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Mahendragarh-Narnaul News: गोशालाओं में 29 पशु लंपी संक्रमित, दो गायों की मौत
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फोटो संख्या:77- श्रीगोशाला धोलपोश आश्रम में लंपी बीमारी से पीड़ित गाेवंश--संवाद
महेंद्रगढ़। शहर की चार गोशालाओं में करीब 2500 गोवंशों में से तीन गोशालाओं के 29 पशुओं में लंपी जैसे लक्षण मिले हैं। वहीं, वीरवार को बेसहारा गोशाला में दो गायों की बीमारी से मौत हो गई। गोशाला संचालकों के अनुसार, कुछ पशुओं को करीब डेढ़ माह पहले जबकि कुछ को आठ दिन पहले वैक्सीन लगा थी। इसके बावजूद कई पशु बीमारी की चपेट में आ गए हैं।
पशुपालन विभाग की ओर से गोवंश को वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। टीम की पड़ताल के दौरान श्रीगोशाला, श्रीधौलपोश गोशाला और बेसहारा गोवंश उपचारशाला में 27 गोवंश लंपी से पीड़ित मिले। वहीं श्रीबुचियावाली गोशाला में सभी पशु स्वस्थ पाए गए।
बेसहारा गोवंश उपचारशाला के प्रधान सूरज कुमार ने बताया कि गोशाला में करीब 300 पशु हैं। आठ दिन पहले सभी को वैक्सीन लगी थी। साथ ही उन्होंने आठ गायों की लंपी से मौत का भी दावा किया है। पिछले तीन दिनों से रोज दो गायों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर रोज दो से तीन घंटे इलाज के लिए आते हैं लेकिन संक्रमण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
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डॉक्टर मनोज और रामफल ने बताया कि गोवंशों का टीकाकरण किया गया है और रोज निगरानी हो रही है। हरसंभव इलाज किया जा रहा है, लेकिन खाना न खाने से कमजोरी बढ़ रही है। कम प्रतिरोधक क्षमता के कारण वायरस ज्यादा असर कर रहा है।
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श्रीगोशाला में 13 पशु लंपी से संक्रमित
गोशाला महासचिव तरुण कुमार ने बताया कि उनकी गोशाला में 1100 गोवंश हैं। इनमें से 13 गोवंश को लंपी हुई है और सभी को वैक्सीन भी विभाग की ओर से लगाई गई हैं। फिलहाल किसी भी हालात गंभीर नहीं है। लंपी ग्रस्त गोवंशों के लिए अलग बाड़ा बनाया गया है।
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गोशाला में 10 दिन पहले लगी वैक्सीन
श्रीबुचियावाली गोशाला प्रधान नवीन राव ने बताया कि गोशाला में 400 गाय हैं और अब 10 दिन पहले ही पशुपालन विभाग की ओर से गायों का टीकाकरण किया गया है। अभी तक गोशाला में सभी गाय स्वस्थ हैं और किसी में लक्षण नहीं मिले हैं। रोज गोवंशों पर नजर रखी जा रही है और बीमार गायों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।
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वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित
शहर की धौलपोश गोशाला प्रधान रविंद्र तिवाड़ी ने बताया कि उनके पास 700 गोवंश हैं। इनमें 99 फीसदी को डेढ़ माह पहले वैक्सीन लग चुकी हैं। गोशाला में फिलहाल 8 गोवंश लंपी पीड़ित हैं। इनको अलग वार्ड में रखा गया है और इनका इलाज भी जारी है। हालांकि अभी तक लंपी से कोई मौत नहीं हुई है।
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वर्जन:
संक्रमित गोवंशों का इलाज किया जा रहा है और वैक्सीनेशन के 14 दिन तक पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाती है। इससे पहले अगर लंपी के लक्षण आते हैं तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वैक्सीन का प्रभाव नहीं हो पाता है। -डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, महेंद्रगढ़
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पशुपालन विभाग की ओर से गोवंश को वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया जा रहा है। टीम की पड़ताल के दौरान श्रीगोशाला, श्रीधौलपोश गोशाला और बेसहारा गोवंश उपचारशाला में 27 गोवंश लंपी से पीड़ित मिले। वहीं श्रीबुचियावाली गोशाला में सभी पशु स्वस्थ पाए गए।
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बेसहारा गोवंश उपचारशाला के प्रधान सूरज कुमार ने बताया कि गोशाला में करीब 300 पशु हैं। आठ दिन पहले सभी को वैक्सीन लगी थी। साथ ही उन्होंने आठ गायों की लंपी से मौत का भी दावा किया है। पिछले तीन दिनों से रोज दो गायों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर रोज दो से तीन घंटे इलाज के लिए आते हैं लेकिन संक्रमण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।
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डॉक्टर मनोज और रामफल ने बताया कि गोवंशों का टीकाकरण किया गया है और रोज निगरानी हो रही है। हरसंभव इलाज किया जा रहा है, लेकिन खाना न खाने से कमजोरी बढ़ रही है। कम प्रतिरोधक क्षमता के कारण वायरस ज्यादा असर कर रहा है।
श्रीगोशाला में 13 पशु लंपी से संक्रमित
गोशाला महासचिव तरुण कुमार ने बताया कि उनकी गोशाला में 1100 गोवंश हैं। इनमें से 13 गोवंश को लंपी हुई है और सभी को वैक्सीन भी विभाग की ओर से लगाई गई हैं। फिलहाल किसी भी हालात गंभीर नहीं है। लंपी ग्रस्त गोवंशों के लिए अलग बाड़ा बनाया गया है।
गोशाला में 10 दिन पहले लगी वैक्सीन
श्रीबुचियावाली गोशाला प्रधान नवीन राव ने बताया कि गोशाला में 400 गाय हैं और अब 10 दिन पहले ही पशुपालन विभाग की ओर से गायों का टीकाकरण किया गया है। अभी तक गोशाला में सभी गाय स्वस्थ हैं और किसी में लक्षण नहीं मिले हैं। रोज गोवंशों पर नजर रखी जा रही है और बीमार गायों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।
वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित
शहर की धौलपोश गोशाला प्रधान रविंद्र तिवाड़ी ने बताया कि उनके पास 700 गोवंश हैं। इनमें 99 फीसदी को डेढ़ माह पहले वैक्सीन लग चुकी हैं। गोशाला में फिलहाल 8 गोवंश लंपी पीड़ित हैं। इनको अलग वार्ड में रखा गया है और इनका इलाज भी जारी है। हालांकि अभी तक लंपी से कोई मौत नहीं हुई है।
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वर्जन:
संक्रमित गोवंशों का इलाज किया जा रहा है और वैक्सीनेशन के 14 दिन तक पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाती है। इससे पहले अगर लंपी के लक्षण आते हैं तो रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वैक्सीन का प्रभाव नहीं हो पाता है। -डॉ. नसीब सिंह, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:77- श्रीगोशाला धोलपोश आश्रम में लंपी बीमारी से पीड़ित गाेवंश--संवाद