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Kurukshetra News: आंख फोड़ने के आरोपी को मिली जमानत, अदालत ने माना आंख से जुड़ी कोई चोट नहीं
Sat, 01 Nov 2025 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 01 Nov 2025 01:33 AM IST
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कुरुक्षेत्र। शाहाबाद में ढाबे के पास लूट और हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी पारस (22) को सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने नियमित जमानत दे दी। अदालत ने पाया कि घायल सतीश को लगी एकमात्र गंभीर चोट सह-अभियुक्त गुरप्रीत उर्फ जशन से जुड़ी है और इस मामले में कोई चोट पारस से जुड़ी नहीं है।
थाना शाहाबाद में दर्ज मुकदमे के अनुसार 17-18 जुलाई की मध्यरात्रि शिव डीलक्स ढाबे के पास पांच-छह मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अमित गिल और सतीश पर धारदार हथियारों से हमला किया जिसमें सतीश की आंख पर गंडासी से वार हुआ जिससे उसकी दाहिनी आंख की रोशनी स्थायी रूप से चली गई। पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सक ने चोट को गंभीर बताया। इसी वारदात के दौरान दाेनों पीड़ितों से साढ़े पांच हजार रुपये भी लूट लिए गए।
20 अगस्त को पारस और गुरप्रीत को गिरफ्तार करके दोनों से गंडासी बरामद करवाई। अन्य सह-अभियुक्तों में एक किशोर और कुलविंदर सिंह शामिल हैं। जांच पूरी होने पर चालान पेश किया गया।
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पारस के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शिकायत में पारस का नाम नहीं था, केवल सह-अभियुक्त के खुलासा बयान से जुड़ा, जो कानूनी रूप से अमान्य है। एफआईआर में दो दिन की देरी, कोई ठोस सबूत नहीं है। सतीश को एक ही चोट लगी, जो जशन से जुड़ी हुई है। शिकायतकर्ता अमित को कोई चोट नहीं। राज्य और शिकायतकर्ता के अधिवक्ताओं ने गंभीर आरोपों का हवाला देकर जमानत का विरोध किया।
अदालत ने पाया कि पारस के खिलाफ कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। 20 अगस्त से हिरासत में है, जांच पूरी होने तक मुकदमा लंबा चलेगा। इसके बाद गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी।
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थाना शाहाबाद में दर्ज मुकदमे के अनुसार 17-18 जुलाई की मध्यरात्रि शिव डीलक्स ढाबे के पास पांच-छह मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अमित गिल और सतीश पर धारदार हथियारों से हमला किया जिसमें सतीश की आंख पर गंडासी से वार हुआ जिससे उसकी दाहिनी आंख की रोशनी स्थायी रूप से चली गई। पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सक ने चोट को गंभीर बताया। इसी वारदात के दौरान दाेनों पीड़ितों से साढ़े पांच हजार रुपये भी लूट लिए गए।
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20 अगस्त को पारस और गुरप्रीत को गिरफ्तार करके दोनों से गंडासी बरामद करवाई। अन्य सह-अभियुक्तों में एक किशोर और कुलविंदर सिंह शामिल हैं। जांच पूरी होने पर चालान पेश किया गया।
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पारस के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शिकायत में पारस का नाम नहीं था, केवल सह-अभियुक्त के खुलासा बयान से जुड़ा, जो कानूनी रूप से अमान्य है। एफआईआर में दो दिन की देरी, कोई ठोस सबूत नहीं है। सतीश को एक ही चोट लगी, जो जशन से जुड़ी हुई है। शिकायतकर्ता अमित को कोई चोट नहीं। राज्य और शिकायतकर्ता के अधिवक्ताओं ने गंभीर आरोपों का हवाला देकर जमानत का विरोध किया।
अदालत ने पाया कि पारस के खिलाफ कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। 20 अगस्त से हिरासत में है, जांच पूरी होने तक मुकदमा लंबा चलेगा। इसके बाद गुण-दोष पर टिप्पणी किए बिना अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी।