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28 करोड़ की लागत से होगा छलक नाले का सुंदरीकरण
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नारनौल। शहर के बीच से गुजरने वाले छलक नाले की दुर्गंध से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से पांच किलोमीटर तक नाले का कायाकल्प कराने जा रहा है। योजना के अनुसार नाले पर कंकरीट का लेंटर बनाने के बाद इसके ऊपर जरूरत के अनुसार कहीं पौधे और कहीं वॉकिंग ट्रैक तो कहीं सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इस कार्य के लिए छह ठेकेदारों ने आवेदन किया है। इनकी टेक्निकल के बाद अब फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। इससे पहले दो बार ठेकेदार न मिलने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका था।
बता दें कि सीएम ने साल 2015 में छलक नाले के कायाकल्प करने की घोषणा की थी। इसके बाद से नप ने इसका डिजाइन और लागत बनाकर सरकार को भेजा था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल दिसंबर में सीएम ने छलक नाले के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। इसके बाद नप ने दो बार टेंडर लगाया। लेकिन, एक ही ठेकेदार कार्य के लिए आगे आया। जिससे कार्य सिरे नहीं चढ़ सका। अब लोकसभा चुनाव होने के बाद टेंडर प्रक्रिया तीसरी बार जारी हुई। नप के कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि छह एजेंसियां कार्य के लिए आई हैं। उन्होंने बताया कि टेक्निकल बिड में एक-दो एजेंसी तय मानक पर खरा नहीं उतरी हैं। अब फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि नप का प्रयास है कि 15 जुलाई तक एक एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाए। जिससे कार्य को जल्द सिरे चढ़ाया जा सके। इससे आम लोगों को नाले की दुर्गंध से राहत मिलेगी। लोगों के ट्रैक, बच्चों के लिए झूले और पौधे भी लगाए जाएंगे। कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक पांच किलोमीटर नाले के सुंदरीकरण करने की योजना है।
नदी जो अब बन गई है नाला
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती है। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई काफी अधिक थी। लेकिन, बरसात कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में यह अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। नप की अनदेखी के कारण सफाई का अभाव है। यह बरसाती पानी खासकर बाढ़ के पानी की निकासी में नाला मुख्य भूमिका निभाता है। कुलतारपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है।
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छलक नाले के कायाकल्प होने से लोगों को गंदगी से राहत मिलेगी। नाले को 28 करोड़ रुपये की लागत से नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके साथ ही नाले के आसपास पेड़-पौधे, जिम, झूले और जन सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप।
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बता दें कि सीएम ने साल 2015 में छलक नाले के कायाकल्प करने की घोषणा की थी। इसके बाद से नप ने इसका डिजाइन और लागत बनाकर सरकार को भेजा था। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर पिछले साल दिसंबर में सीएम ने छलक नाले के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। इसके बाद नप ने दो बार टेंडर लगाया। लेकिन, एक ही ठेकेदार कार्य के लिए आगे आया। जिससे कार्य सिरे नहीं चढ़ सका। अब लोकसभा चुनाव होने के बाद टेंडर प्रक्रिया तीसरी बार जारी हुई। नप के कार्यकारी अभियंता हेमंत कुमार ने बताया कि छह एजेंसियां कार्य के लिए आई हैं। उन्होंने बताया कि टेक्निकल बिड में एक-दो एजेंसी तय मानक पर खरा नहीं उतरी हैं। अब फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि नप का प्रयास है कि 15 जुलाई तक एक एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाए। जिससे कार्य को जल्द सिरे चढ़ाया जा सके। इससे आम लोगों को नाले की दुर्गंध से राहत मिलेगी। लोगों के ट्रैक, बच्चों के लिए झूले और पौधे भी लगाए जाएंगे। कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक पांच किलोमीटर नाले के सुंदरीकरण करने की योजना है।
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नदी जो अब बन गई है नाला
नारनौल शहर के मध्य से छलक नदी गुजरती है। प्राचीनकाल में नदी की चौड़ाई एवं लंबाई काफी अधिक थी। लेकिन, बरसात कम होने के साथ-साथ सिकुड़ती चली गई। वर्तमान में यह अतिक्रमण की चपेट में है और नदी अब गंदे नाले का रूप ले चुकी है। नप की अनदेखी के कारण सफाई का अभाव है। यह बरसाती पानी खासकर बाढ़ के पानी की निकासी में नाला मुख्य भूमिका निभाता है। कुलतारपुर रोड से पुल बाजार होते हुए रेवाड़ी रोड से आगे निकल जाता है।
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छलक नाले के कायाकल्प होने से लोगों को गंदगी से राहत मिलेगी। नाले को 28 करोड़ रुपये की लागत से नए सिरे से बनाया जाएगा। इसके साथ ही नाले के आसपास पेड़-पौधे, जिम, झूले और जन सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप।