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साइबर ठगी रोकने के लिए बनाए हेल्प डेस्क
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जिले में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने साइबर हेल्प डेस्क बनाए हैं। इसके अलावा पुलिस नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक कर ही रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला ने कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहकर ही इससे बचा जा सकता है। डिजिटल दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें। अगर साइबर क्राइम की किसी भी प्रकार की कोई वारदात हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके सूचित करें।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को कई तरह के लालच देकर अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम देते हैं।ऑनलाइन नौकरी प्रस्ताव, फ्री रिचार्ज सहित किसी भी तरह के लुभावने प्रस्ताव से बचें। साइबर अपराधी लॉटरी, एनी डेस्क एप, टीम व्यूवर, एसएमएस फॉरवर्डिंग एप, लोन एप, फेक कस्टमर केयर नंबर सहित अन्य तरह के माध्यम से लोगों को शिकार बनाते हैं। साइबर अपराधी नागरिकों से उनकी निजी व बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त करके उनका अकाउंट खाली कर देते हैं।
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उन्होंने कहा कि नागरिक किसी भी तरीके से मिलने वाले प्रलोभन से बचें। इसके बावजूद साइबर क्राइम के शिकार होते हैं तो तुरंत भारत सरकार के साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करें। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी थाना व चौकी में दर्ज कराएं ताकि समय रहते पुलिस कार्रवाई कर सकेे।
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पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला ने कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहकर ही इससे बचा जा सकता है। डिजिटल दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें। अगर साइबर क्राइम की किसी भी प्रकार की कोई वारदात हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके सूचित करें।
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उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को कई तरह के लालच देकर अपने जाल में फंसाकर वारदात को अंजाम देते हैं।ऑनलाइन नौकरी प्रस्ताव, फ्री रिचार्ज सहित किसी भी तरह के लुभावने प्रस्ताव से बचें। साइबर अपराधी लॉटरी, एनी डेस्क एप, टीम व्यूवर, एसएमएस फॉरवर्डिंग एप, लोन एप, फेक कस्टमर केयर नंबर सहित अन्य तरह के माध्यम से लोगों को शिकार बनाते हैं। साइबर अपराधी नागरिकों से उनकी निजी व बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त करके उनका अकाउंट खाली कर देते हैं।
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उन्होंने कहा कि नागरिक किसी भी तरीके से मिलने वाले प्रलोभन से बचें। इसके बावजूद साइबर क्राइम के शिकार होते हैं तो तुरंत भारत सरकार के साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काल करें। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी थाना व चौकी में दर्ज कराएं ताकि समय रहते पुलिस कार्रवाई कर सकेे।