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नारनौल अनाज मंडी में पहले दिन पहुंचे केवल दो किसान
Updated Tue, 02 Oct 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विंटल पर सोमवार से बाजरे की खरीद करने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां पहले दिन ही फेल हो गई। विभागीय साइट में आई तकनीकी खामी के कारण पंजीकृत किसानों का डाटा वेरिफाई नहीं हो पाया। इस कारण मार्केट कमेटी द्वारा किसानों को गेट पास जारी किए जा सके। इससे पहले दिन शाम पांच बजे तक नारनौल की नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू नहीं हो पाई। जिस कारण किसान शाम छह बजे तक फसल को लेकर मंडी में बैठकर गेट पास जारी होने का इंतजार करते रहे। प्रशासन द्वारा बाजरे की खरीद करने के लिए की गई पूर्व तैयारी धरी की धरी रह गई। वहीं, नारनौल की नई अनाज मंडी में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव ने सुबह 10 बजे लड्डू बांटकर बाजरे की खरीद कार्य का शुभारंभ करवाया। इस दौरान मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी, वाइस चेयरमैन रामजीलाल मित्तल, मार्केटिंग सोसाइटी चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा, हैफेड डीएम रामकुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार मेहता मौजूद थे।
बता दें कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर सोमवार से जिले की मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू की गई। लेकिन जिले में अभी बाजरे की कटाई जोरों पर चल रही है। वहीं, जिन किसानों ने फसल की कटाई कर अनाज निकलवा लिया है वे भी अनाज में नमी को देखते हुए सूखाने में लगे हैं। इस प्रकार मंडियों में पहले दिन बाजरे की आवक कम हुई।
इन गांवों का था शेड्यूल
प्रशासन द्वारा विभिन्न गांवों के किसानों का अनाज खरीदने के लिए शेडयूल जारी किया हुआ है। सोमवार को नारनौल की नई अनाज मंडी में नारनौल-एक, नारनौल-दो, बुचकपुर व मुरारीपुर गांवों के किसानों का बाजरा खरीदा जाना था। पहले दिन नारनौल की नई अनाज मंडी में केवल दो ही किसान बाजरा बेचने के लिए पहुंचे। हालांकि बाजरा खरीदने के लिए हैफेड अधिकारी और कर्मचारी मंडी में मौजूद थे। वहीं, महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में पहले दिन केवल एक ही ढेरी पहुंची। जिस कारण खरीद शुरू की गई। कनीना मंडी में बाजरे की खरीद के लिए सोमवार को ही लेटर जारी किया गया। इससे खरीद नहीं हो सकी। हालांकि इन गांवों के किसानों के लिए शेड्यूल बाद में जारी होगा।
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ऑनलाइन पंजीकृत किसानों के बाजरे की होगी समर्थन मूल्य पर खरीद
सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद के दौरान किसानों को कागजी कार्रवाई में होने वाली परेशानी को देखते हुए अबकी बार किसानों का ‘मेरी खेती मेरा ब्योरा’ के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। ताकि किसान मंडी में फसल बेचने आएं तो पंजीकरण के दौरान दिए गए ब्योरे को ऑनलाइन वेरिफाई कर गेट पास जारी किया जा सके। साथ ही बाहरी दूसरे राज्यों से आने वाले अनाज पर रोक लगाई जा सके।
अटेली मंडी में हुई 1200 क्विंटल बाजरे की खरीद
अटेली मंडी की अनाज मंडी में सोमवार को पहले दिन करीब 1200 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। पहले दिन वेयर हाउस द्वारा बाजरे की खरीद की गई। वेयर हाउस की मैनेजर आनंद ने बाजरेा ढेरियों पर पहुंचकर गुणवत्ता की जांच करके खरीदा। यहां कुछ किसानों द्वारा पंजीकरण के दौरान दी गई जानकारी वेरिफाई नहीं होने के कारण खरीद कुछ देर के लिए रुक गई। इसके बाद नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह मंडी में पहुंचकर नपा सचिव को किसान की तस्दीक करने के आदेश देकर खरीद शुरू करवाई। मंडी में पहले दिन शाम पांच बज तक करीब 1200 क्विंटल बाजरा खरीदा गया।
किसानों ने मार्केट कमेटी के अधूरे प्रबंध पर जताया आक्रोश
नांगल चौधरी की अनाज मंडी में खरीद के पहले दिन केवल चार किसान बाजरा लेकर आए। इनमें तीन किसानों के ऑनलाइन दस्तावेज पूरे नहीं हुए, एक ही किसान का बाजरा खरीदा गया। अव्यवस्था का मुख्य कारण मार्केट कमेटी द्वारा कंप्यूटर और ऑपरेटर का प्रबंध नहीं करना रहा। आक्रोशित किसानों ने धरना-प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है।
