन ने निकाल लिए गए हैं और वो नजदीक देशों के बॉर्डर पर हैं और दूतावास की ओर से उनके आने का शेड्यूल भी जारी किया हुआ है।
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बता दें कि अटेली नांगल गांव का निवासी पीयूष खारकीव में मेडिकल का छात्र है। पिछले सात दिनों से वह खारकीव में फंसा हुआ था। इसके बाद सरकार की ओर से भारतीय विद्यार्थियों को वहां से निकालने के लिए मंगलवार को खारकीव से ल्वीव के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई थी। इस ट्रेन में लगभग 400 भारतीय विद्यार्थी सवार हैं। पिछले 24 घंटे से यह गाड़ी चल रही है परंतु अभी तक गाड़ी ल्वीव नहीं पहुंच पाई है। पीयूष के पिता सुरेंद्र ने बताया कि उनकी ट्रेन कीव का पार कर चुकी है। देरी के बारे में उन्होंने बताया कि आक्रमण को देखते हुए ट्रेन को दो-दो घंटें रूकना पड़ रहा है। रेलगाड़ी को आगे गोलीबारी का सिग्नल मिलने के बाद ही आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि रात आठ बजे उनकी गाड़ी ल्वीव पहुंच जाएगी।
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घर पहुंचने के बाद ही उनकी टेंशन कम होगी
सुरेंद्र ने बताया कि ल्वीव से रोमानिया बॉर्डर काफी दूर पड़ता है। ऐसी स्थिति में रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि ल्वीव में उसका दोस्त रह रहा है। उसके साथ फोन पर बातचीत कर बेटे के लिए बस की व्यवस्था के लिए निवेदन किया है। उसने बताया कि दोस्त की मदद से उनके लिए बस की व्यवस्था की हुई है। यह बस ल्वीव से रोमानिया बॉर्डर छोड़ेगी। पिता ने बताया कि अभी उनकी टेंशन कम नहीं हुई है। घर पहुंचने के बाद ही उनकी टेंशन कम होगी।
जिले में 15 विद्यार्थी आ चुके
जिला प्रशासन के पास लगभग विदेश मंत्रालय से यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले लगभग 30 विद्यार्थियों की लिस्ट आई है। नगराधीश मंगल सैन ने बताया कि अब तक जिले में 15 विद्यार्थी आ चुके हैं। 15 विद्यार्थी आने वाले हैं। उन्होंने बताया कि दूतावास की मदद से उपरोक्त विद्यार्थियों को यूक्रेन से निकाल लिया गया है। कुछ रास्ते में हैं और कुछ पड़ोसी देशों में है। दूतावास की ओर से शेड्यूल भी जारी हो चुका है। एक या दो दिन में सभी वापस आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि आए विद्यार्थियों के पास तहसीलदार तथा एसडीएम मिलकर आए हैं और उनका कुशलक्षेम भी पूछा है। अभी तक नहीं आए उन विद्यार्थियों के परिजनों से भी मिला जा रहा है तथा विद्यार्थियों की अपडेट ली जा रही है।