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झूठी वेरिफिकेशन करवा धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:29 AM IST
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धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाने पर मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद ।
पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर झूठी वेरिफिकेशन करवा धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज किया है । पुलिस को दी शिकायत में मोहल्ला सैदां निवासी हरप्रीत कौर ने कहा कि उसने नवंबर 2017 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जब वह पासपोर्ट कार्यालय पहुंची तो पता चला कि उसके नाम से पहले ही पासपोर्ट जारी हो चुका था। इस पर उसने 28 दिसंबर 2017 को शाहाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी और उस कॉपी को लेकर वह दोबारा पासपोर्ट ऑफिस गई और 3 जनवरी 2018 को नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया । जब स्थानीय पुलिस स्टेशन में दोबारा इंक्वायरी आई तो यहां से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर उसने एसपी कुरुक्षेत्र से यह जांच सीआईए स्टाफ द्वारा कराए जाने की मांग की। सीआईए वन के एएसआई पवन कुमार ने जांच के बाद पाया कि चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय द्वारा 25 सितंबर 2017 को एक पासपोर्ट जारी हुआ, जिसमें पासपोर्ट फॉर्म, राशन कार्ड, दसवीं की मार्कस शीट, वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट, पंजाब नेशनल बैंक की सेविंग खाते की कॉपी और एफिडेविट हरप्रीत कौर के नाम से थे । इन सभी दस्तावेजों को हरप्रीत कौर के पड़ोसियों और अन्य मौजिज व्यक्तियों को भी दिखाया गया। जिस पर पाया कि सभी कागजात हरप्रीत कौर के थे, लेकिन पासपोर्ट फार्म और राशन कार्ड पर लगी फोटो हरप्रीत कौर की नहीं, बल्कि उसकी दूर की रिश्तेदार सीमरप्रीत कौर की थी। इन सभी दस्तावेजों को तत्कालीन तहसीलदार एडी सचदेवा ने वेरीफाई किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद ।
पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर झूठी वेरिफिकेशन करवा धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाने का मामला दर्ज किया है । पुलिस को दी शिकायत में मोहल्ला सैदां निवासी हरप्रीत कौर ने कहा कि उसने नवंबर 2017 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। जब वह पासपोर्ट कार्यालय पहुंची तो पता चला कि उसके नाम से पहले ही पासपोर्ट जारी हो चुका था। इस पर उसने 28 दिसंबर 2017 को शाहाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी और उस कॉपी को लेकर वह दोबारा पासपोर्ट ऑफिस गई और 3 जनवरी 2018 को नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया । जब स्थानीय पुलिस स्टेशन में दोबारा इंक्वायरी आई तो यहां से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर उसने एसपी कुरुक्षेत्र से यह जांच सीआईए स्टाफ द्वारा कराए जाने की मांग की। सीआईए वन के एएसआई पवन कुमार ने जांच के बाद पाया कि चंडीगढ़ पासपोर्ट कार्यालय द्वारा 25 सितंबर 2017 को एक पासपोर्ट जारी हुआ, जिसमें पासपोर्ट फॉर्म, राशन कार्ड, दसवीं की मार्कस शीट, वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट, पंजाब नेशनल बैंक की सेविंग खाते की कॉपी और एफिडेविट हरप्रीत कौर के नाम से थे । इन सभी दस्तावेजों को हरप्रीत कौर के पड़ोसियों और अन्य मौजिज व्यक्तियों को भी दिखाया गया। जिस पर पाया कि सभी कागजात हरप्रीत कौर के थे, लेकिन पासपोर्ट फार्म और राशन कार्ड पर लगी फोटो हरप्रीत कौर की नहीं, बल्कि उसकी दूर की रिश्तेदार सीमरप्रीत कौर की थी। इन सभी दस्तावेजों को तत्कालीन तहसीलदार एडी सचदेवा ने वेरीफाई किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।