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Kurukshetra News: बारिश होते ही नए बस अड्डे पर बन जाते हैं तालाब जैसे हालात
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कुरुक्षेत्र। बारिश के दौरान ऐसी रहती है नए बस अड्डे पर जलभराव की स्थिति, लंबे समय तक नहीं हो प
कुरुक्षेत्र। शहर के नए बस अड्डे पर बारिश के दिनों में हुआ जलभराव बड़ी समस्या बन जाती है। तेज बारिश में पानी जमा होने से अड्डा परिसर तालाब में तब्दील होने लगता है। ऐसी स्थिति में यात्रियों को अपने क्षेत्र की बस तक पहुंचने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। हालत कुछ यूं बदल रही है कि परिसर में बजरी निकलने के कारण सतह खस्ताहाल की तरफ बढ़ने लगी है। जलभराव के बीच बसों के आवागमन में भी दिक्कत आती है।
बस अड्डे पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्री विभिन्न रूटों पर सफर के लिए पहुंचते हैं। बारिश के दौरान परिसर में जलभराव से यात्रियों को सामान लेकर पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। जलभराव से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार तो बसों द्वारा छींटे आसपास से गुजरती सवारियों के कपड़ों तक भी पहुंच जाते हैं। हालांकि अधिकारियों द्वारा अपने स्तर पर बेहतर इंतजाम के प्रयास किए जाते रहे हैं, फिर भी तेज बारिश में अधिक जलभराव की स्थिति जरूर बनती है। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डा सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख केंद्र है। यहां सफाई, जल निकासी और बेहतर फर्श जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। बारिश से पहले ही आवश्यक कार्य किए जाएं तो संभवत: जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी।
समय रहते किए जाएं उचित प्रबंध : यात्री
यात्री सुरेश, राजीव, नवीन, राहुल, सुमित और रचना, शीतल, सुनीता और रोशनी देवी इत्यादि का कहना है कि अड्डे पर जल निकासी और मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। बारिश के बाद हर बार जलभराव की समस्या सामने आती है। जमीनी स्तर पर स्थायी समाधान दिखना चाहिए। परिसर से बजरी निकलने और सतह खराब होने के कारण निकट समय में समस्या बढ़ने की आशंका है। प्रशासन द्वारा समय रहते उचित प्रबंध किए जाएं।
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प्रशासन से बातचीत करके निकाला जाएगा स्थायी समाधान : समिंदर
महाप्रबंधक समिंदर सिंह ने कहा कि यह दिक्कत पहले से चलती आ रही है। शीघ्र निकासी होती रहे, इसके लिए प्रयास रहेगा कि प्रशासन से बातचीत करके ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए। बस अड्डा परिसर में जलभराव और खराब हो रही सतह की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जहां आवश्यकता होगी, मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। यात्रियों को बारिश के दौरान परेशानी से बचाने की हरसंभव कोशिश रहेगी।
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बस अड्डे पर रोजाना हजारों की संख्या में यात्री विभिन्न रूटों पर सफर के लिए पहुंचते हैं। बारिश के दौरान परिसर में जलभराव से यात्रियों को सामान लेकर पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। जलभराव से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा दिक्कत होती है। कई बार तो बसों द्वारा छींटे आसपास से गुजरती सवारियों के कपड़ों तक भी पहुंच जाते हैं। हालांकि अधिकारियों द्वारा अपने स्तर पर बेहतर इंतजाम के प्रयास किए जाते रहे हैं, फिर भी तेज बारिश में अधिक जलभराव की स्थिति जरूर बनती है। यात्रियों का कहना है कि बस अड्डा सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख केंद्र है। यहां सफाई, जल निकासी और बेहतर फर्श जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रहनी चाहिए। बारिश से पहले ही आवश्यक कार्य किए जाएं तो संभवत: जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी।
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समय रहते किए जाएं उचित प्रबंध : यात्री
यात्री सुरेश, राजीव, नवीन, राहुल, सुमित और रचना, शीतल, सुनीता और रोशनी देवी इत्यादि का कहना है कि अड्डे पर जल निकासी और मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। बारिश के बाद हर बार जलभराव की समस्या सामने आती है। जमीनी स्तर पर स्थायी समाधान दिखना चाहिए। परिसर से बजरी निकलने और सतह खराब होने के कारण निकट समय में समस्या बढ़ने की आशंका है। प्रशासन द्वारा समय रहते उचित प्रबंध किए जाएं।
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प्रशासन से बातचीत करके निकाला जाएगा स्थायी समाधान : समिंदर
महाप्रबंधक समिंदर सिंह ने कहा कि यह दिक्कत पहले से चलती आ रही है। शीघ्र निकासी होती रहे, इसके लिए प्रयास रहेगा कि प्रशासन से बातचीत करके ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए। बस अड्डा परिसर में जलभराव और खराब हो रही सतह की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जहां आवश्यकता होगी, मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा। यात्रियों को बारिश के दौरान परेशानी से बचाने की हरसंभव कोशिश रहेगी।