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Kurukshetra News: एनआईटी कुरुक्षेत्र में सतत एवं बुद्धिमान विनिर्माण रणनीतियों पर चर्चा

Tue, 20 Jan 2026 03:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र Updated Tue, 20 Jan 2026 03:25 AM IST
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Discussion on Sustainable and Intelligent Manufacturing Strategies at NIT Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते वक्ता। स्वयं
कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से सतत एवं बुद्धिमान विनिर्माण रणनीतियां : सामग्री, प्रक्रियाएं एवं औद्योगिक अनुप्रयोग (एसआईएमएस-2026) विषय पर पांच दिवसीय अल्पकालिक पाठ्यक्रम (एसटीसी) का उद्घाटन 19 जनवरी को किया गया। यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. दिक्षित गर्ग द्वारा गूगल मीट प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्घाटित हुआ।
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एसटीसी का समन्वयन डॉ. रवि प्रताप सिंह, डॉ. राजीव राठी एवं डॉ. दिनेश राठौड़ द्वारा किया जा रहा है, जबकि संयोजक की भूमिका डॉ. संदीप सिंघल निभा रहे हैं। उद्घाटन समारोह में आयोजन टीम के सदस्य एवं विभिन्न राज्यों से जुड़े प्रतिभागी भी उपस्थित रहे। यह पाठ्यक्रम सतत, स्मार्ट और भविष्य उन्मुख विनिर्माण तकनीकों पर आधारित आधुनिक ज्ञान और कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
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पाठ्यक्रम में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग प्रथाओं, स्वचालन, रोबोटिक्स, डेटा आधारित निर्णय-निर्माण प्रणाली, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (थ्रीडी एवं फॉर डी प्रिंटिंग) तथा प्रक्रिया मॉडलिंग, सिमुलेशन और अनुकूलन तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। प्रो. दिक्षित गर्ग ने इंडस्ट्री 4.0 के युग में सतत और बुद्धिमान विनिर्माण तकनीकों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देते हैं तथा राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं। भविष्य में और अधिक ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता भी व्यक्त की।
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उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस अमर नाथ और विशिष्ट अतिथि के रूप में आईआईटी दिल्ली के प्रो. पुलक मोहन पांडेय रहे। प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े कई विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने व्याख्यान देंगे, जिनमें आईआईटी दिल्ली, एनआईटी, पीईसी और अन्य संस्थानों के प्रमुख शोधकर्ता शामिल हैं। एसटीसी के लिए देश के करीब 23-25 राज्यों से 70 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. पुलक मोहन पांडेय ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों के नवीन विकासों, औद्योगिक संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की, जिससे प्रतिभागियों को उभरती विनिर्माण प्रौद्योगिकियों का व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ। यह पांच दिवसीय पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को भविष्य की इंडस्ट्री आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
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