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नियमित मोर्निंग वॉक करने पर शारीरिक बीमारियों से छुटकारा संभव
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:34 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। अधिकांश लोगों की दिनचर्या मशीनों पर निर्भर हो गई। शारीरिक परिश्रम नहीं करने के कारण बीपी, शूगर व मोटापा आदि बीमारी पनपने लगी हैं। नियमित मोर्निंग वॉक करने पर विभिन्न बीमारी जड़ से खत्म हो जाएंगी।
उक्त विचार आयुष विभाग के चिकित्सक अमित शर्मा ने बुधवार को अस्पताल परिसर में मरीजों को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को बढ़ावा मिलने से कार्यों में तत्परता, सुंदरता बढ़ी है। महीनों का सफर घंटों में संभव हो गया, लेकिन आधुनिक सुविधाओं से आमजन आलसी होने लगे हैं, पैदल चलने, घरेलू कार्यों में जी चुराते हैं। जिससे लोग विभिन्न शारीरिक बीमारियों से पीड़ित होने लगे हैं। ब्लड प्रेशर के चलते हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, चिड़चिड़ापन आदि समस्या बढ़ गई। समस्या होने पर पीड़ित को तुरंत ठंडा पानी पिलाना चाहिए, शांत व हवादार कमरे में बैठाएं। 15-20 मिनट बाद पीड़ित को राहत मिलने लगेगी। बीपी कम होने पर पीड़ित को नमक, नींबू की शिकंजी दें। इसके बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाएं। लेट लतीफी होने पर मरीज को जानलेवा खतरा उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने गिलोय का काढ़ा रोजाना पीने की हिदायत देते हुए कहा कि गिलोय में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। जिससे शरीर की श्वेत रक्त कणिकाएं मजबूत रहेंगी।
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नांगल चौधरी। अधिकांश लोगों की दिनचर्या मशीनों पर निर्भर हो गई। शारीरिक परिश्रम नहीं करने के कारण बीपी, शूगर व मोटापा आदि बीमारी पनपने लगी हैं। नियमित मोर्निंग वॉक करने पर विभिन्न बीमारी जड़ से खत्म हो जाएंगी।
उक्त विचार आयुष विभाग के चिकित्सक अमित शर्मा ने बुधवार को अस्पताल परिसर में मरीजों को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विज्ञान को बढ़ावा मिलने से कार्यों में तत्परता, सुंदरता बढ़ी है। महीनों का सफर घंटों में संभव हो गया, लेकिन आधुनिक सुविधाओं से आमजन आलसी होने लगे हैं, पैदल चलने, घरेलू कार्यों में जी चुराते हैं। जिससे लोग विभिन्न शारीरिक बीमारियों से पीड़ित होने लगे हैं। ब्लड प्रेशर के चलते हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, चिड़चिड़ापन आदि समस्या बढ़ गई। समस्या होने पर पीड़ित को तुरंत ठंडा पानी पिलाना चाहिए, शांत व हवादार कमरे में बैठाएं। 15-20 मिनट बाद पीड़ित को राहत मिलने लगेगी। बीपी कम होने पर पीड़ित को नमक, नींबू की शिकंजी दें। इसके बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाएं। लेट लतीफी होने पर मरीज को जानलेवा खतरा उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने गिलोय का काढ़ा रोजाना पीने की हिदायत देते हुए कहा कि गिलोय में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। जिससे शरीर की श्वेत रक्त कणिकाएं मजबूत रहेंगी।
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