{"_id":"68409ebf8c0703b9a4027822","slug":"mou-signed-with-ku-and-cppri-kurukshetra-news-c-45-1-knl1024-136771-2025-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: कुवि और सीपीपीआरआई के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: कुवि और सीपीपीआरआई के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान (सीपीपीआरआई) सहारनपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर एक और सहयोग किया। यह एमओयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में डीन लाइफ साइंसेज प्रो. जितेंद्र शर्मा, सीपीपीआरआई निदेशक डॉ. आशीष कुमार और डॉ. हरदीप राय शर्मा की उपस्थिति में हुआ।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए पर्यावरण अध्ययन संस्थान को बधाई दी और कहा कि यह समझौता ज्ञापन एनईपी-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुसंधान और सामाजिक पहलों के संदर्भ में अत्यधिक लाभकारी होगा।
पर्यावरण अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि इस सहयोग से ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी हितों की संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है। इसकी शुरूआत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में लुगदी एवं कागज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। सीपीआआरआई के मुख्य क्षेत्रों में कच्चे माल का संरक्षण एवं उन्नयन, ऊर्जा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता सुधार शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए पर्यावरण अध्ययन संस्थान को बधाई दी और कहा कि यह समझौता ज्ञापन एनईपी-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। इससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसरों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुसंधान और सामाजिक पहलों के संदर्भ में अत्यधिक लाभकारी होगा।
विज्ञापन
पर्यावरण अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि इस सहयोग से ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी हितों की संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से अनुसंधान को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। केंद्रीय लुग्दी एवं कागज अनुसंधान संस्थान एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है। इसकी शुरूआत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में लुगदी एवं कागज के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। सीपीआआरआई के मुख्य क्षेत्रों में कच्चे माल का संरक्षण एवं उन्नयन, ऊर्जा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता सुधार शामिल हैं।
विज्ञापन