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Kurukshetra News: हवालात में भतीजे की हत्या के दोषी चाचा को उम्र कैद
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पानीपत। थाना पुलिस सेक्टर-13-17 की हवालात में भतीजे सुशील की सिर में डंडा मारकर हत्या करने के आरोपी चाचा बलवान को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में बलवान के दो बेटों को अदालत ने आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार हवलदार रकम सिंह ने एक अप्रैल 2021 में थाना सेक्टर-13-17 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह थाने पर बतौर जनरल डयूटी तैनात थे।
हेड मोहर्रिर की तबीयत खराब होने के कारण वह उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। रात को हवालात में शांतिभंग करने के आरोप में बबैल गांव के सुशील और उसके चाचा बलवान बंद थे।
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सुबह करीब साढ़े छह बजे बलवान ने कहा कि उसके पेट में दर्द हो रहा है। वह बलवान को शौच कराकर वापस हवालात में बंद कर दिया। कंट्रोल रूम से फोन पर सूचना मिली कि बलवान ने सुशील पर हमला कर दिया। जब पहुंचे तो देखा कि बलवान ने सिर में डंडा मारकर सुशील को घायल कर दिया। सुशील को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने जानलेवा हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। सुशील को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर चार अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की तफ्तीश सीआईए-1 की टीम को सौंपी गई थी।
तफ्तीश के दौरान सुशील के भाई सुनील ने अपने बयान बताया था कि उसके चाचा बलवान और उसके दो बेटों पर षडयंत्र के तहत हत्या करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने प्राथमिकी में हत्या की धारा की वृद्धि कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों और गवाही के बाद आरोपी बलवान को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही उनके दोनों बेटों को आरोप से मुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार हवलदार रकम सिंह ने एक अप्रैल 2021 में थाना सेक्टर-13-17 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह थाने पर बतौर जनरल डयूटी तैनात थे।
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हेड मोहर्रिर की तबीयत खराब होने के कारण वह उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। रात को हवालात में शांतिभंग करने के आरोप में बबैल गांव के सुशील और उसके चाचा बलवान बंद थे।
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सुबह करीब साढ़े छह बजे बलवान ने कहा कि उसके पेट में दर्द हो रहा है। वह बलवान को शौच कराकर वापस हवालात में बंद कर दिया। कंट्रोल रूम से फोन पर सूचना मिली कि बलवान ने सुशील पर हमला कर दिया। जब पहुंचे तो देखा कि बलवान ने सिर में डंडा मारकर सुशील को घायल कर दिया। सुशील को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने जानलेवा हमला करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। सुशील को उपचार के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर चार अप्रैल को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की तफ्तीश सीआईए-1 की टीम को सौंपी गई थी।
तफ्तीश के दौरान सुशील के भाई सुनील ने अपने बयान बताया था कि उसके चाचा बलवान और उसके दो बेटों पर षडयंत्र के तहत हत्या करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने प्राथमिकी में हत्या की धारा की वृद्धि कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों और गवाही के बाद आरोपी बलवान को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही उनके दोनों बेटों को आरोप से मुक्त करते हुए बरी कर दिया।