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Kurukshetra News: धान में नुकसान की आशंका से राइस शैलर संचालक खफा
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कुरुक्षेत्र। जिले में रविवार को औसतन 46 एमएम हुई बारिश से धान खरीद व्यवस्था गड़बड़ा गई। सोमवार को भी दोपहर बाद ही खरीद शुरू हो पाई, जो बेहद कम रही। आढ़ती नरेश मित्तल के अनुसार बारिश में धान भीगने से जिले में 100 करोड़ और थानेसर मंडी में करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका है।
धीमे उठान के कारण मंडी पहले से ही जाम थी। सोमवार को राइस शैलर एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना दिया। आढ़ती और किसान दिनभर धान सुखाने में लगे रहे। कई जगह धान की बोरियां पानी में पड़ी रहीं। करीब दो घंटे के मान-मनोव्वल के बाद छह और कांटे शुरू करने का आश्वासन मिला। ये नए धर्मकांटे जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में मिलिंग कमेटी की मंजूरी के बाद शुरू होंगे। मंगलवार से इनके शुरू होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक अव्यवस्था पर चिंता
राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ज्वैल सिंगला ने प्रशासनिक अव्यवस्था को नुकसान का जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि थानेसर अनाजमंडी में उठान केवल दो कांटों पर निर्भर है। एसडीएम के आदेश पर मंजूर किए गए दो बाहरी कांटों में से एक संचालक ने इन्कार कर दिया। प्रशासन के पास पर्याप्त ट्रक या ट्रांसपोर्टर नहीं हैं, जबकि जिम्मेदारी राइस शैलर संचालकों पर डाली जा रही है। गेट पास व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है।
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थानेसर में ही 20 करोड़ से अधिक का नुकसान : मित्तल
आढ़ती नरेश मित्तल का कहना है कि सरकार धान खरीद की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाई, जिसके चलते थानेसर अनाजमंडी में ही बारिश के कारण धान भीग जाने से करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिले में यह नुकसान 100 करोड़ से भी पार हो सकता है। उनका कहना है कि भीगे धान का कलर खराब होगा और क्वालिटी पर भी असर पड़ेगा, ऐसे में किसान के साथ-साथ मिलर्स को भी भारी नुकसान हुआ है। अब इस हालात का जिम्मेदार कौन होगा। मिलर्स को न पर्याप्त वाहन मिल पा रहे हैं न ही अन्य व्यवस्था। सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।
डीएफएससी ने दिया भरोसा
डीएफएससी नरेश कुमार राइस शैलर संचालकों के धरने पर पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिया कि ट्रकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनकी मांग के अनुसार छह और कांटे बढ़ाने के लिए जिला उपायुक्त को सिफारिश की जाएगी ताकि थानेसर मंडी में उठान तेज हो सके। डीएफएससी ने बाद में बताया कि सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और उठान में तेजी लाई जा रही है। मंडियों में लगातार निगरानी भी की जा रही है।
महज 47 फीसदी हो पाया उठान
जिले में सोमवार देर शाम तक चार लाख 25 हजार 760 एमटी धान की खरीद हुई है, जिसमें से 47 फीसदी एक लाख 98 हजार 666 एमटी उठान हो पाया है। सोमवार को 44,388 एमटी धान की खरीद हुई जबकि उठान 14 फीसदी 27,687 एमटी हुआ है। थानेसर अनाज मंडी के मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि थानेसर अनाज मंडी में सोमवार को करीब 1222 हजार एमटी धान की खरीद हुई जबकि उठान 13 फीसदी हुआ। बारिश से नुकसान कितना हुआ यह अभी अधिकारिक स्पष्ट नहीं हो सका है।
12 घंटे में हुई बारिश एक नजर में
थानेसर-- -40 एमएम
पिहोवा-- 42 एमएम
लाडवा-- 14 एमएम
बाबैन-- 35 एमएम
इस्माईलाबाद-- 80 एमएम
शाहाबाद-- 50 एमएम
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धीमे उठान के कारण मंडी पहले से ही जाम थी। सोमवार को राइस शैलर एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना दिया। आढ़ती और किसान दिनभर धान सुखाने में लगे रहे। कई जगह धान की बोरियां पानी में पड़ी रहीं। करीब दो घंटे के मान-मनोव्वल के बाद छह और कांटे शुरू करने का आश्वासन मिला। ये नए धर्मकांटे जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में मिलिंग कमेटी की मंजूरी के बाद शुरू होंगे। मंगलवार से इनके शुरू होने की उम्मीद है।
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प्रशासनिक अव्यवस्था पर चिंता
राइस मिलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ज्वैल सिंगला ने प्रशासनिक अव्यवस्था को नुकसान का जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि थानेसर अनाजमंडी में उठान केवल दो कांटों पर निर्भर है। एसडीएम के आदेश पर मंजूर किए गए दो बाहरी कांटों में से एक संचालक ने इन्कार कर दिया। प्रशासन के पास पर्याप्त ट्रक या ट्रांसपोर्टर नहीं हैं, जबकि जिम्मेदारी राइस शैलर संचालकों पर डाली जा रही है। गेट पास व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है।
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थानेसर में ही 20 करोड़ से अधिक का नुकसान : मित्तल
आढ़ती नरेश मित्तल का कहना है कि सरकार धान खरीद की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाई, जिसके चलते थानेसर अनाजमंडी में ही बारिश के कारण धान भीग जाने से करीब 20 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिले में यह नुकसान 100 करोड़ से भी पार हो सकता है। उनका कहना है कि भीगे धान का कलर खराब होगा और क्वालिटी पर भी असर पड़ेगा, ऐसे में किसान के साथ-साथ मिलर्स को भी भारी नुकसान हुआ है। अब इस हालात का जिम्मेदार कौन होगा। मिलर्स को न पर्याप्त वाहन मिल पा रहे हैं न ही अन्य व्यवस्था। सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।
डीएफएससी ने दिया भरोसा
डीएफएससी नरेश कुमार राइस शैलर संचालकों के धरने पर पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिया कि ट्रकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उनकी मांग के अनुसार छह और कांटे बढ़ाने के लिए जिला उपायुक्त को सिफारिश की जाएगी ताकि थानेसर मंडी में उठान तेज हो सके। डीएफएससी ने बाद में बताया कि सभी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है और उठान में तेजी लाई जा रही है। मंडियों में लगातार निगरानी भी की जा रही है।
महज 47 फीसदी हो पाया उठान
जिले में सोमवार देर शाम तक चार लाख 25 हजार 760 एमटी धान की खरीद हुई है, जिसमें से 47 फीसदी एक लाख 98 हजार 666 एमटी उठान हो पाया है। सोमवार को 44,388 एमटी धान की खरीद हुई जबकि उठान 14 फीसदी 27,687 एमटी हुआ है। थानेसर अनाज मंडी के मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि थानेसर अनाज मंडी में सोमवार को करीब 1222 हजार एमटी धान की खरीद हुई जबकि उठान 13 फीसदी हुआ। बारिश से नुकसान कितना हुआ यह अभी अधिकारिक स्पष्ट नहीं हो सका है।
12 घंटे में हुई बारिश एक नजर में
थानेसर
पिहोवा
लाडवा
बाबैन
इस्माईलाबाद
शाहाबाद