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लड़कियां डर से चिल्लाती रहीं, फायरिंग में दब गई आवाज
Updated Tue, 17 Apr 2018 12:46 AM IST
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लड़कियां डर से चिल्लाती रहीं, फायरिंग में दब गई आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जमीन पर कब्जे को लेकर की गई फायरिंग से बगल में स्थिति सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियां सहम गईं। वह बचने के लिए चीखतीं रहीं, लेकिन ताबड़तोड़ फायरिंग में उनकी आवाज दबकर रह गई। खूनी संघर्ष के दौरान हथियारों से लैस करीब 20-22 लोग राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश कर कए। यह देख क्लास में मौजूद छात्राएं और अन्य स्टाफ चीखने लगा। हमलावरों से बचाने के लिए स्टाफ ने छात्राओं को रूम में बंद कर लिया।
दरअसल गांव खरींडवा की पांच कनाल सात मरले विवादित भूमि इस स्कूल की दीवार से एकदम सटी हुई है। विवादित भूमि के सामने और स्कूल के पास फायरिंग हुई तो पूर क्षेत्र चीख-पुकार से गूंज गया। यह देख क्लास रूम में बैठीं बच्चियां डर से चीखने लगीं। कुछ देर बाद घटनास्थल पर पुलिस फोर्स के पहुंचने पर हालात कुछ नियंत्रण में आए तो स्कूल स्टाफ ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी। साथ ही बच्चियों को घर भेजकर मेनगेट पर ताला लगा दिया।
यह हुए घायल
घायलों में अंगूरी, रोशन, सुलेमान, दीनमोहम्मद, सिन्ना, फकीरिया, जाकत अली, उसमान, गुलजार, नूर मोहम्मद, अली हसन, साउद्दीन, शांति, सोहन, मनीष, रोहित, अकबर, हसमत, यासीन मोहम्मद, लियाकत अली, रेशमा, पम्मी, हुरशैदा, अकबरी, नीदन, खुर्शीद अली शामिल हैं। इनमें गंभीर रूप से घायल अकबर, हसमत, मनीष और रोहित को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। गोली लगने से घायल हुए दीन दीना, नूरदीन, मोहम्मद, गुलजार, यासीन मोहम्मद, लियाकत अली, उसमान खान, अली हसन को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया है। इनके अलावा 15 लोगों को चोटे आई हैं।
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दूसरे पक्ष के घायल
इस संघर्ष में दूसरे पक्ष के अंग्रेज, जसेमर सिंह, अजायब सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें अंग्रेज और जसमेर सिंह को पीजीआई चंडीगढ़, जबकि अजायब सिंह को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया है।
पथराव में पुलिस कर्मचारियों को भी लगीं ईंटें
इस खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचे गई। लेकिन, पथराव फिर भी चलता रहा। इसमें नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि उसे भी करीब तीन ईंटें उसकी छाती पर लगी हैं। इस मामले के तनाव को देखते हुए उसने इस मामले में किसी तरह की शिकायत नहीं की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जमीन पर कब्जे को लेकर की गई फायरिंग से बगल में स्थिति सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियां सहम गईं। वह बचने के लिए चीखतीं रहीं, लेकिन ताबड़तोड़ फायरिंग में उनकी आवाज दबकर रह गई। खूनी संघर्ष के दौरान हथियारों से लैस करीब 20-22 लोग राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश कर कए। यह देख क्लास में मौजूद छात्राएं और अन्य स्टाफ चीखने लगा। हमलावरों से बचाने के लिए स्टाफ ने छात्राओं को रूम में बंद कर लिया।
दरअसल गांव खरींडवा की पांच कनाल सात मरले विवादित भूमि इस स्कूल की दीवार से एकदम सटी हुई है। विवादित भूमि के सामने और स्कूल के पास फायरिंग हुई तो पूर क्षेत्र चीख-पुकार से गूंज गया। यह देख क्लास रूम में बैठीं बच्चियां डर से चीखने लगीं। कुछ देर बाद घटनास्थल पर पुलिस फोर्स के पहुंचने पर हालात कुछ नियंत्रण में आए तो स्कूल स्टाफ ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी। साथ ही बच्चियों को घर भेजकर मेनगेट पर ताला लगा दिया।
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यह हुए घायल
घायलों में अंगूरी, रोशन, सुलेमान, दीनमोहम्मद, सिन्ना, फकीरिया, जाकत अली, उसमान, गुलजार, नूर मोहम्मद, अली हसन, साउद्दीन, शांति, सोहन, मनीष, रोहित, अकबर, हसमत, यासीन मोहम्मद, लियाकत अली, रेशमा, पम्मी, हुरशैदा, अकबरी, नीदन, खुर्शीद अली शामिल हैं। इनमें गंभीर रूप से घायल अकबर, हसमत, मनीष और रोहित को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। गोली लगने से घायल हुए दीन दीना, नूरदीन, मोहम्मद, गुलजार, यासीन मोहम्मद, लियाकत अली, उसमान खान, अली हसन को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया है। इनके अलावा 15 लोगों को चोटे आई हैं।
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दूसरे पक्ष के घायल
इस संघर्ष में दूसरे पक्ष के अंग्रेज, जसेमर सिंह, अजायब सिंह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें अंग्रेज और जसमेर सिंह को पीजीआई चंडीगढ़, जबकि अजायब सिंह को एलएनजेपी कुरुक्षेत्र रेफर किया गया है।
पथराव में पुलिस कर्मचारियों को भी लगीं ईंटें
इस खूनी संघर्ष की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचे गई। लेकिन, पथराव फिर भी चलता रहा। इसमें नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि उसे भी करीब तीन ईंटें उसकी छाती पर लगी हैं। इस मामले के तनाव को देखते हुए उसने इस मामले में किसी तरह की शिकायत नहीं की है।