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सहमति के बाद भी सरकार नहीं मान रही मांग, होगी आक्रोश रैली
Updated Sun, 13 Aug 2017 12:38 AM IST
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सहमति के बाद भी सरकार नहीं मान रही मांग, होगी आक्रोश रैली
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार की कर्मचारी महासंघ से दो बार वार्ता हो चुकी है इस दौरान कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद भी सरकार उनकी मानी गई मुख्य मांगों को लागू नहीं कर रही है। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में रोष है। इसको लेकर 20 अगस्त को हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सीएम सिटी करनाल के हुडा सेक्टर-12 में आक्रोश रैली होगी। इसमें कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेताएंगे। यह बात हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष कंवर सिंह यादव ने शनिवार को सिंघाणा रोड स्थित बिजली निगम के सर्कल कार्यालय में पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि सरकार 20 अगस्त को होने वाली रैली से पूर्व यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो रैली में सरकार के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। इसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। इससे पूर्व कर्मचारी नेता ने सर्कल कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों को 20 अगस्त को करनाल में होने वाली रैली का निमंत्रण दिया। प्रदेशाध्यक्ष कंवर सिंह ने कहा कि इस रैली महासंघ से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नियत और नीति सही नहीं है। महासंघ के प्रदेश राज्य मुख्य प्रवक्ता महाबीर पहलवान ने कहा कि सरकार यदि कर्मचारियों की मुख्य मांगों को जल्द लागू नहीं करती तो इस रैली में कर्मचारी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान करेंगे। उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, मुख्य न्यायालय के फैसले के अनुसार कर्मचारियों को समान काम, समान वेतन देने, 1995 से पहले की एक्सग्रेसिया की पालिसी को लागू करने, बिजली कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस देने, रोडवेज का निजीकरण बंद करने, एमपीएचडब्ल्यू महिला कर्मचारियों का वेतनमान पुरुष कर्मचारियों के बराबर करने, कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल की सुविधा देने, छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने, 2006 के बाद लगे सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति का लाभ देने, सभी विभागों में नियमित कर्मचारियों की भर्ती करने और विभागों में ठेका प्रथा को समाप्त करने की मांग की थी। सरकार ने कुछ मांगों को मानते हुए उन्हें लागू करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कई माह बीतने के बावजूद भी लागू नहीं किया है। इस अवसर पर धर्मबीर सिंह चेयरमैन, कमल शर्मा, भवानी शर्मा, दीपक कुमार, विजय भरगड़, जगदीश कैशियर, शिव कुमार महासचिव, शमशेर सिंह रेवाड़ी, सुभाष रोहिल्ला, सुरेंद्र जोशी, भूपेंद्र जेई, अशोक यादव, ओमप्रकाश उर्फ नीटू, सत्यवान यादव, अनिल यादव, राकेश प्रधान, राजेंद्र बोहरा, आनंद शर्मा आदि कर्मचारी उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार की कर्मचारी महासंघ से दो बार वार्ता हो चुकी है इस दौरान कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद भी सरकार उनकी मानी गई मुख्य मांगों को लागू नहीं कर रही है। इससे प्रदेशभर के कर्मचारियों में रोष है। इसको लेकर 20 अगस्त को हरियाणा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सीएम सिटी करनाल के हुडा सेक्टर-12 में आक्रोश रैली होगी। इसमें कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार को चेताएंगे। यह बात हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष कंवर सिंह यादव ने शनिवार को सिंघाणा रोड स्थित बिजली निगम के सर्कल कार्यालय में पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि सरकार 20 अगस्त को होने वाली रैली से पूर्व यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो रैली में सरकार के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। इसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। इससे पूर्व कर्मचारी नेता ने सर्कल कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों को 20 अगस्त को करनाल में होने वाली रैली का निमंत्रण दिया। प्रदेशाध्यक्ष कंवर सिंह ने कहा कि इस रैली महासंघ से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की नियत और नीति सही नहीं है। महासंघ के प्रदेश राज्य मुख्य प्रवक्ता महाबीर पहलवान ने कहा कि सरकार यदि कर्मचारियों की मुख्य मांगों को जल्द लागू नहीं करती तो इस रैली में कर्मचारी सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान करेंगे। उन्होंने कहा कि महासंघ ने सरकार से कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, मुख्य न्यायालय के फैसले के अनुसार कर्मचारियों को समान काम, समान वेतन देने, 1995 से पहले की एक्सग्रेसिया की पालिसी को लागू करने, बिजली कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस देने, रोडवेज का निजीकरण बंद करने, एमपीएचडब्ल्यू महिला कर्मचारियों का वेतनमान पुरुष कर्मचारियों के बराबर करने, कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल की सुविधा देने, छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने, 2006 के बाद लगे सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति का लाभ देने, सभी विभागों में नियमित कर्मचारियों की भर्ती करने और विभागों में ठेका प्रथा को समाप्त करने की मांग की थी। सरकार ने कुछ मांगों को मानते हुए उन्हें लागू करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कई माह बीतने के बावजूद भी लागू नहीं किया है। इस अवसर पर धर्मबीर सिंह चेयरमैन, कमल शर्मा, भवानी शर्मा, दीपक कुमार, विजय भरगड़, जगदीश कैशियर, शिव कुमार महासचिव, शमशेर सिंह रेवाड़ी, सुभाष रोहिल्ला, सुरेंद्र जोशी, भूपेंद्र जेई, अशोक यादव, ओमप्रकाश उर्फ नीटू, सत्यवान यादव, अनिल यादव, राकेश प्रधान, राजेंद्र बोहरा, आनंद शर्मा आदि कर्मचारी उपस्थित थे।
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