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सरपंच गिरफ्तार, पंचायत सचिव और जेई भी संदेह के घेरे में
Updated Sat, 20 Jun 2015 12:49 AM IST
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थाना सदर अंतर्गत पिपली के पंचायत रिकार्ड में आग लगाने की साजिश सरपंच ने पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ ही मिलकर रची थी।
इसका खुलासा निजी अस्पताल में दाखिल सरपंच के नौकर कम चालक ने पुलिस पूछताछ में किया। उसकी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी सरपंच को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस की जांच का दायरा बढ़ते हुए पंचायत विभाग के ही कुछ अधिकारियों की ओर भी जा रहा है। आरोपी सरपंच को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
थाना सदर प्रभारी डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि आगजनी की वारदात 14 जून को रात 3 बजे के आसपास हुई थी। इस मामले में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के ब्यान पर मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जांच करने के दौरान ही कई ऐसे साक्ष्य सामने आए जिनसे मामला संदिग्ध लगा।
मामला संदिग्ध लगने पर गहनता से जांच की तो मामले का खुलासा हो गया। इस मामले में सरपंच के नजदीकी रहे नौकर कम चालक सोनू से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने मामले का सच उगल दिया।
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सरपंच समेत अन्य के नाम का किया खुलासा
डीएसपी विजय देसवाल ने बताया कि युवक सोनू जो कि शहर के निजी अस्पताल में दाखिल है, वह पुलिस की निगरानी में है। उसने ही रिकार्ड पर पेट्रोल डालकर कर आग लगाई थी।
उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने सरपंच विरेन्द्र तलवाड़ के कहने पर पंचायत भवन के रिकार्ड रुम में आग लगाई थी। जिसमे उसे हाथ भी जल गए थे। इसके अलावा उसके पैरों में भी चोट आ गई।
तलवाड़ ट्रांसपोर्ट पर बनी थी साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सरपंच वीरेंद्र तलवाड़ की तलवाड़ ट्रांसपोर्ट के नाम से कार्यालय है। वहीं पर बैठकर पंचायत रिकार्ड में आग लगाने की साजिश रची गई थी।
यहां से तलवाड़ की रिट्ज गाड़ी में सवार होकर जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा गया और फिर आग लगाई गई।
अलमारी पहुंचाई थी दिन में ही पंचायत भवन में
सूत्रों के अनुसार यह अलमारी पहले पंचायत भवन की बजाय तलवाड़ ट्रांसपोर्ट में रहती थी, लेकिन साजिश के तहत यह अलमारी वारदात से एक दिन पहले 13 जून को ही धर्मशाला स्थित पंचायत भवन में पहुंचाई थी।
इसके बाद जानबूझ कर कमरे की खिड़कियां खुली छोड़ दी गई। इसके बाद तय योजना के तहत रात के समय सोनू वहां पहुंचा और उसने आग लगा दी। इससे उसके हाथ झुलस गए।
आरटीआई के चक्कर में लगाई आग
पुलिस सूत्रों के अनुसार जीटी रोड के साथ ही नाला बनाने के लिए ग्रांट आई थी। इसका काम पंचायत सचिव, जेई व सरपंच आदि ने मिलकर ठेकेदार को दिया था, लेकिन इस काम में काफी गड़बड़ की गई थी और फर्जी बिल भी तैयार हुए थे।
पिपली के ही एक व्यक्ति ने इस पूरे मामले में रिकार्ड की मांग आरटीआई के माध्यम से की थी। इसके अलावा और भी कई प्रोजेक्ट में धांधली को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी। इससे बचने के लिए ही रिकार्ड में आग लगाई गई।
‘अमर उजाला’ ने कर दिया था पहले ही खुलासा
बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को पहले ही दिन से काफी प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला ने वारदात वाले दिन ही इस आगजनी के पीछे षडयंत्र का इशारा किया था और सरपंच की गिरफ्तार होने से पहले ही शुक्रवार के अंक में खुलासा किया था कि इस आगजनी के मामले में सरपंच पर गाज गिर सकती है।
