{"_id":"5c606890bdec2273724c4ceb","slug":"41549822096-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद में आए 20 लाख रुपये के 30 बड़े और 300 छोटे डस्टबिन, 25 लाख रुपए की लिफ्टिंग मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद में आए 20 लाख रुपये के 30 बड़े और 300 छोटे डस्टबिन, 25 लाख रुपए की लिफ्टिंग मशीन
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में बेहतर अंक की आस में नगर परिषद प्रशासन जुटा है। गंदगी से निजात दिलाने के लिए अब नगर परिषद के पास करीब 20 लाख रुपये के 30 बड़े व 300 छोटे डस्टबिन आ चुके है। जिन जगहों पर कूड़ा अधिक फैलता है वहां 30 बड़े डस्टबिन रखे जाएंगे। कूड़े से भरे बड़े डस्टबिन को उठाने के लिए बकायदा 25 लाख रुपए की लिफ्ट सिस्टम गाड़ी भी खरीदी गई है। इस गाड़ी में डस्टबिन को उठाने का लिफ्ट सिस्टम है। एक साथ दो बड़े डस्टबिन यह गाड़ी अपने साथ लेकर जा सकती है। इसके अलावा नगर परिषद ने वैक्यूम क्लीनर मशीन, एक जेसीबी मशीन व 20 टेम्पों की खरीदने का प्रस्ताव भेज रखा हैं।
नगर परिषद में 215 सफाई कर्मचारी है। इनमें 42 रेगुलर, 123 पे-रोल और 50 आउट सोर्सिंग पर लगे है। एक जेसीबी मशीन, आठ टैम्पों, छह ट्रैक्टर-ट्राली और एक लोडर मशीन है। सफाई उपकरणों की कमी बताते हुए 23 दिसंबर को कोरियावास रैली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल के समक्ष विधायक ओमप्रकाश यादव ने मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मांगों को पूरी करने की घोषणा की थी। अब शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 आरंभ होने की चर्चा चल पड़ी है। ऐसे में नगर परिषद भी सक्रिय हो गया है। हाल ही में 11 जनवरी को सफाई कर्मचारियों को पहली बार नगर परिषद प्रशासन ने वर्दी, मास्क, जूते, दस्ताने सहित सुरक्षा उपकरण वितरित किए थे। अब गीले व सूख कूड़ा डालने के लिए नए डस्टबिन भी आ चुके है।
-हरे व नीले रंग के होंगे डस्टबिन
नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने बताया कि कूड़ादान उठाने वाला वाहन भी आ चुका है। वाहन के हिसाब से ही 30 नए बड़े डस्टबिन के साथ ही 200 छोटे हरे व नीले रंग के डस्टबिन भी खरीदे जा चुके है। हरे रंग के डस्टबिन में गलने-सड़ने वाला गीला कूड़ा डाला जाएगा और नीले रंग के डस्टबिन में सूखा-कचरा रखा जाएगा। इसमें आमजन का सहयोग भी अहम रहेगा।
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-कहां-कहां पर रखें जाएंगे बड़े डस्टबिन
30 नए डस्टबिनों को नागरिक अस्पताल, अनाज मंडी, टीबी अस्पताल, नलापुर, रावका, जमालपुर, मोटा महादेव, पीरआगा, रावका, बड़ का कुआं, सलामपुरा, सब्जी मंडी, पुरानी मंडी, मिश्रवाड़ा, महल मोहल्ला, सेन चौक, पुरानी सराय, महिला आईटीआई, चितवन वाटिका, बस स्टैंड, आजाद चौक, मीरा की सराय, मेहता चौक, पुल बाजार, किला रोड, खटीक चौक, छोटा-बड़ा तालाब, पीजी कालेज, आर्य समाज मंदिर और सुभाष स्टेडियम के पास रखा जाएगा। वहीं छोटे डस्टबिन शहर के मुख्य बाजार में रखे जायेंगे। उन्होंने बताया कि कूड़ा एकत्रित होते ही लिफ्टिंग मशीन इनको उठाकर ले जाएगी।
30 बड़े और 300 छोटे डस्टबिन से शहर में कूड़ा करकट से निजात मिलेगा। इसमें शहर वासियों को पूरा सहयोग करना पड़ेगा। शहर वासियों को कूड़ा-करकट इन डस्टबिन में ही डालना चाहिए। ताकि कूड़ा-करकट सड़क और मोहल्ले में न फैले। नगर परिषद कर्मचारी और अधिकारी शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करने में लगे हुए है।
