फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   ismiss the adhoc committee and appoint an administrator

Kurukshetra News: एडहॉक कमेटी को खारिज कर प्रशासक करें नियुक्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 May 2023 01:24 AM IST
विज्ञापन
ismiss the adhoc committee and appoint an administrator
कुरुक्षेत्र। राजपूत समाज के लोगों ने क्षत्रिय संघर्ष समिति के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई। उन्होंने एडहॉक कमेटी को तुरंत प्रभाव से खारिज कर क्षत्रिय सभा पर पुन: प्रशासक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद क्षत्रिय संघर्ष समिति ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि इससे पहले समाज के सभी लोग महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में पहुंचे। समिति के सदस्यों ने कहा कि तीन दिन के बाद अशोक कमेटी को खारिज कर प्रशासक को नियुक्त नहीं किया गया तो उन्हें प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन में सुगम पाल राणा, कानूनगो सतपाल राणा, करनाल जिला से सुकराम पाल बॉबी, विक्रम, नरेश, यमुनानगर से संग्राम सिंह, भीम सिंह, शेर सिंह, अंबाला से रवि पाल, सुबोध सिंह, रणदीप सिंह, रायसिंह जिला कैथल से श्याम सिंह, कृष्ण कुमार, फूल सिंह, श्याम सिंह स्यामी व राजवीर राणा, प्रिंसिपल सुभाष तंवर, तिलकराज राणा, नरेश भुस्तला, ओमवीर राणा, चंद्रपाल बीबीपुर, सुरजीत सिंह, मोहन रघुवंशी, सुरेंद्र जलबेहडा, एम.एस. राणा, भूपेंद्र बीबीपुर, कुलदीप बीबीपुर, कुशलपाल बीबीपुर, संजीव लुखी, विक्रम सिंह,
विज्ञापन


बॉक्स
एडहॉक कमेटी एक्ट के बिल्कुल विपरीत : मोहन सिंह
क्षत्रिय संघर्ष समिति संयोजक मोहन सिंह राणा चनालहेडी ने कहा कि जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी द्वारा गठित एडहॉक कमेटी एक्ट के बिल्कुल विपरीत है। रजिस्ट्रार ने अपने पत्र में 39 की उप धारा 10 के तहत पुराने कार्यकारिणी सदस्यों में से एडहॉक कमेटी में पांच सदस्यों को लिए जाने की बात कही है जोकि 39 की उप धारा 10 के तहत गठित ही नहीं की जा सकती। यह सारा काम रजिस्ट्रार के साथ आपसी मिलीभगत से एक सोची समझी साजिश के तहत की गई है। जिसका जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा। मोहन सिंह राणा ने कहा कि उनकी मुख्य दो ही मांगे हैं। एक तो एडहॉक कमेटी को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए और दूसरा पहले की तरह क्षत्रिय सभा के कार्यों की देखरेख के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed