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कुरुक्ष्ाेत्र मेें चार में मिले डेंगू के लक्षण
कुुुरुक्ष्ाेत्र/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2015 12:43 AM IST
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डेंगू के कई संदिग्ध मरीज पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। पिछले दस दिनों में लाडवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती चार मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं।
इनमें से तीन मरीज तो लाडवा व पास के गांवों के थे, जबकि एक मरीज रादौर का रहने वाला बताया जा रहा है। डेंगू के मरीज पाए जाने से विभाग के अधिकारी चौकन्ने हो गए हैं ।
डेंगू का ताजातरीन मामला दो दिन पहले सामने आया है। बीमार होने से पहले तीनों ही मरीज दिल्ली गए थे।
लाडवा के वार्ड 12 के 22 वर्षीय युवक साहिल को तेज बुखार के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर खून की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
साहिल के परिजनों ने उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इससे पहले गांव कालीरोनो के हिमांशु को 2 अगस्त को तेज बुखार के चलते इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां खून की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
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हिमांशु का इलाज भी करनाल के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जाता है। लाडवा के निकटवर्ती गांव कलरी जागीर जिला करनाल निवासी 18 वर्षीय सतनाम सिंह को भी लाडवा के इसी निजी अस्पताल में बुखार के इलाज के लिए उसके परिजन लेकर आए थे। सतनाम सिंह की खून की जांच में भी डेंगू होने की आशंका जताई गई।
इससे पहले रादौर निवासी अरूण को भी लाडवा के इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां खून की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए थे।
निजी अस्पताल ने इन मरीजों के बारे में लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया था, जिस पर स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिमांशु व साहिल के परिजनों के खून के सेंपल की स्लाइड बनाकर जांच के लिए लैब में भेज दी हैं।
डेंगू का एक अन्य संदिग्ध मरीज सतनाम सिंह गांव कलरी जागीर करनाल का निवासी होने के कारण उसके बारे में करनाल के सिविल सर्जन को सूचना भेज दी गई है, जबकि अरूण निवासी रादौर के बारे में रादौर के सरकारी अस्पताल व यमुनानगर के सिविल सर्जन को सूचित किया जा चुका है। लाडवा व गांव कालीरोनों के मरीजों के बारे में भी कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन को रिपोर्ट भेजी गई है।
निजी अस्पताल में हुई डेंगू की पुष्टि
लाडवा के एक निजी अस्पताल में बुखार के इलाज के लिए आए चारों मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि निजी अस्पताल में हुई है।
इन मरीजों में से तीन मरीजों में एक बात समान बताई जाती है कि तीनों ही बीमार होने से पहले दिल्ली गए थे और वहां ठहरे थे। साहिल के परिजनों के मुताबिक साहिल दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, जबकि हिमांशु व सतनाम भी दिल्ली से आने के बाद ही बुखार की चपेट में आए हैं।
ये रखें सावधानी
लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और दिन के समय काटता है। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इस मौसम में डेंगू से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढककर रखने वाले कपड़े पहनें व कूलरों, बर्तनों, टायरों आदि में जमा पानी को खाली कर दें। घरों के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें और तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज कराएं।
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इनमें से तीन मरीज तो लाडवा व पास के गांवों के थे, जबकि एक मरीज रादौर का रहने वाला बताया जा रहा है। डेंगू के मरीज पाए जाने से विभाग के अधिकारी चौकन्ने हो गए हैं ।
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डेंगू का ताजातरीन मामला दो दिन पहले सामने आया है। बीमार होने से पहले तीनों ही मरीज दिल्ली गए थे।
लाडवा के वार्ड 12 के 22 वर्षीय युवक साहिल को तेज बुखार के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर खून की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
साहिल के परिजनों ने उसे करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इससे पहले गांव कालीरोनो के हिमांशु को 2 अगस्त को तेज बुखार के चलते इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां खून की जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है।
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हिमांशु का इलाज भी करनाल के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत में सुधार बताया जाता है। लाडवा के निकटवर्ती गांव कलरी जागीर जिला करनाल निवासी 18 वर्षीय सतनाम सिंह को भी लाडवा के इसी निजी अस्पताल में बुखार के इलाज के लिए उसके परिजन लेकर आए थे। सतनाम सिंह की खून की जांच में भी डेंगू होने की आशंका जताई गई।
इससे पहले रादौर निवासी अरूण को भी लाडवा के इसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां खून की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए थे।
निजी अस्पताल ने इन मरीजों के बारे में लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया था, जिस पर स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हिमांशु व साहिल के परिजनों के खून के सेंपल की स्लाइड बनाकर जांच के लिए लैब में भेज दी हैं।
डेंगू का एक अन्य संदिग्ध मरीज सतनाम सिंह गांव कलरी जागीर करनाल का निवासी होने के कारण उसके बारे में करनाल के सिविल सर्जन को सूचना भेज दी गई है, जबकि अरूण निवासी रादौर के बारे में रादौर के सरकारी अस्पताल व यमुनानगर के सिविल सर्जन को सूचित किया जा चुका है। लाडवा व गांव कालीरोनों के मरीजों के बारे में भी कुरुक्षेत्र के सिविल सर्जन को रिपोर्ट भेजी गई है।
निजी अस्पताल में हुई डेंगू की पुष्टि
लाडवा के एक निजी अस्पताल में बुखार के इलाज के लिए आए चारों मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि निजी अस्पताल में हुई है।
इन मरीजों में से तीन मरीजों में एक बात समान बताई जाती है कि तीनों ही बीमार होने से पहले दिल्ली गए थे और वहां ठहरे थे। साहिल के परिजनों के मुताबिक साहिल दिल्ली में कोचिंग कर रहा है, जबकि हिमांशु व सतनाम भी दिल्ली से आने के बाद ही बुखार की चपेट में आए हैं।
ये रखें सावधानी
लाडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार का कहना है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और दिन के समय काटता है। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
इस मौसम में डेंगू से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढककर रखने वाले कपड़े पहनें व कूलरों, बर्तनों, टायरों आदि में जमा पानी को खाली कर दें। घरों के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें और तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज कराएं।