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नारनौल। सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विंटल पर सोमवार से बाजरे की खरीद करने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियां पहले दिन ही फेल हो गई। विभागीय साइट में आई तकनीकी खामी के कारण पंजीकृत किसानों का डाटा वेरिफाई नहीं हो पाया। इस कारण मार्केट कमेटी द्वारा किसानों को गेट पास जारी किए जा सके। इससे पहले दिन शाम पांच बजे तक नारनौल की नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू नहीं हो पाई। जिस कारण किसान शाम छह बजे तक फसल को लेकर मंडी में बैठकर गेट पास जारी होने का इंतजार करते रहे। प्रशासन द्वारा बाजरे की खरीद करने के लिए की गई पूर्व तैयारी धरी की धरी रह गई। वहीं, नारनौल की नई अनाज मंडी में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव ने सुबह 10 बजे लड्डू बांटकर बाजरे की खरीद कार्य का शुभारंभ करवाया। इस दौरान मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी सैनी, वाइस चेयरमैन रामजीलाल मित्तल, मार्केटिंग सोसाइटी चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा, हैफेड डीएम रामकुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार मेहता मौजूद थे।
बता दें कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर सोमवार से जिले की मंडियों में बाजरे की खरीद शुरू की गई। लेकिन जिले में अभी बाजरे की कटाई जोरों पर चल रही है। वहीं, जिन किसानों ने फसल की कटाई कर अनाज निकलवा लिया है वे भी अनाज में नमी को देखते हुए सूखाने में लगे हैं। इस प्रकार मंडियों में पहले दिन बाजरे की आवक कम हुई।
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इन गांवों का था शेड्यूल
प्रशासन द्वारा विभिन्न गांवों के किसानों का अनाज खरीदने के लिए शेडयूल जारी किया हुआ है। सोमवार को नारनौल की नई अनाज मंडी में नारनौल-एक, नारनौल-दो, बुचकपुर व मुरारीपुर गांवों के किसानों का बाजरा खरीदा जाना था। पहले दिन नारनौल की नई अनाज मंडी में केवल दो ही किसान बाजरा बेचने के लिए पहुंचे। हालांकि बाजरा खरीदने के लिए हैफेड अधिकारी और कर्मचारी मंडी में मौजूद थे। वहीं, महेंद्रगढ़ अनाज मंडी में पहले दिन केवल एक ही ढेरी पहुंची। जिस कारण खरीद शुरू की गई। कनीना मंडी में बाजरे की खरीद के लिए सोमवार को ही लेटर जारी किया गया। इससे खरीद नहीं हो सकी। हालांकि इन गांवों के किसानों के लिए शेड्यूल बाद में जारी होगा।
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ऑनलाइन पंजीकृत किसानों के बाजरे की होगी समर्थन मूल्य पर खरीद
सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद के दौरान किसानों को कागजी कार्रवाई में होने वाली परेशानी को देखते हुए अबकी बार किसानों का ‘मेरी खेती मेरा ब्योरा’ के तहत ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। ताकि किसान मंडी में फसल बेचने आएं तो पंजीकरण के दौरान दिए गए ब्योरे को ऑनलाइन वेरिफाई कर गेट पास जारी किया जा सके। साथ ही बाहरी दूसरे राज्यों से आने वाले अनाज पर रोक लगाई जा सके।
अटेली मंडी में हुई 1200 क्विंटल बाजरे की खरीद
अटेली मंडी की अनाज मंडी में सोमवार को पहले दिन करीब 1200 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। पहले दिन वेयर हाउस द्वारा बाजरे की खरीद की गई। वेयर हाउस की मैनेजर आनंद ने बाजरेा ढेरियों पर पहुंचकर गुणवत्ता की जांच करके खरीदा। यहां कुछ किसानों द्वारा पंजीकरण के दौरान दी गई जानकारी वेरिफाई नहीं होने के कारण खरीद कुछ देर के लिए रुक गई। इसके बाद नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह मंडी में पहुंचकर नपा सचिव को किसान की तस्दीक करने के आदेश देकर खरीद शुरू करवाई। मंडी में पहले दिन शाम पांच बज तक करीब 1200 क्विंटल बाजरा खरीदा गया।
किसानों ने मार्केट कमेटी के अधूरे प्रबंध पर जताया आक्रोश
नांगल चौधरी की अनाज मंडी में खरीद के पहले दिन केवल चार किसान बाजरा लेकर आए। इनमें तीन किसानों के ऑनलाइन दस्तावेज पूरे नहीं हुए, एक ही किसान का बाजरा खरीदा गया। अव्यवस्था का मुख्य कारण मार्केट कमेटी द्वारा कंप्यूटर और ऑपरेटर का प्रबंध नहीं करना रहा। आक्रोशित किसानों ने धरना-प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है।