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नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद का बहिष्कार करेंगे व्यापारी
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार द्वारा एक अक्तूबर से शुरू की जाने वाली बाजरे की खरीद को लेकर व्यापारी और खरीद एजेंसी आमने-सामने हो गई हैं। व्यापारी पुरानी अनाज मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाना चाहते हैं, जबकि एजेंसी ने नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद सुनिश्चित की है। जिसके विरोध में द नारनौल खाद्यान्न एवं व्यापार एसोसिएशन के प्रधान पुष्करमल के नेतृत्व में व्यापारियों ने शनिवार को डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को ज्ञापन सौंपा। डीसी ने व्यापारियों को इस मामले में मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी के पास भेजकर समाधान निकालने की सलाह दी। इसके बाद व्यापारियों ने मार्केट कमेटी के कार्यालय पहुंचकर चेयरमैन जेपी सैनी को ज्ञापन सौंपा।
चेयरमैन जेपी सैनी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वे कमेटी, हैफेड व स्टेट वेयर हाउसिंग के अधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान निकालेंगे। व्यापारियों ने कहा है कि नांगल चौधरी रोड स्थित नई मंडी परिसर अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। इसलिए व्यापारी व किसानों की सुविधा को देखते हुए बाजरे की खरीद का कार्य अनाज मंडी में हो।
वहीं, व्यापारियों की दूसरी यूनियन नारनौल खाद्यान्न व्यापार एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन को वर्तमान मंडी स्थल पर बाजरे की खरीद करने को लेकर तकनीकी दिक्कत आती है तो वे नई मंडी परिसर में बाजरे की खरीद करने को तैयार हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जयप्रकाश चौधरी, अनिल चौधरी आदि अनेक व्यापारी थे।
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सुविधा अनुसार होगी बाजरे की खरीद
चेयरमैन जेपी सैनी ने व्यापारियों का ज्ञापन लेने के बाद कमेटी के अधिकारियों व वेयर हाउसिंग बोर्ड की जिला प्रबंधक आनंद यादव से विचार-विमर्श करके डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से बातचीत करने का निर्णय लिया। चेयरमैन ने कहा कि बाजरे की खरीद का कार्य व्यापारियों व किसानों की सुविधानुसार ही होगा। विभाग के अलावा हैफेड व वेयर हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत कर ली है।
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नारनौल। सरकार द्वारा एक अक्तूबर से शुरू की जाने वाली बाजरे की खरीद को लेकर व्यापारी और खरीद एजेंसी आमने-सामने हो गई हैं। व्यापारी पुरानी अनाज मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाना चाहते हैं, जबकि एजेंसी ने नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद सुनिश्चित की है। जिसके विरोध में द नारनौल खाद्यान्न एवं व्यापार एसोसिएशन के प्रधान पुष्करमल के नेतृत्व में व्यापारियों ने शनिवार को डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को ज्ञापन सौंपा। डीसी ने व्यापारियों को इस मामले में मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी के पास भेजकर समाधान निकालने की सलाह दी। इसके बाद व्यापारियों ने मार्केट कमेटी के कार्यालय पहुंचकर चेयरमैन जेपी सैनी को ज्ञापन सौंपा।
चेयरमैन जेपी सैनी ने व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वे कमेटी, हैफेड व स्टेट वेयर हाउसिंग के अधिकारियों से बातचीत करके समस्या का समाधान निकालेंगे। व्यापारियों ने कहा है कि नांगल चौधरी रोड स्थित नई मंडी परिसर अभी तक पूरी तरह विकसित नहीं हुई है। इसलिए व्यापारी व किसानों की सुविधा को देखते हुए बाजरे की खरीद का कार्य अनाज मंडी में हो।
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वहीं, व्यापारियों की दूसरी यूनियन नारनौल खाद्यान्न व्यापार एसोसिएशन के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन को वर्तमान मंडी स्थल पर बाजरे की खरीद करने को लेकर तकनीकी दिक्कत आती है तो वे नई मंडी परिसर में बाजरे की खरीद करने को तैयार हैं। इस मौके पर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जयप्रकाश चौधरी, अनिल चौधरी आदि अनेक व्यापारी थे।
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सुविधा अनुसार होगी बाजरे की खरीद
चेयरमैन जेपी सैनी ने व्यापारियों का ज्ञापन लेने के बाद कमेटी के अधिकारियों व वेयर हाउसिंग बोर्ड की जिला प्रबंधक आनंद यादव से विचार-विमर्श करके डीसी डॉ. गरिमा मित्तल से बातचीत करने का निर्णय लिया। चेयरमैन ने कहा कि बाजरे की खरीद का कार्य व्यापारियों व किसानों की सुविधानुसार ही होगा। विभाग के अलावा हैफेड व वेयर हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत कर ली है।