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आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में 250 से अधिक लोगों के स्वास्थ्य को जांचा
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Checked the health of more than 250 people in Ayurveda medical camp
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। आंबेडकर जयंती पर श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं अस्पताल की ओर से शास्त्री नगर और वाल्मीकि धर्मशाला में आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ बाबा साहेब आंबेडकर एवं भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। शिविर में 250 से अधिक नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसके साथ ही नि:शुल्क आयुर्वेदिक दवाइयों का वितरण किया।
श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने बताया कि शिविर का आयोजन राष्ट्रीय आयुर्वेद मिशन के सौजन्य से किया गया है। इस तरह के आयोजन संस्थान द्वारा समय-समय पर किए जाते हैं, ताकि सामान्य नागरिक भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने गरीब व पिछड़े तबके को शिक्षित और जागरूक करने के लिए उम्र भर काम किया ताकि समाज से जातिगत भेदभाव की खाई को खत्म किया जा सके। इसलिए इस दिन को भारत में समानता व ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
वर्तमान में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों जरूरी हैं। जिस तरह बाबा साहब ने शिक्षित बनो का नारा दिया था। हमारे संस्थान का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। वाल्मीकि धर्मशाला एवं माता मदानन कमेटी के प्रधान दीपक गिल ने कहा कि शिविर में वाल्मीकि बस्ती के साथ-साथ शहर के लोगों ने भी स्वास्थ्य की जांच कराई। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र चौधरी, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. नेहा लांबा, डॉ. दीपक, डॉ. अक्षय गर्ग, डॉ. प्रमोद, पवन कुमार, अलका, सुजाता, कल्पना, हरप्रीत कौर, प्रवीण और वाल्मीकि धर्मशाला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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श्रीकृष्णा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने बताया कि शिविर का आयोजन राष्ट्रीय आयुर्वेद मिशन के सौजन्य से किया गया है। इस तरह के आयोजन संस्थान द्वारा समय-समय पर किए जाते हैं, ताकि सामान्य नागरिक भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने गरीब व पिछड़े तबके को शिक्षित और जागरूक करने के लिए उम्र भर काम किया ताकि समाज से जातिगत भेदभाव की खाई को खत्म किया जा सके। इसलिए इस दिन को भारत में समानता व ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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वर्तमान में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों जरूरी हैं। जिस तरह बाबा साहब ने शिक्षित बनो का नारा दिया था। हमारे संस्थान का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। वाल्मीकि धर्मशाला एवं माता मदानन कमेटी के प्रधान दीपक गिल ने कहा कि शिविर में वाल्मीकि बस्ती के साथ-साथ शहर के लोगों ने भी स्वास्थ्य की जांच कराई। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र चौधरी, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. नेहा लांबा, डॉ. दीपक, डॉ. अक्षय गर्ग, डॉ. प्रमोद, पवन कुमार, अलका, सुजाता, कल्पना, हरप्रीत कौर, प्रवीण और वाल्मीकि धर्मशाला कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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