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Kurukshetra News: कच्चे बिजली कर्मियों के परिवारों को मिलेगी अनुकंपा वित्तीय सहायता
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कुरुक्षेत्र। बिजली निगम के तहत कार्यरत कच्चे कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर यूएचबीवीएन ने यह व्यवस्था बनाने पर मुहर लगाई है। उच्चाधिकारियों ने सर्कल स्तर पर रिकॉर्ड जांच कर आंकड़े जुटाने के आदेश दिए हैं।
यह लाभ एडहॉक, दैनिक वेतन और अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों की मृत्यु होने पर मिलेगा। यूएचबीवीएन के पंचकूला स्थित मुख्यालय से 21 सितंबर को इस संबंध में पत्र जारी हुआ। इसमें मृत कर्मचारी के परिवार को अनुकंपा वित्तीय सहायता देने की जानकारी दी गई।
इस निर्णय को यूएचबीवीएन के वर्क्स टेंडरिंग बोर्ड (डब्ल्यूटीडी) की बैठक में स्वीकृति मिली। आदेश मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण एवं कार्यकारी अभियंताओं समेत विभिन्न अधिकारियों को भेजे गए हैं। जिले के करीब 1000 कच्चे बिजली कर्मचारियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
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साझा संघर्ष मोर्चा के सदस्य एवं कर्मचारी यूनियन के सर्कल प्रधान कृष्ण चौहान ने इस फैसले को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से आर्थिक मदद की जानकारी मिली है लेकिन पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ।
कृष्ण चौहान के अनुसार, जिले में करीब 800 एडहॉक, दैनिक वेतन और अनुबंध आधार वाले कच्चे कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रदेश स्तर पर ऐसे हजारों कर्मी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मियों को सेवा में रहते हुए परिवार के प्रति निश्चिंत होकर दायित्व निर्वहन में मदद करेगी।
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यह लाभ एडहॉक, दैनिक वेतन और अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों की मृत्यु होने पर मिलेगा। यूएचबीवीएन के पंचकूला स्थित मुख्यालय से 21 सितंबर को इस संबंध में पत्र जारी हुआ। इसमें मृत कर्मचारी के परिवार को अनुकंपा वित्तीय सहायता देने की जानकारी दी गई।
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इस निर्णय को यूएचबीवीएन के वर्क्स टेंडरिंग बोर्ड (डब्ल्यूटीडी) की बैठक में स्वीकृति मिली। आदेश मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण एवं कार्यकारी अभियंताओं समेत विभिन्न अधिकारियों को भेजे गए हैं। जिले के करीब 1000 कच्चे बिजली कर्मचारियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है।
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साझा संघर्ष मोर्चा के सदस्य एवं कर्मचारी यूनियन के सर्कल प्रधान कृष्ण चौहान ने इस फैसले को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यालय से आर्थिक मदद की जानकारी मिली है लेकिन पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ।
कृष्ण चौहान के अनुसार, जिले में करीब 800 एडहॉक, दैनिक वेतन और अनुबंध आधार वाले कच्चे कर्मचारी कार्यरत हैं। प्रदेश स्तर पर ऐसे हजारों कर्मी हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल कर्मियों को सेवा में रहते हुए परिवार के प्रति निश्चिंत होकर दायित्व निर्वहन में मदद करेगी।