आखिरकार अमर उजाला की खबर की सत्यता बनी रही और पुलिस ने आगजनी के आरोप में सरपंच को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सरपंच के साथ ही उसके बेटे, पंचायत सचिव और जेई समेत अन्य भी शक के दायरे में हैं।
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इसका खुलासा निजी अस्पताल में दाखिल सरपंच के नौकर कम चालक ने पुलिस पूछताछ में किया। उसकी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी सरपंच को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस की जांच का दायरा बढ़ते हुए पंचायत विभाग के ही कुछ अधिकारियों की ओर भी जा रहा है। आरोपी सरपंच को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
थाना सदर प्रभारी डीएसपी विजय देशवाल ने बताया कि आगजनी की वारदात 14 जून को रात 3 बजे के आसपास हुई थी। इस मामले में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के ब्यान पर मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जांच करने के दौरान ही कई ऐसे साक्ष्य सामने आए जिनसे मामला संदिग्ध लगा।
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मामला संदिग्ध लगने पर गहनता से जांच की तो मामले का खुलासा हो गया। इस मामले में सरपंच के नजदीकी रहे नौकर कम चालक सोनू से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने मामले का सच उगल दिया।
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सरपंच समेत अन्य के नाम का किया खुलासा
डीएसपी विजय देसवाल ने बताया कि युवक सोनू जो कि शहर के निजी अस्पताल में दाखिल है, वह पुलिस की निगरानी में है। उसने ही रिकार्ड पर पेट्रोल डालकर कर आग लगाई थी।
उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने सरपंच विरेन्द्र तलवाड़ के कहने पर पंचायत भवन के रिकार्ड रुम में आग लगाई थी। जिसमे उसे हाथ भी जल गए थे। इसके अलावा उसके पैरों में भी चोट आ गई।
तलवाड़ ट्रांसपोर्ट पर बनी थी साजिश
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सरपंच वीरेंद्र तलवाड़ की तलवाड़ ट्रांसपोर्ट के नाम से कार्यालय है। वहीं पर बैठकर पंचायत रिकार्ड में आग लगाने की साजिश रची गई थी।
यहां से तलवाड़ की रिट्ज गाड़ी में सवार होकर जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा गया और फिर आग लगाई गई।
अलमारी पहुंचाई थी दिन में ही पंचायत भवन में
सूत्रों के अनुसार यह अलमारी पहले पंचायत भवन की बजाय तलवाड़ ट्रांसपोर्ट में रहती थी, लेकिन साजिश के तहत यह अलमारी वारदात से एक दिन पहले 13 जून को ही धर्मशाला स्थित पंचायत भवन में पहुंचाई थी।
इसके बाद जानबूझ कर कमरे की खिड़कियां खुली छोड़ दी गई। इसके बाद तय योजना के तहत रात के समय सोनू वहां पहुंचा और उसने आग लगा दी। इससे उसके हाथ झुलस गए।
आरटीआई के चक्कर में लगाई आग
पुलिस सूत्रों के अनुसार जीटी रोड के साथ ही नाला बनाने के लिए ग्रांट आई थी। इसका काम पंचायत सचिव, जेई व सरपंच आदि ने मिलकर ठेकेदार को दिया था, लेकिन इस काम में काफी गड़बड़ की गई थी और फर्जी बिल भी तैयार हुए थे।
पिपली के ही एक व्यक्ति ने इस पूरे मामले में रिकार्ड की मांग आरटीआई के माध्यम से की थी। इसके अलावा और भी कई प्रोजेक्ट में धांधली को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी। इससे बचने के लिए ही रिकार्ड में आग लगाई गई।
‘अमर उजाला’ ने कर दिया था पहले ही खुलासा
बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को पहले ही दिन से काफी प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला ने वारदात वाले दिन ही इस आगजनी के पीछे षडयंत्र का इशारा किया था और सरपंच की गिरफ्तार होने से पहले ही शुक्रवार के अंक में खुलासा किया था कि इस आगजनी के मामले में सरपंच पर गाज गिर सकती है।
आखिरकार अमर उजाला की खबर की सत्यता बनी रही और पुलिस ने आगजनी के आरोप में सरपंच को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सरपंच के साथ ही उसके बेटे, पंचायत सचिव और जेई समेत अन्य भी शक के दायरे में हैं।