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स्कूली बच्चों को दी कानून की जानकारी
Updated Thu, 14 Sep 2017 11:03 PM IST
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स्कूली बच्चों को दी कानून की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘हम एक हैं’ अभियान के तहत वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोरासी और एसडी स्कूल नारनौल में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद मुख्य वक्ता थे।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ मूल कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। मातृत्व की भावना, पर्यावरण की रक्षा करना और माता-पिता अपने 14 साल तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करना, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान का आदर करना हमारा मूल कर्तव्य है। हमें पालन करना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि संविधान की धारा 14 और 18 के तहत समता के अधिकारों (मूल अधिकारों) और धारा 51 ए के तहत संबंधित मूल कर्तव्यों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समता का अधिकार, राज्य धर्म, जाति, लिंग और जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक पदों पर नियोजन की समता का अधिकार, अस्पर्शता का निषेध, उपाधियों के अंत एवं मूल कर्तव्यों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस अवसर पर कानूनी स्वयं सेवक टेकचंद यादव, संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘हम एक हैं’ अभियान के तहत वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोरासी और एसडी स्कूल नारनौल में कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद मुख्य वक्ता थे।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ मूल कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। मातृत्व की भावना, पर्यावरण की रक्षा करना और माता-पिता अपने 14 साल तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षित करना, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गान का आदर करना हमारा मूल कर्तव्य है। हमें पालन करना चाहिए। प्रसाद ने कहा कि संविधान की धारा 14 और 18 के तहत समता के अधिकारों (मूल अधिकारों) और धारा 51 ए के तहत संबंधित मूल कर्तव्यों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समता का अधिकार, राज्य धर्म, जाति, लिंग और जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। सार्वजनिक पदों पर नियोजन की समता का अधिकार, अस्पर्शता का निषेध, उपाधियों के अंत एवं मूल कर्तव्यों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। इस अवसर पर कानूनी स्वयं सेवक टेकचंद यादव, संजय कुमार आदि मौजूद थे।
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