भारती सैनी, नगर परिषद, चेयरपर्सन
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नारनौल। स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में बेहतर अंक की आस में नगर परिषद प्रशासन जुटा है। गंदगी से निजात दिलाने के लिए अब नगर परिषद के पास करीब 20 लाख रुपये के 30 बड़े व 300 छोटे डस्टबिन आ चुके है। जिन जगहों पर कूड़ा अधिक फैलता है वहां 30 बड़े डस्टबिन रखे जाएंगे। कूड़े से भरे बड़े डस्टबिन को उठाने के लिए बकायदा 25 लाख रुपए की लिफ्ट सिस्टम गाड़ी भी खरीदी गई है। इस गाड़ी में डस्टबिन को उठाने का लिफ्ट सिस्टम है। एक साथ दो बड़े डस्टबिन यह गाड़ी अपने साथ लेकर जा सकती है। इसके अलावा नगर परिषद ने वैक्यूम क्लीनर मशीन, एक जेसीबी मशीन व 20 टेम्पों की खरीदने का प्रस्ताव भेज रखा हैं।
नगर परिषद में 215 सफाई कर्मचारी है। इनमें 42 रेगुलर, 123 पे-रोल और 50 आउट सोर्सिंग पर लगे है। एक जेसीबी मशीन, आठ टैम्पों, छह ट्रैक्टर-ट्राली और एक लोडर मशीन है। सफाई उपकरणों की कमी बताते हुए 23 दिसंबर को कोरियावास रैली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल के समक्ष विधायक ओमप्रकाश यादव ने मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मांगों को पूरी करने की घोषणा की थी। अब शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 आरंभ होने की चर्चा चल पड़ी है। ऐसे में नगर परिषद भी सक्रिय हो गया है। हाल ही में 11 जनवरी को सफाई कर्मचारियों को पहली बार नगर परिषद प्रशासन ने वर्दी, मास्क, जूते, दस्ताने सहित सुरक्षा उपकरण वितरित किए थे। अब गीले व सूख कूड़ा डालने के लिए नए डस्टबिन भी आ चुके है।
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-हरे व नीले रंग के होंगे डस्टबिन
नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी ने बताया कि कूड़ादान उठाने वाला वाहन भी आ चुका है। वाहन के हिसाब से ही 30 नए बड़े डस्टबिन के साथ ही 200 छोटे हरे व नीले रंग के डस्टबिन भी खरीदे जा चुके है। हरे रंग के डस्टबिन में गलने-सड़ने वाला गीला कूड़ा डाला जाएगा और नीले रंग के डस्टबिन में सूखा-कचरा रखा जाएगा। इसमें आमजन का सहयोग भी अहम रहेगा।
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-कहां-कहां पर रखें जाएंगे बड़े डस्टबिन
30 नए डस्टबिनों को नागरिक अस्पताल, अनाज मंडी, टीबी अस्पताल, नलापुर, रावका, जमालपुर, मोटा महादेव, पीरआगा, रावका, बड़ का कुआं, सलामपुरा, सब्जी मंडी, पुरानी मंडी, मिश्रवाड़ा, महल मोहल्ला, सेन चौक, पुरानी सराय, महिला आईटीआई, चितवन वाटिका, बस स्टैंड, आजाद चौक, मीरा की सराय, मेहता चौक, पुल बाजार, किला रोड, खटीक चौक, छोटा-बड़ा तालाब, पीजी कालेज, आर्य समाज मंदिर और सुभाष स्टेडियम के पास रखा जाएगा। वहीं छोटे डस्टबिन शहर के मुख्य बाजार में रखे जायेंगे। उन्होंने बताया कि कूड़ा एकत्रित होते ही लिफ्टिंग मशीन इनको उठाकर ले जाएगी।
30 बड़े और 300 छोटे डस्टबिन से शहर में कूड़ा करकट से निजात मिलेगा। इसमें शहर वासियों को पूरा सहयोग करना पड़ेगा। शहर वासियों को कूड़ा-करकट इन डस्टबिन में ही डालना चाहिए। ताकि कूड़ा-करकट सड़क और मोहल्ले में न फैले। नगर परिषद कर्मचारी और अधिकारी शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करने में लगे हुए है।
भारती सैनी, नगर परिषद, चेयरपर्सन